सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव देहली २०२५
राष्ट्रपुरुषों का आदर्श सामने रखकर राष्ट्र के लिए योगदान देने का छात्रों ने किया निश्चय !

देहली, १५ दिसंबर (संवाददाता) : १५ दिसंबर को देहली के विभिन्न महाविद्यालयों एवं विद्यालयों के छात्रों ने भारत मंडपम् में आयोजित सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में लगाई गई शिवकालीन शस्त्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया । हिन्दवी स्वराज की स्थापना के काल में छत्रपति शिवाजी महाराज के सैनिकों ने जिन शस्त्रों का उपयोग किया, उन शस्त्रों को छात्रों ने प्रत्यक्ष हाथ में लेकर महाराज के सैनिकों के शौर्य का अनुभव किया । इस अवसर पर हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु चारुदत्त पिंगळेजी, धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी एवं सनातन के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. चेतन राजहंस ने छात्रों से संवाद किया । इस अवसर पर छात्रों एवं शिक्षकों ने राष्ट्रपुरुषों का आदर्श सामने रखकर राष्ट्रकार्य में योगदान देने का मानस व्यक्त किया ।
राधाकृष्ण विद्यानिकेतन विद्यालय एवं बालाजी महाविद्यालयसहित अन्य विद्यालयों-महाविद्यालयों के छात्रों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया ।
देहली के राधाकृष्ण विद्यानिकेतन के ५० छात्रों ने शस्त्रप्रदर्शनी का किया अवलोकन !
पुष्पविहार के राधाकृष्ण विद्यानिकेतन विद्यालय के ५० छात्रों ने शस्त्रप्रदर्शनी का अवलोकन किया । विद्यालय की वरिष्ठ अध्यापिका सारिका शर्मा एवं शिक्षिका कृत्रिका कटारिया इन छात्रों के लेकर आई थीं । छात्रों ने प्रदर्शनी में रखे गए शस्त्रों को हाथ में लेकर उनकी जानकारी ली ।
छात्र राष्ट्रपुरुषों के गुणों का अंगिकार करने का प्रयास करेंगे ! – सारिका शर्मा, वरिष्ठ अध्यापिका, राधाकृष्ण विद्यानिकेतन विद्यालय
शस्त्रप्रदर्शनी देखकर प्राचीन भारत में किसप्रकार कौशलपूर्ण शस्त्रों की निर्मिति की गई, यह ध्यान में आया । यह शस्त्रप्रदर्शनी देखकर छात्रों में राष्ट्रभक्ति एवा राष्ट्रगुण विकसित होने में सहायता होगी । राष्ट्र के लिए सबकुछ त्यागनेवाले राष्ट्रपुरुषों के गुण स्वयं में विकसित करने का हमारे छात्र निश्चित ही प्रयास करेंगे ।
राष्ट्रभक्ति की भावना जगानेवाली प्रदर्शनी ! – कृत्रिका कटारिया, अध्यापिका, राधाकृष्ण विद्यानिकेतन विद्यालय
शिवकालीन शस्त्र कैसे विज्ञान पर आधारित थी, यह ध्यान में आया । राष्ट्रपुरुषों एवं उनके कार्य की जानकारी देनेवाली ऐसी प्रदर्शनी का प्रत्येक विद्यालय में आयोजन करना आवश्यक है । यह प्रदर्शनी देखकर छात्रों में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत होगी ।
राधाकृष्ण विद्यानिकेतन विद्यालय के छात्रों की प्रतिक्रियाएं !
१. कु. देव नारायण, छात्र : भारतीय इतिहास में जिन शस्त्रों का उपयोग किया गया, उन शस्त्रों का स्पर्श करने पर अच्छा लगा तथा हमारे राष्ट्रपुरुषों के प्रति गर्व प्रतीत हुआ ।
२. कु. पूजा कौशिक, छात्रा (६ ठी कक्षा) : छत्रपति शिवाजी महाराज ने छोटी आयु में ही हिन्दवी स्वराज की स्थापना के लिए इन शस्त्रों का उपयोग कर युद्ध किए ।
३. कु. अनन्या (७ वीं कक्षा) : छत्रपति शिवाजी महाराज महिलाओं पर अत्याचार करनेवालों को किसप्रकार दंडित करते थे, यह उनके कार्य की जानकारी लेते समय ध्यान में आया, साथ ही मुझे महाराणा प्रताप का पराक्रम ज्ञात हुआ ।
बडी होकर मैं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की भांति बनूंगी ! – कु. आराध्या, (७ वीं कक्षा)
वर्तमान समय में अनेक प्रकार के यंत्र उपलब्ध हैं; परंतु पहले कारीगरों ने ये सभी शस्त्र हाथों से बनाए हैं । इसके लिए उन्होंने कितने परिश्रम किए हैं, यह ध्यान में आया । छत्रपति शिवाजी महाराज, एवं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने हमें स्वतंत्रता मिले; इसके लिए जो कार्य किया, वह ज्ञात हुआ । झांसी की रानी ने अपने बालक को पीठ से बांध कर अंग्रेजों से युद्ध किया । मैं भी बडी होने पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की भांति बनूंगी ।
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