Om Certificate For Hindus : नासिक से ‘ओम प्रतिष्ठान’की ओर से ‘प्रसाद शुद्धि अभियान’ का आरंभ !

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों तथा संत-महंतों ने यह संकल्पना सामने लाई गई है । इससे प्रसाद में की जानेवाली मिलावट तथा अन्य धर्मी बिक्रेताओं का हिन्दू धर्मस्थलों पर बढता हुआ अतिक्रमण रोका जा सकेगा, ऐसी जानकारी मराठी फिल्मजगत के वरिष्ठ अभिनेता शरद पोंक्षे ने पत्रकारवार्ता में दी ।

गुरु की सर्वश्रेष्ठ सेवा उनके सीख का प्रसार प्रचार करना है – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी, राष्ट्रीय मार्गदर्शक, हिन्दू जनजागृति समिति

वे यहां के अंबिका आश्रम में प.पू. सदगुरुदेव श्री गजानन महाराज बाबाजी के १०४ वें जन्मोत्सव कार्यक्रम हेतु पधारे साधकों का मार्गदर्शन कर रहे थे ।

हिन्दू राष्ट्र के आगमन को कोई नहीं रोक पाएगा ! – जगद्गुरु परमहंसाचार्य, तपस्वी शिविर ,अयोध्या, उत्तर प्रदेश

अयोध्या से ‘सनातन प्रभात’ का विशेष वृत्तांकन !

वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव में ‘हिन्दू राष्ट्र आक्षेप एवं खंडन’ इस ‘ई बुक’ का लोकार्पण !

‘ई बुक’ विक्रय के लिए एमेजोन पर उपलब्ध रहेगी । भारत में सेक्युलरवादी ‘हिन्दू राष्ट्र’ पर आपत्ति उठाते हैं । सेक्युलरवादी हिन्दू राष्ट्र की संकल्पना को संविधान विरोधी कहते हैं ।

चेन्नई के शिवाचारयार ट्रस्ट के न्यासी श्री. टी. एस्. साम्बमूर्ती कलिदोसजी का सत्कार

वैश्‍विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव के चौथे दिन अर्थात १९ जून को चेन्नई के शिवाचारयार ट्रस्ट के न्यासी श्री. टी. एस्. साम्बमूर्ती कलिदोस का सत्कार करते हुए चेन्नई के सनातन के साधक श्री. बाळाजी कोल्ला 

वैश्विक हिन्दू राष्ट्र महोत्सव हेतु प.पू. समर्थ श्री त्र्यंबकेश्वर चैतन्य महाराजजी एवं अन्य संतों के शुभाशीष !

सभी संतों ने हिन्दू राष्ट्र-स्थापना के लिए समर्थन देते हुए इस हेतु आशीर्वाद प्रदान किया ।

भारत को हिन्दू राष्ट्र बनने से कोई भी नहीं रोक सकता ! – पू. श्रीरामज्ञानीदास महात्यागी, संस्थापक, तिरखेडी आश्रम, गोंदिया, महाराष्ट्र

जिनकी शारीरिक क्षमता है, वह देह से, बौद्धिक क्षमता है वह बुद्धि से, इस प्रकार सभी को स्वयं की क्षमता के अनुसार हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए योगदान देना आवश्यक है । केवल भाषण देकर नहीं, तो प्रत्यक्ष योगदान देकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होगी । समाज परिवर्तनशील है ।

सर्व संतों एवं महात्माओं को हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए कार्य करना आवश्यक ! – पू. परमात्माजी महाराज, धारवाड, कर्नाटक

कर्नाटक में धारवाड के पू. परमात्माजी महाराज जी ने आवाहन किया कि, जब धर्म पर अधर्म बढ गया, तब भगवान परशुराम ने परशु धारण किया । ऐसे परशुराम को हमें अपना आदर्श मानना चाहिए । यह तपस्या करने का नहीं, युद्ध करने का समय है ।

सनातन के ‘ज्ञानशक्ति प्रसार अभियान’ को कोलकाता के पू. संत स्वामी श्री कल्याणेश्वरजी महाराज के आशीर्वाद

स्वामीजी को सनातन के ग्रंथ भेंट किए गए । उन्होंने उनमें से कुछ ग्रंथ उत्सुकता से पढे और वे कहने लगे, ‘‘मैं बहुत रुचि से सनातन के ग्रंथ और पाक्षिक ‘सनातन प्रभात’ पढता हूं ।’’ इससे पूर्व भी विविध कार्याें के लिए स्वामीजी के आशीर्वाद मिले हैं ।