मुंबई में होनेवाले श्री राजमातंगी महायज्ञ का विभिन्न स्थानों पर बैठकों के माध्यम से प्रचार !

आदिशक्ति देवी सती के १० स्वरूपों अर्थात दशमहाविद्याओं में से एक श्री राजमातंगी देवी हैं । श्री राजमातंगी देवी आदिशक्ति की प्रधानमंत्री (सलाहकार) तथा शक्ति एवं वाणी की देवी हैं । राष्ट्र के सर्वांगीण विकास एवं धर्मकार्य के लिए देवी का आशीर्वाद अत्यंत महत्त्वपूर्ण है ।

राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को श्री राजमातंगी महायज्ञ का निमंत्रण दिया गया ।

इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने ‘यज्ञ में आने का प्रयास करूंगा’, ऐसा आश्वासन दिया । इस अवसर पर सनातन संस्था की श्रीमती धनश्री केळशीकर, श्री. अशोक दाभोलकर एवं श्री. प्रीतम नाचणकर उपस्थित थे ।

सारसबाग को ‘शाहीनबाग’ नहीं होने देंगे – हिन्दुत्वनिष्ठों का निश्चय

समस्त पुणेवासियों का आस्था का केंद्र, साथ ही ऐतिहासिक एवं धार्मिकदृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जानेवाला सारसबाग तथा उसमें स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर परिसर की पवित्रता बनाए रखने की मांग को लेकर सारसबाग के पदपथ पर हिन्दुत्वनिष्ठों ने तीव्र आंदोलन किया ।

Swatantryaveer Savarkar Rashtriya Smarak : ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक’ का राष्ट्रप्रेम जागृति हेतु अभिनव उपक्रम अंडमान में क्रांतिकारियों ने सहे अमानवीय अत्याचारों की मार्मिक अनुभूति कराने हेतु कोल्हू चलाने का प्रत्यक्ष प्रदर्शन !

क्रांतिकारियों द्वारा भोगे गए इन अत्याचारों का बोध वर्तमान पीढी को हो, इस हेतु ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक’ की ओर से ४ तथा ५ अप्रैल को कोल्हू चलाने का प्रत्यक्ष प्रदर्शन आयोजित किया गया था ।

पेडों का गला कसनेवाले ठेकेदारों पर अपराध पंजीकृत कीजिए । – ‘सुराज्य अभियान’ कि मांग

जो बात एक समाजहितैषी संगठन के ध्यान में आती है, वह संपूर्ण व्यवस्था तथा जानकारी हाथ में होनेवाले प्रशासन के ध्यान में कैसे नहीं आती ? पर्यावरण का विनाश न हो, ऐसा प्रशासन को क्यों नहीं लगता ।

गैरमुस्लिम महिलाओं को शीघ्र तलाक मिले, इसके लिए कानूनी परिवर्तन करने की केंद्र सरकार से मांग !

उत्तर प्रदेश के विविध जिलों में राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति की बैठक संपन्न !

तनावमुक्त जीवन हेतु आध्यात्मिक साधना एवं स्वभावदोष-निर्मूलन आवश्यक ! – सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी, धर्मप्रचारक, हिन्दू जनजागृति समिति

सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी के मार्गदर्शन से विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विभा बहुत प्रभावित हुईं । उन्होंने पुनः ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करने की इच्छा व्यक्त की ।

गोवा राज्य में पहली ही बार एक दिवसीय पैदल वारी !

गोवा राज्य में पहली बार ही एक दिवसीय पैदल बारी का आयोजन किया गया था । प्रसिद्ध वक्ता ह.भ.प. सुहासबुवा वझे के आशीर्वाद से तथा उनके तत्त्वावधान में इस बारी का आयोजन किया गया था । इस बारी में ४०० से अधिक वारकरी तथा धर्मप्रेमी हिन्दू उपस्थित रहे ।

अराजकतत्वों ने राष्ट्रीय कथाकार महेशानंद महाराज के धार्मिक कार्यक्रम के फलक फाड़े !

अराजकतत्वों की बाधाएं आने पर धर्मकार्य दोगुने वेग से आगे बढ़ाने का संकल्प करने वाले महेशानंद महाराज !

हिन्दू साधु-संतों का विडंबना (अवमानना) करने वाला विज्ञापन सरकार ने वापस लिया ।

प्रधानता (पुरोगामित्व) के नाम पर बार-बार केवल हिन्दू धर्म के प्रतीकों की ही अवमानना क्यों की जाती है ? अन्य धर्मों में व्याप्त अंधश्रद्धा पर टिप्पणी करने का साहस प्रशासन क्यों नहीं दिखाता ?