यज्ञ करने के पीछे सच्चिदानंद परब्रह्म डॉक्टरजी का व्यापक एवं उदार उद्देश्य !

वैदिक धर्मपरंपरा में यज्ञ केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं है, अपितु उसे समष्टि के कल्याण हेतु दिव्य साधना माना गया है । हमारे ऋषि-मुनियों ने यज्ञसंस्कृति के द्वारा विश्वकल्याण का मार्ग दिखाया । उस परंपरा को आगे बढाते हुए गुरुदेवजी ने अब तक विभिन्न यज्ञों का आयोजन किया है ।

(और इनकी सुनिए …) ‘सनातनी प्रवृत्तियों द्वारा लघु कुंभपर्व के माध्यम से प्रतिगामी विचारों को बल दिया जा रहा है ’ – अधिवक्ता असीम सरोदे

सातारा जिले के वाई स्थित कर्मठ सनातनी प्रवृत्तियों ने सातारा के छत्रपति प्रतापसिंह महाराज, नाना जगन्नाथ शंकर शेठ एवं राजर्षि शाहू महाराज का विरोध किया था ।

हिन्दू समाज को संप्रदायों में विभाजित न होकर स्वयं एकजुट होना होगा l – Supreme Court

आप यह नहीं कह सकते कि “हम एक संप्रदाय के हैं और वे दूसरे के ।” यदि हिन्दू संप्रदाय दूसरों के लिए अपने द्वार नहीं खोलते, तो अंततः उनको ही हानि होगी। ऐसा अवलोकन सर्वोच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर की घटना की सुनवाई के समय किया ।

Pune Corporate Jihad : पुणे के हिंजवडी ‘आईटी पार्क’ में धर्मांतरण का जाल !

हिंजवडी, खराडी इव विमाननगर जैसे प्रमुख ‘आईटी पार्क’ में काम करनेवाले इंजीनियरों ने कंपनी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं । इन कंपनियों में मुस्लिम कर्मचारी सार्वजनिक रूप से अपने धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं ।

Sabarimala Temple : धार्मिक परंपरा में परिवर्तन करने से पूर्व उस धर्म के विद्वानों का मत लें ! – केरल सरकार

यही भूमिका सरकार ने इस आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश देने का निर्णय लेते समय क्यों नहीं अपनाई ? इससे यही सिद्ध होता है कि ‘साम्यवादी केरल सरकार हिन्दुओं की प्रथा-परंपराओं को ध्वस्त करना चाहती है’ !*

Nashik’s Kumbh : त्र्यंबकेश्वर-नासिक का कुंभपर्व विश्व को आकर्षक लगनेवाला होना चाहिए ! – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने यह चेतावनी भी दी कि कुंभपर्व के कामों में कोई बुरे उद्देश्य से अथवा जानबूझकर विलंब कराने के उद्देश्य से बाधा उत्पन्न करता हो, तो उसे नहीं छोडेंगे । ऐसे लोगों के विरुद्ध अपराध पंजीकृत किए जाएंगे ।

Rupali Chakankar : (और इनकी सुनिए…) ‘महिलाओं को पोथियों-पुराणों में आबद्ध किया गया है !’

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रूपाली चाकणकर का वक्तव्य
‘महिलाओं को संविधान का बोध होना चाहिए’, ऐसा भी दिया वक्तव्य

 हिन्दू संस्कृति के प्रसार के लिए ‘अपवर्ड फाऊंडेशन’ एवं ‘प्रग्याता’के माध्यम से कार्यरत देहली के श्री. आशीष धर !

श्री. आशीष धर एक ‘मेकैनिकल एंजिनियर’ (यांत्रिकी अभियंता) तथा सामाजिक उद्यमी हैं । (सामाजिक उद्यमी केवल लाभ के लिए कार्य नहीं करते, अपितु समाज में परिवर्तन लाना उनका मुख्य उद्देश्य होता है) श्री. आशीष धर ने भारतीय ज्ञानपरंपरा में समाहित गुलामी के प्रतीकों को मिटाकर हिन्दू संस्कृति की रक्षा हेतु समर्पित अनेक मंचों को आकार दिया है ।

Sundargarh Gharvapasi : आदिवासी हिन्दू समुदाय की एकता राष्ट्र की शक्ति है ! – भाजपा नेता प्रबल प्रताप जुदेव

श्री. जुदेव ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि स्वामी लक्ष्मणानंदजी ने ओडिशा के कंधमल में आदिवासियों का ईसाई पंथ में धर्मांतरित करने का षड्यंत्र रचनेवाले मिशनरी माफियाओं के विरुद्ध लडाई लडी थी ।

धर्म की रक्षा करने हेतु घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के जन्म लेने की आवश्यकता ! – श्रीमंत मुधोजी राजे भोसले

दुर्ग (छत्तीसगढ) में ‘शौर्यजागृति प्रशिक्षण शिविर’ में १ सहस्र से अधिक प्रशिक्षणार्थियों का सहभाग