यज्ञ करने के पीछे सच्चिदानंद परब्रह्म डॉक्टरजी का व्यापक एवं उदार उद्देश्य !
वैदिक धर्मपरंपरा में यज्ञ केवल एक धार्मिक क्रिया नहीं है, अपितु उसे समष्टि के कल्याण हेतु दिव्य साधना माना गया है । हमारे ऋषि-मुनियों ने यज्ञसंस्कृति के द्वारा विश्वकल्याण का मार्ग दिखाया । उस परंपरा को आगे बढाते हुए गुरुदेवजी ने अब तक विभिन्न यज्ञों का आयोजन किया है ।