विदेशी योगदान नियंत्रण विधि के नियमों में संशोधन किया गया

नई दिल्ली – केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (‘एफ.सी.आर.ए.’ अर्थात् ‘फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट’) के नियमों में बडा परिवर्तन किया है । नए संशोधनों के अनुसार अब धर्मांतरण को श्रद्धा-आधारित कर्मकांडों का भाग नहीं माना जाएगा । सरकार के इस कदम का सीधा प्रभाव उन निजी, धार्मिक एवं धर्मार्थ संस्थाओं पर पडेगा जो विदेशी दान के माध्यम से धर्मांतरण की योजनाएं बनाती हैं ।
🚨🇮🇳 Big Blow to Conversion Networks Using Foreign Funds!
The MHA has amended FCRA rules, making it clear that religious conversion is NOT a faith-based activity.
✅ Worship, prayer meetings, religious education, and spiritual programs remain permitted.
❌ Conversion… pic.twitter.com/yd7cNpeqDL
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 23, 2026
१. गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि नए नियमों के अनुसार धार्मिक शिक्षा, पूजा-अर्चना, प्रार्थना सभाएं, आध्यात्मिक कार्यक्रम, धार्मिक ग्रंथों का ज्ञान देना या समुदाय-आधारित धार्मिक सेवाए श्रद्धा-आधारित कर्मकांडों की श्रेणी में आएंगी तथा वे चलती रहेंगी ।
२. इसके अतरिक्त किसी भी व्यक्ति पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना, उसे प्रभावित करना या धर्म परिवर्तन हेतु अभियान चलाना ‘धार्मिक सेवा’ की श्रेणी से बाहर माना जाएगा ।
३. यदि किसी संस्था का विदेशी दान धर्मप्रसार या धर्मांतरण से जुडे कार्यों में उपयोग किया जाता है तो उसके विरुद्ध उक्त कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है ।
४. ऐसे प्रकरणों में योगदान के उपयोग की जांच, अनुमति से जुडी कार्रवाई या अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं ।
India UAE BrahMos Deal : संयुक्त अरब अमीरात भारत से ‘ब्राह्मोस’ क्षेपणास्त्र क्रय पर कर रहा है चर्चा !
विधान मंडल के वाहन तल में लावारिस स्थिति में १५ से अधिक वाहन पडे हैं ।
Maharashtra Uniform Civil Code : महाराष्ट्र में लागू किया जाएगा समान नागरिक संहिता का प्रारूप ! – योगेश कदम, गृहराज्यमंत्री
Ganga River Party : गंगा नदी में नाव पर मांस तथा मदिरा की दावत करने की घटना – ५ हिंदू युवकों को बंदी बनाया गया ।
तीन तलाक तथा ‘बहुपत्नीत्व’ के विषय पर विधानसभा में भारी कोलाहल
Love Jihad Planned Conspiracy : ५ राज्यों में ‘लव जिहाद’ की ७ घटनाएं सामने आईं !