Jaish Female Terrorist : जयपुर (राजस्थान) में हिन्दू महिला ‘जैश-ए-मोहम्मद’ के संपर्क में !

  • धर्मांतरण कर जिहादी आतंकवादी से ऑनलाइन रचाया विवाह l

  • पाकिस्तान जाने का कर रही थी प्रयास l

बबीता धाकड

जयपुर (राजस्थान) : राजस्थान आतंकवाद विरोधी दल (ATS) एवं गुप्तचर एजेंसियों ने यहां ‘जैश-ए-मोहम्मद’ आतंकवादी संगठन की एक महिला ‘स्लीपर सेल’ (छिपे रूप से आतंकवादियों की सहायता करनेवाले स्थानीय नेटवर्क) बबीता धाकड को बंदी बना लिया है । बबीता को बंदी बनाने से एक बडे नेटवर्क का भंडाफोड हुआ है । इस नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं का ब्रेनवॉश (भ्रमित कर) कर उन्हें लक्ष्य बनाए जाने की जानकारी सामने आई है । भारत में महिला आतंकवादी तैयार करने के लिए ‘जमात-उल-मुमिनात’ नाम से एक महिला विंग (विभाग) आरंभ किए जाने की बात भी सामने आई है ।

पाकिस्तानी आतंकवादी हैंडलर्स ने सोशल मीडिया के माध्यम से बबीता से संपर्क साधा था । इसके उपरांत उसे लगातार भारत-विरोधी एवं कट्टरपंथी साहित्य व वीडियो दिखाकर उसका पूरी तरह से ब्रेनवॉश किया गया । बबीता इस जाल में फंस गई एवं उसने ऑनलाइन ही ‘कलमा’ पढना आरंभ कर दिया । साथ ही अपना नाम बदलकर ‘खदीजा’ रख लिया । वह किसी बडी राष्ट्र-विरोधी गतिविधि को पूर्ण करने की तैयारी में थी । यह भी सामने आया है कि वह पाकिस्तान जाना चाहती थी ।

आतंकवादी अबू उबैदा के साथ करना था विवाह

पूछताछ में सामने आया है कि बबीता, अबू उबैदा नाम के एक आतंकवादी के संपर्क में थी । यह भी कहा जा रहा है कि बबीता ने इस उबैदा के साथ ऑनलाइन निकाह (विवाह) कर लिया था एवं अपना धर्म भी परिवर्तित कर लिया था । निकाह के उपरांत वह पाकिस्तान जाना चाहती थी, जिसके लिए उसने पासपोर्ट बनवाने का भी प्रयास किया था । बबीता को नेपाल, सऊदी अरब या संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रास्ते पाकिस्तान बुलाने की योजना थी । अबू उबैदा के प्रेमजाल में फंसी बबीता का एक ‘क्रिप्टोकरेंसी’ खाता भी है । बताया जा रहा है कि यह खाता भी बबीता को पाकिस्तान बुलाने के लिए ही खुलवाया गया था ।

पति के साथ विवाद के कारण जयपुर में पिता के साथ रह रही थी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बबीता मूल रूप से गंगापुर सिटी की रहने वाली है । बबीता के पिता खादी विभाग में कार्यरत थे । बबीता की शादी हिंडौन में हुई थी; परंतु पिछले लम्बे समय से पति के साथ अनबन एवं तलाक का प्रकरण चलने के कारण वह जयपुर में अपने पिता के साथ ही रह रही थी । इसी अकेलेपन एवं पारिवारिक विवाद के समय सोशल मीडिया पर सक्रिय होने के पश्चात वह आतंकवादियों के संपर्क में आ गई ।

संपादकीय भूमिका

हिन्दुओं को धर्मशिक्षा नहीं होने के कारण धर्माभिमान एवं राष्ट्राभिमान न होने से वे ऐसे जाल में फंस जाते हैं तथा धर्म व देश से छल करते हैं !