हिन्दूद्वेषी मुन्नवर फारूकी के कार्यक्रम को देहली पुलिस द्वारा अनुमति अस्वीकृत !

हिन्दू संगठित होने पर धर्महानि रोकी जा सकती है, इसका यह उदाहरण है !

दोषियों पर कठोर कार्रवाई कर नई मुंबई के सभी चर्च के अंतर्गत आनेवाले छात्रावासों की जांच की जाए !

हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों को ऐसी मांग क्यों करनी पडती है ? पुलिस स्वयं ही आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं करती ?