(और इनकी सुनिए…) ‘पंडितों के स्त्रियों को भ्रष्ट करने से औरंगजेब द्वारा ज्ञानव्यापी मंदिर की तोडफोड !’ – भालचंद्र नेमाडे

‘शिवाजी का मुख्य सेनापति मुसलमान था । उन्हें अपने लोगों पर (हिन्दुओं पर) विश्वास नहीं था । उस समय हिन्दू मुसलमान भेद ही नहीं था ।’ ऐसा छत्रपति शिवाजी महाराजजी का एकेरी उल्लेख करते हुए विषवमन !

(और इनकी सुनिए…) ‘भगवान श्रीकृष्ण  भी रुक्मिणी को भगाकर ले गए थे !’ – भूपेन बोरा, कांग्रेस के असम प्रदेशाध्यक्ष

कांग्रेसियों से इससे भिन्न अपेक्षा भी क्या  हो सकती है ? यदि बोरा ने अन्य धर्मियों के श्रद्धास्रोतों  के विषय में इस प्रकार का वक्तव्य दिया होता, तो अब तक उनका सर धड से जुदा करने के फतवे निकल गए होते !

बरेली (उत्तर प्रदेश) कावड यात्रियों पर पथराव के प्रकरण में भूतपूर्व नगरसेवक उस्मान अल्वी को बनाया बंदी !

मणिपुर की घटना पर बोलनेवाले राजकीय पक्ष बरेली की घटना के विषय में क्यों कुछ नहीं बोलते ? वह इसलिए कि यहां मार खानेवाले हिन्दू एवं मारनेवाले मुसलमान होने से वे मौन साधे हैं । यदि इसके विपरीत घटना हुई होती, तो ये राजकीय पक्ष टूट पडे होते !

(और अब इनकी सुनिए….) ‘संघ परिवार की नीति के कारण मणिपुर में ईसाई कुकी समाज के विरुद्ध हिंसा !’

केरल के मुख्य मंत्री पिनराई विजयन के विषैले बोल !

अल्लाह की कृपा से राज्य में कांग्रेस सरकार सत्ता में आई है !

क्या कर्नाटक के जिन बहुसंख्यक हिन्दुओं ने कांग्रेस को मत दिए, उनको यह वक्तव्य मान्य है ?
क्या मुसलमान मंत्री कभी ‘भगवान शंकर, विष्णु आदि हिन्दुओं के देवताओं की कृपा से सरकार सत्ता में आई’, ऐसा कहेंगे ?

(…इनकी सुनिए) ‘हिन्दू राष्ट्र का अर्थ है देश को नरक में भेजना !’ – राष्ट्रीय जनता दल के नेता शिवानंद तिवारी

‘इस्लामी राष्ट्र अर्थात स्वर्ग’ ऐसा तिवारी कहना चाहते हैं क्या ? वे भारत को इस्लामी देश बनानेवाले आतंकवादियों के ध्येय के विषय में कभी नहीं बोलते, यह ध्यान में रखें !

विश्वामित्र ऋषि के विषय में अश्लील विधान करने के प्रकरण में सरवर चिश्ती द्वारा क्षमायाचना !

हिन्दुओं के ऋषि-मुनियों के विषय में अश्लील वक्तव्य करनेवालों को कारागृह में डाल देना चाहिए; परंतु राजस्थान में कांग्रेस की सत्ता होने से वहां के धर्मांधों की पांचों उंगलियां घी में, यही सत्य है !  

(इनकी सुनिए) ‘वैज्ञानिक शोध पुराणों में ही लिख कर रखे हैं, ऐसा कहनेवालों से बात कैसे करेंगे ?’

जिस क्षेत्र का हमें ज्ञान नहीं है, उसके विषय में अपनी अज्ञानता का प्रदर्शन तो न करें, यह सरल एवं सीधा सामाजिक नियम भी न जाननेवाले हिन्दूद्वेषी स्वयं का ही उपहास उडा रहे हैं !

बांगलादेश में हिन्दुओं के नरसंहार की चेतावनी !

इसप्रकार मिथ्या आरोप कर हिन्दुओं को लक्ष्य करनेवाले धर्मांधों पर बांगलादेश सरकार कठोर कार्रवाई करे, इसलिए भारत सरकार को बांगलादेश पर दबाव डालना चाहिए !

(इनकी सुनिए…) ‘सत्ताधारी दल समाज में मुस्लिम द्वेष पूरी चतुराई से निभाते हैं !’ – अभिनेता नसीरुद्दीन शाह

इतने वर्ष मुसलमानों का तुष्टीकरण कर कांग्रेस को मत मिले । धर्म के आधार पर लाभ उठाया जा रहा है, तो भी नसीरुद्दीन शाह को कभी धर्म का स्मरण नहीं हुआ, ऐसा क्यों ?