इतिहासकार डॉ. जयसिंगराव पवार का निधन
‘छत्रपति संभाजी – एक चिकित्सा’ इस ग्रंथ के माध्यम से उन्होंने प्रमाणों के आधार पर छत्रपति संभाजी महाराज पर लगाए गए सभी गलत आरोपों का खंडन किया ।
‘छत्रपति संभाजी – एक चिकित्सा’ इस ग्रंथ के माध्यम से उन्होंने प्रमाणों के आधार पर छत्रपति संभाजी महाराज पर लगाए गए सभी गलत आरोपों का खंडन किया ।
एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा आठवीं की समाजशास्त्र पुस्तक में मुगलों के क्रूरता का इतिहास सम्मिलित किया गया है, साथ ही मराठा एवं सिख राजाओं की भी जानकारी विस्तृत रूप से दी गई है ।
‘छत्रपति संभाजी महाराज का जीवन पराक्रम, त्याग एवं बलिदान देखकर संपूर्ण महाराष्ट्र ही नहीं, अपितु संपूर्ण देश के लोगों की मानो सांसें रुक गईं; परंतु यह चलचित्र देखने के उपरांत हमें अपनेआप से प्रश्न करना चाहिए, ‘अब आगे क्या ?’
फिल्म प्रदर्शित होने से पूर्व उसके संबंध में कुछ विवाद उत्पन्न हुए थे; परंतु फिल्म के निर्देशक लक्ष्मण उतेकर ने इस फिल्म में गलत इतिहास रखने की अपेक्षा उन्होंने लोगों के सामने एक महान राजा का जीवनचरित्र पहुंचाने का प्रामाणिक प्रयास किया है !
‘वर्तमान समय में छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म ‘छावा’ सर्वत्र प्रदर्शित हुई है । इस विषय में कुछ लोगों के मन में निम्न प्रश्न उठ रहे हैं, ‘अंतकाल में छत्रपति संभाजी महाराज को इतनी तीव्र शारीरिक यातनाएं क्यों सहन करनी पडी ? इससे उन्हें कौनसा आध्यात्मिक लाभ हुआ ? शत्रुओं के चंगुल … Read more
दिल्ली में अब भाजपा की ही सरकार है, इसलिए ऐसी मांग करने की जरूरत ही नहीं होनी चाहिए, बल्कि सरकार को स्वयं मुस्लिम आक्रमणकारियों की निशानियां मिटानी चाहिए।
यह कानून इतना कठोर बनाया जाए कि पुनः कोई भी ऐसा बोलने का साहस न दिखाए । इसके लिए गैरजमानती अपराध के प्रावधान से युक्त कानून बनाना आवश्यक है ।
‘चोर भी और ऊपर से शिरजोर’ – यह समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी की पुरानी प्रवृत्ति है। लेकिन किसी भी सरकार ने कभी उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण वे इस तरह की बेलगाम बयानबाजी करते रहते हैं।
‘छावा’ फिल्म देखनेवाले हिन्दुओं को केवल फिल्म की प्रशंसा कर शांत रहने की अपेक्षा संगठित होकर औरंगजेब का समर्थन करनेवाले अबू आजमी का लोकतांत्रिक पद्धति से विरोध कर छत्रपति संभाजी महाराज की भांति धर्मकर्तव्य का निर्वहन करना चाहिए !
रोहित पवार ने क्या कभी अन्य पंथियों की धार्मिक पुस्तकों में समाहित लेखन पढा है ? काफिरों को किस प्रकार मारना चाहिए ?, यह उनकी सीख क्या रोहित पवार जानते हैं ? हिन्दुओं पर जजिया कर लगानेवाला औरंगजेब क्या कभी हिन्दुओं की मनुस्मृति सुनेगा ? जो बात विद्यालय के छात्र को भी समझ में आएगी, इतना भी समझ में न आनेवाले, विधायक हैं !