परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘ईश्वर पर तथा साधना पर विश्वास न हो, तब भी चिरंतन आनंद की आवश्यकता प्रत्येक व्यक्ति को होती है । वह केवल साधना से ही प्राप्त होता है । एक बार यह ध्यान में आ जाए, तो साधना का कोई पर्याय न होने के कारण, मानव साधना की ओर प्रवृत्त होता है ।’

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी को ज्ञानवापी में पूजा करने हेतु जाने से रोकने पर उनका अनशन !

जब तक ज्ञानवापी में प्रकट हुए आदि विश्वेश्वर शिवलिंग की पूजा नहीं करूंगा, तब तक मैं अन्न-जल नहीं लूंगा । पुलिस ने बताया कि ज्ञानवापी का प्रकरण न्यायालय में प्रलंबित है, इस कारण स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी को ज्ञानवापी के परिसर में प्रार्थना करने की अनुमति नहीं दी गई है ।

पाकिस्तान में चलते बनो !

भारत को धर्म के आधार पर विभाजित कर एक बडा भूभाग मुसलमानों को दिया गया; मात्र मोहनदास गांधी के ऐसा कहने पर कि ‘जिन मुसलमानों को भारत में रहना है, वे यहीं रह सकते हैं’, परिणामस्वरूप मुसलमानों की भारी जनसंख्या इस देश में ही रह गई । आज वही इस देश को नष्ट करने पर तुले हैं ।

कश्मीर में हिन्दुओं की हत्या के लिए पाकिस्तान उत्तरदायी ! – केंद्रीय सरकार

कश्मीर में १९९० से केवल हिन्दुओं को लक्ष्य बनाकर उन्हें मार डाला जा रहा है और उन्हें भागने के लिए विवश किया जा रहा है, यह जिहाद नहीं है तो क्या है ?

१२ से १८ जून की अवधि में गोवा में होनेवाले दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के उपलक्ष्य में …

इस्लामी अथवा ईसाई देशों की भांति हिन्दू राष्ट्र कोई संकीर्ण अवधारणा (संकल्पना) नहीं है, अपितु वह विश्वकल्याण का विचार करनेवाली, प्रत्येक नागरिक की लौकिक एवं पारलौकिक उन्नति का विचार करनेवाली एक सत्त्वप्रधान व्यवस्था है ।

हिन्दुओं का दमन रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !

संसार के अन्य किसी भी देश में बहुसंख्यकों के अधिकारों को ठुकराया नहीं जाता; परंतु भारत की ‘सेक्युलर’ राज्यप्रणाली के कारण हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुओं की उपेक्षा हो रही है । वह न हो इसलिए भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होना आवश्यक है ।

आगामी हिन्दू राष्ट्र की स्थापना में गोवा का महत्त्व !

जब मैं गोवा से लौट रहा था, तो मेरे मन में एक विचार आया कि भविष्य में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए गोवा का महत्त्व बहुत अधिक होगा; क्योंकि यदि हम छत्रपति शिवाजी महाराज के समय को देखें तो पाएंगे कि उन्होंने इतना बडा साम्राज्य खडा किया था; परंतु इसका आरंभ एक छोटी सी जगह से हुआ था ।

ज्ञानवापी मस्जिद का प्रकरण : गुप्तचर विभाग का केंद्र सरकार को ब्योरा !

‘ज्ञानवापी में पूजा एवं अन्य उत्सव मनाने का आदेश प्राप्त हो’, ऐसी याचिका हिन्दुओं की ओर से की गई है । उस पर उन्होंने धमकियां देना प्रारंभ कर दिया कि ‘हम दूसरी बाबरी नहीं होने देंगे ।’ इस पृष्ठभूमि पर गुप्तचर संस्था ने केंद्र सरकार को ब्योरा दिया है कि इस विषय पर देश में बडा उपद्रव किया जाएगा ।

आपातकाल में देवता की कृपा कैसे प्राप्त करनी चाहिए ?

हमें अपने रसोईघर को ‘अन्नपूर्णा कक्ष’ बना देना चाहिए । रसोईघर में अन्न का अभाव पड सकता है । अन्नपूर्णा कक्ष में संपूर्ण ब्रह्मांड का पोषण करनेवाली माता अन्नपूर्णा विराजमान होती है । उसके कारण वहां कभी भी किसी बात का अभाव नहीं होता ।

सनातन की ग्रन्थमाला : राष्ट्र एवं धर्म रक्षा

अंग्रेजोंकी मैकॉले प्रणित शिक्षाप्रणालीके दुष्परिणाम तथा पश्चिमी संस्कृतिका आक्रमण रोकने हेतु उपाय बतानेवाले जून २०१२ के ‘प्रथम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’ के मान्यवरोंके व्याख्यानोंसे युक्त ग्रन्थ !