‘जहां जाऊं मैं, वहां गुरुदेवजी आप ही हैं !’

इस लेखमाला में ‘ईश्वर साधकों का कैसे ध्यान रखते हैं ?’, इससे संबंधित प्रसंग दे रहे हैं । इससे ‘जहां जाऊं, वहां आप मेरे सहयात्री !’, यह संतवचन कितना सार्थ है, यह ध्यान में आएगा ।

आपातकालीन स्थिति : ऊर्जा सुरक्षा, अति आवश्यक आपूर्ति एवं ऊर्जा की बचत !

युद्धकाल का सामना करने के लिए तैयारी के रूप में आज ही कृति करना आवश्यक !

Sanatan Sanstha Press Meet : भारत की रक्षा हेतु मुंबई में १७ मई को ‘ श्री राजमातंगी महायज्ञ ’ !

संपूर्ण विश्व पर वर्तमान में तृतीय विश्वयुद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं । ऐसी स्थिति में केवल राजनीतिक अथवा बौद्धिक स्तर के प्रयास पर्याप्त नहीं हैं । राष्ट्र को आध्यात्मिक अधिष्ठान की महती आवश्यकता है ।

Hantavirus : हंता वायरस के संक्रमण से विश्वभर में चिंता ।

कोरोना महामारी के बाद अब विश्वभर में हंता वायरस को लेकर चिंता बढने लगी है । यह वायरस चूहों से मनुष्यों में फैलता है । अब तक विश्वभर में इसके ८ संदिग्ध रोगी पाए गए हैं, जिनमें से ५ लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है । इनमें ३ रोगियों की मृत्यु हो चुकी है ।

Temperature In Odisha : देश के आधे से अधिक राज्यों में लू (हीट वेव) का प्रकोप !

दिल्ली के स्कूलों में ‘वॉटर बेल’ प्रणाली लागू की जाएगी, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ४५ से ६० मिनट में घंटी बजाकर विद्यार्थियों को पानी पीने की याद दिलाई जाएगी ।

मृत्यु अथवा आपातकाल के भय से नहीं; अपितु मर्म समझकर साधना करें !

साधना वास्तव में क्यों करनी चाहिए ? और मनुष्य को साधना की आवश्यकता क्यों है ? यह यदि समझ लिया जाए, तो आपातकाल, मृत्यु एवं साधना के बीच उचित वैचारिक समन्वय स्थापित कर साधना में सही दिशा में आगे बढा जा सकता है और दृष्टिकोण स्पष्ट होने से जीवन सरल हो जाता है । इसी उद्देश्य से यह लेख प्रस्तुत है ।             

युद्धकाल में नागरिकों का आचरण कैसे होना चाहिए ?

राष्ट्र के नागरिक के रूप में हमें कुछ महत्त्वपूर्ण बातों का पालन कर सरकार के साथ दृढता के साथ खडे रहना तथा सेना पर अधिक तनाव न आए; इस दृष्टि से प्रयास करना आवश्यक होता है । तो वास्तव में क्या प्रयास करने चाहिए, आपने इसे कहीं पढा अथवा सुना होगा । इस लेख में हम ऐसे ही कुछ सूत्रों की पुनरावृत्ति कर रहे हैं ।

Prediction On India : खाडी देशों के कुछ क्षेत्रों पर भारत का नियंत्रण होगा !

सभी मुसलमान देश एक-दूसरे से लडकर नष्ट होंगें । विश्व में मुसलमानों की संख्या अन्य सभी धर्माें के लोगों से अल्प होगी तथा इसमें जो मुसलमान बचेंगे, वे धर्मात्मा होंगे ।

Astrologer Dr. Anil Vaidya : वर्ष २०२६-२७ में भारत ‘हिन्दू राष्ट्र’ के रूप में घोषित होने की संभावना !

अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष-भाष्यकार डॉ. अनिल वैद्य की भविष्यवाणी
वर्ष २०२५ से २०३२ का काल विश्व के लिए अत्यंत कठिन

अगले ६ महीने युद्ध का महासंकट – प्रसिद्ध ज्योतिषी सिद्धेश्वर मारटकर

‘सनातन प्रभात’ने विगत अनेक वर्षाें से आनेवाले महाविनाशकारी आपातकाल के विषय में ‘जनता को आपातकाल की तैयारी कैसे करनी चाहिए ?’, इस विषय में लेखमालाएं प्रकाशित की हैं ।