Nashik Kumbh Mela 2027 : नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभपर्व के बोधचिह्न का मुख्यमंत्री के द्वारा अनावरण !

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में वर्ष २०२७ में आयोजित होनेवाले सिंहस्थ कुंभपर्व के बोधचिह्न का अनावरण सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के हाथों से किया गया ।

शिवलिंग एवं उसके विभिन्न प्रकारों की जानकारी

वर्तमान समय में सबसे अधिक उपयोग में लाया जानेवाला शिवलिंग है ‘स्फटिक शिवलिंग !’ इस शिवलिंग का लाक्षणिक महत्त्व यह है कि अनिष्ट शक्तियों का नाश करने के लिए मुख्य रूप से इस शिवलिंग का उपयोग किया जाता है ।

Karnataka Dharmasthala : कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर प्रकरण के पीछे सुनियोजित षड्यंत्र !

कर्नाटक का धर्मस्थल प्रकरण एक षड्‌यंत्र था । यह उजागर हुआ है कि यह पूरा विवाद धर्मस्थल-विरोधी कार्यकर्ताओं ने उत्पन्न किया था ।

Objectionable Paintings : श्री महाकाली एवं भगवान शिव के नग्न एवं अश्लील चित्रों की प्रदर्शनी !

भगवान शिव एवं देवी श्री महाकाली को संभोग करते हुए बनाए गए चित्र भी लगाए गए हैं ।

शिवजी की उपासना का महत्त्व !

एक निर्दयी एवं महापापी व्याध (बहेलिया), एक दिन आखेट (शिकार) करने निकला । मार्ग में उसे शिवमंदिर दिखाई दिया । उस दिन महाशिवरात्रि थी । इस कारण, शिवमंदिर में भक्तजन पूजन, भजन, कीर्तन करते दिखाई दे रहे थे ।

तेजस्वी रूप में प्रकट हुए ज्योतिर्लिंग !

भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंग विख्यात हैं । सहस्रों लोग ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए इकट्ठा होते हैं । ‘ज्योतिर्लिंग’’ शब्द का अर्थ है ‘व्यापक ब्रह्मात्मलिंग’ अर्थात ही ‘व्यापक प्रकाश’ !

शिवमंदिर की विशेषताएं

शिवजी विवाहित दंपतियों के देवता, ‘शक्त्यासहितः शंभुः’ हैं । यदि शक्ति न हो, तो शिव का शव होता है । अन्य देवता चूंकि अकेले होते हैं, इसलिए उनकी मूर्तियों में अल्प ऊर्जा उत्पन्न होती है जिससे उनके देवालयों में ठंडक प्रतीत होती है ।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी को ज्ञानवापी में पूजा करने हेतु जाने से रोकने पर उनका अनशन !

जब तक ज्ञानवापी में प्रकट हुए आदि विश्वेश्वर शिवलिंग की पूजा नहीं करूंगा, तब तक मैं अन्न-जल नहीं लूंगा । पुलिस ने बताया कि ज्ञानवापी का प्रकरण न्यायालय में प्रलंबित है, इस कारण स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी को ज्ञानवापी के परिसर में प्रार्थना करने की अनुमति नहीं दी गई है ।

ज्ञानवापी मस्जिद का प्रकरण : गुप्तचर विभाग का केंद्र सरकार को ब्योरा !

‘ज्ञानवापी में पूजा एवं अन्य उत्सव मनाने का आदेश प्राप्त हो’, ऐसी याचिका हिन्दुओं की ओर से की गई है । उस पर उन्होंने धमकियां देना प्रारंभ कर दिया कि ‘हम दूसरी बाबरी नहीं होने देंगे ।’ इस पृष्ठभूमि पर गुप्तचर संस्था ने केंद्र सरकार को ब्योरा दिया है कि इस विषय पर देश में बडा उपद्रव किया जाएगा ।