(और इनकी सुनिए…) ‘कुंकुम इस्लामी देशों से आता है, तो क्या फिर हिन्दु तिलक लगाना बंद कर देंगे ?’ – Priyank Kharge

‘कुंकुम केसर से बनाया जाता है । ९० प्रतिशत कुंकुम इस्लामी देशों से आता है । ऐसा कहने पर क्या कल हिन्दु तिलक लगाना बंद कर देंगे ?’ ऐसा प्रश्न कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियांक खर्गे ने उपस्थित किया ।

आंध्रप्रदेश – उपद्रवी व्यक्ति ने शिवलिंग के सामने के दीप से सिगरेट जलाई।

भक्ति एवं आस्था के केंद्र मंदिर में कुछ उपद्रवियों ने अभद्र आचरण करने की चौंकानेवाली घटना कर्नूल जिले के आदोनी में की है । यहां के प्रसिद्ध संतान अंजनेय स्वामी मंदिर के निकट के शिवमंदिर में एक उपद्रवी ने शिवलिंग के सामने प्रज्वलित दीप से सिगरेट जलाकर हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की हैं ।

Nashik Kumbh Mela 2027 : नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभपर्व के बोधचिह्न का मुख्यमंत्री के द्वारा अनावरण !

नाशिक-त्र्यंबकेश्वर में वर्ष २०२७ में आयोजित होनेवाले सिंहस्थ कुंभपर्व के बोधचिह्न का अनावरण सह्याद्री अतिथिगृह में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के हाथों से किया गया ।

शिवलिंग एवं उसके विभिन्न प्रकारों की जानकारी

वर्तमान समय में सबसे अधिक उपयोग में लाया जानेवाला शिवलिंग है ‘स्फटिक शिवलिंग !’ इस शिवलिंग का लाक्षणिक महत्त्व यह है कि अनिष्ट शक्तियों का नाश करने के लिए मुख्य रूप से इस शिवलिंग का उपयोग किया जाता है ।

Karnataka Dharmasthala : कर्नाटक के धर्मस्थल मंदिर प्रकरण के पीछे सुनियोजित षड्यंत्र !

कर्नाटक का धर्मस्थल प्रकरण एक षड्‌यंत्र था । यह उजागर हुआ है कि यह पूरा विवाद धर्मस्थल-विरोधी कार्यकर्ताओं ने उत्पन्न किया था ।

Objectionable Paintings : श्री महाकाली एवं भगवान शिव के नग्न एवं अश्लील चित्रों की प्रदर्शनी !

भगवान शिव एवं देवी श्री महाकाली को संभोग करते हुए बनाए गए चित्र भी लगाए गए हैं ।

शिवजी की उपासना का महत्त्व !

एक निर्दयी एवं महापापी व्याध (बहेलिया), एक दिन आखेट (शिकार) करने निकला । मार्ग में उसे शिवमंदिर दिखाई दिया । उस दिन महाशिवरात्रि थी । इस कारण, शिवमंदिर में भक्तजन पूजन, भजन, कीर्तन करते दिखाई दे रहे थे ।

तेजस्वी रूप में प्रकट हुए ज्योतिर्लिंग !

भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंग विख्यात हैं । सहस्रों लोग ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के लिए इकट्ठा होते हैं । ‘ज्योतिर्लिंग’’ शब्द का अर्थ है ‘व्यापक ब्रह्मात्मलिंग’ अर्थात ही ‘व्यापक प्रकाश’ !

शिवमंदिर की विशेषताएं

शिवजी विवाहित दंपतियों के देवता, ‘शक्त्यासहितः शंभुः’ हैं । यदि शक्ति न हो, तो शिव का शव होता है । अन्य देवता चूंकि अकेले होते हैं, इसलिए उनकी मूर्तियों में अल्प ऊर्जा उत्पन्न होती है जिससे उनके देवालयों में ठंडक प्रतीत होती है ।