असम में जिहादी गतिविधियां चलानेवाले ७०० मदरसे बंद !

संपूर्ण देश के अनेक मदरसे जिहादियों को आश्रय देनेवाले अड्डे बन चुके हैं, यह अनेक बार प्रमाणित हुआ है । इसलिए अब ऐसे कानून को केवल असम तक सीमित न रखकर केंद्र शासन को उसे राष्ट्रीय स्तर पर बनाने की आवश्यकता है !

हिमाचल प्रदेश में अब बलपूर्वक सामूहिक धर्मांतरण करने पर १० वर्ष कारावास !

बलपूर्वक धर्म परिवर्तन करने पर दंड देना, भले ही उचित हो, किंतु मूलत: धर्मांतरण करना संभव ही न हो, इसके लिए कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है, जिस पर केंद्र सरकार को ध्यान देना चाहिए !

अमेरिका में ‘बंदूक संस्कृति’ के विरुद्ध नीचे के सदन में विधेयक सम्मत !

अमेरिका के ‘सीनेट’ में विधेयक सम्मत होना कठिन !

‘वन्दे मातरम्’ के सम्मान के लिए देश में कानून बनाया जाए ! – अधिवक्ता उमेश शर्मा, सर्वाेच्च न्यायालय

‘वन्दे मातरम्’ भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे देश के प्रत्येक नागरिक को मान्य करना चाहिए । अन्यथा हमें देश का नागरिक कहलवाने का कोई अधिकार नहीं है । ‘वन्दे मातरम्’ गीत में भारतमाता का सम्मान है ।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रवर्तन निदेशालय के बंदी के अधिकार अबाधित !

‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (पी.एम्.एल्.ए.) कानून के अंतर्गत बंदी के लिए प्रवर्तन निदेशालय के (‘ईडी’के) अधिकार सर्वोच्च न्यायालय ने कायम रखा है । इस कानून के अंतर्गत व्यवस्थाओं को संविधानात्मक आवाहन देनेवाली याचिकाओं पर सुनवाई करते समय न्यायालय ने यह निर्णय दिया ।

वृत्त जालस्थलों के लिए केंद्र सरकार अब नए कानून बनाएगी !

अबतक अंग्रेजों के बनाए कानूनों का अस्तित्व में होना, स्वतंत्रता उपरांत के सभी शासनकर्ताओं के लिए लज्जाजनक !

कानून में स्थित त्रुटियों के कारण न्यायालयीन निर्णयों से सच्चाई नहीं बाहर आती ! – अधिवक्ता मकरंद आडकर, अध्यक्ष, महाराष्ट्र शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्था, नई देहली

‘दार-उल-इस्लाम’ धर्मांधों की संकल्पना है इसलिए उन्हें भारतभूमि को ‘गजवा-ए- हिंद’ बनाना है । अत: धर्मांधों द्वारा ‘लैंड जिहाद’ का षड्यंत्र रचा जा रहा है । यह रोकने के लिए ‘सब भूमी गोपाल की’ अर्थात ‘सब भूमि हमारी है’, यह तत्त्व मन में बिंबित करना होगा ।

सर्वोच्च न्यायालय  में ‘पूजा के स्थान अधिनियम’ की कुछ धारा की वैधता को चुनौती !

भाजपा के पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय ने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका प्रविष्ट  कर ´पूजा स्थल अधिनियम १९९१ ´ की कुछ धाराओं की वैधता को चुनौती दी है, जो ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण के कारण प्रमुखता से उजागर हुई हैं ।

मार्ग में अनुचित ढंग से वाहन खडा करनेवालों को अब १ सहस्र रुपए का दंड

 शीघ्र ही कानून नई देहली – केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री नितीन गडकरी ने एक कार्यक्रम में मार्ग में अनुचित ढंग से वाहन खडे करनेवालों से अब १ सहस्र रुपए का दंड लिए जाने की जानकारी दी । इस संदर्भ में शीघ्र ही नया कानून बनाए जाने की जानकारी भी उन्होंने दी । If Rs 1,000 … Read more

बुलडोजर की कार्यवाही कानून के अनुसार होनी चाहिए ! – उच्चतम न्यायालय

मुसलमान दंगाइयों के अनधिकृत घरों पर कार्यवाही करने का प्रकरण नई दिल्ली – उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की बुलडोजर कार्यवाही के विरोध में प्रविष्ट याचिका पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई । सरकारी महाधिवक्ता (सॉलिसिटर जनरल) तुषार मेहता ने सरकार का पक्ष रखते हुए इस कार्यवाही को योग्य ठहराया, जबकि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता … Read more