मनु, चाणक्य और बृहस्पति द्वारा विकसित भारतीय न्याय व्यवस्था ही भारत के लिए योग्य !

उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति ने यह विचार व्यक्त किए होंगे, तो भी भारत के तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादी, ढोंगी आधुनिकतावादी यह स्वीकार नहीं करेंगे और इस विचार को ‘स्वयं को अधिक समझता है’ इस मनोदशा में विरोध करेंगे !

असम में गोतस्करों की संपत्ति जप्त करने का विधेयक पारित !

गोहत्या और गोतस्करी के संबंध में केंद्र सरकार ने कठोर कानून बनाया, तो देश के राज्यों को अलग-अलग कानून बनाने की आवश्यकता नहीं होगी ! केंद्र सरकार को ऐसा कानून शीघ्रातिशीघ्र बनाना चाहिए, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !

नागालैंड में सैनिकों की गोलाबारी में नागरिकों की मृत्यु और उसके उपरांत सामने आई प्रतिक्रियाएं !

४ दिसंबर २०२१ को नागालैंड में भारतीय सेना की गोलाबारी में १३ नागरिकों की मृत्यु होने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई । इस राज्य में विद्रोहियों के कई समूह कार्यरत हैं; परंतु वर्तमान में उन्होंने भारतीय सेना के साथ शस्त्रसंधि की हुई है । उसके कारण उनमें आक्रमण नहीं होते; परंतु ऐसी संभावना सदैव ही बनी रहती है ।

केंद्र सरकार ने विदेशी दान विनियमन अधिनियम के अंतर्गत मदर टेरेसा के संगठन के पंजीकरण का नवीनीकरण किया !

पंजीकरण रहित करने के कारण, ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से मदर टेरेसा के संगठन को ७८ लाख रुपये दिए थे । क्या सरकार इस राशि को अब वापस लेगी ?

वक्फ बोर्ड को मिले अधिकारों समान मठ, मंदिर और आश्रमों को अधिकार नहीं !

भाजपा सरकार के रहते इस प्रकार का भेदभाव करने वाला कानून होना हिन्दुओं को अपेक्षित नहीं । हिन्दुओं को न्यायालय में जाकर ऐसी मांग न करनी पडे, तो केंद्र सरकार को ही यह कानून रहित करना चाहिए !

गोहत्या बंदी कानून और गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करें !

ऐसी मांग करनी पडती है ? अभी तक की सरकारों द्वारा गोहत्या बंदी कानून और गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना आवश्यक था, ऐसा ही हिन्दुओं को लगता है !

वर्ष २०२०-२१ में, विदेशों से गैर सरकारी संगठनों को निधि हस्तांतरण में भारी कमी ! – संसद में केंद्र सरकार की जानकारी

विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन अधिनियम २०२०, संसद द्वारा पारित किया गया था और सितंबर २०२० में, विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम २०१० की धारा ७ में संशोधन किया गया था । यह विदेशी योगदान के हस्तांतरण को रोकता है ।”

श्रीराम, श्रीकृष्ण, साथ ही भगवद्गीता, महाभारत, रामायण और गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त होना चाहिए !

विद्यार्थी अवस्था में बच्चों को गीता, रामायण और महाभारत सिखाई, तो शाला के विद्यार्थी सत्शील एवं सुसंस्कारी होंगे ।

आवश्यकता होने पर पुनः कृषि कानून बनाए जाएंगे ! – राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र

प्रधानमंत्री मोदी का यह निर्णय साहस एवं शौर्य दिखाता है ; परंतु, भविष्य में आवश्यकता होने पर पुनः एक बार कृषि कानून बनाए जाएंगे”, ऐसा वक्तव्य राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने किया है ।

संसद में कानून निरस्त होने तक आंदोलन शुरू ही रहेगा  ! – किसान नेता राकेश टिकैत

‘कृषि उपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकार की भूमिका अभी तक स्पष्ट नहीं हुई है । सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसानों के अन्य सूत्रों पर भी चर्चा करनी चाहिए’, ऐसा भी टिकैत ने कहा ।