विधायक टी. राजा सिंह की ४ अप्रैल को बिलोली (नांदेड) में होने वाली सभा को उच्च न्यायालय की अनुमति !

विधि तथा व्यवस्था का कारण देकर सदैव हिन्दुओं की ही सभाओं में बाधा क्यों उत्पन्न की जाती है ? केंद्र एवं राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ विचारधारा की सरकार होते हुए भी पुलिस प्रशासन ऐसी कार्रवाई जानबूझकर किसके परामर्श पर करता है ? इसकी जांच करना भी आवश्यक है !

अपराध में नाम न होते हुए भी शपथपत्र दिया; इसके कारण अधिवक्ता के साथ अपराधी जैसा व्यवहार !

भोईबाडा पुलिस ने अधिवक्ता अनेश परळकर को १३, १४ एवं १६ मार्च ऐसे ३ दिन तक पुलिस थाने बुलाकर उनके साथ किसी अपराधी जैसा व्यवहार किया तथा इतने तक न रूककर उन्हें बंदी बनाने की, साथ ही उनकी वकालत की अनुज्ञप्ति निरस्त करने की भी धमकी दी, ऐसी जानकारी अधिवक्ता (पू.) सुरेश कुलकर्णीजी ने दी ।

Maharashtra Mandir Nyas Parishad : गढ-किलों पर किए गए अतिक्रमर बुलडोजर लगाकर ध्वस्त करेंगे ! – रोजगार आश्वस्तता एवं फलोत्पादन मंत्री भरतशेठ गोगावले

छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिस भूमि में अफजलखान की आंतरियां बाहर निकाली, उसी पावन सातारा में आयोजित इस परिषद में १ सहस्र १०० से अधिक मंदिरों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए हैं ।

तमिलनाडु उच्च न्यायालय का वक्फ बोर्ड के विरोध में निर्णय !

‘वक्फ कानून १९९५’ में किए गए संशोधन के विरोध में तमिलनाडु उच्च न्यायालय में प्रविष्ट की गई याचिका

प्रधानमंत्री मोदी के अपमान के विरुद्ध उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय की कठोर भूमिका !

‘पाकिस्तानी आतंकियों ने २२.४.२०२५ को कश्मीर के पहलगाम में हिन्दू पर्यटकों पर आतंकी आक्रमण किया, जिसमें २६ हिन्दू पर्यटकों की मृत्यु हुई । भारत ने इसका मुंहतोड उत्तर दिया ।

हिन्दू लडकियों के गले में ‘लव जिहाद’ का फंदा !

देखा जाए, तो पडोसी, परिचित, पुलिस एवं प्रशासन पीडित हिन्दुओं की सहायता नहीं करते, जिससे धर्मांधों को खुली छूट मिलती है; इसलिए हिन्दुओं को उनके लडके-लडकियों को धर्म की शिक्षा देना ही इसका एकमात्र उपाय है ।

रोगी के प्राणों क लिए संकटकारी डॉक्टरों की लापरवाही !

रोगी के प्राण बचे अथवा चले गए, तब भी रोगी के परिजनों को लाखों रुपए का बिल भरना पडता है। अनेक कष्ट सहन कर बहुत अल्प रोगी ग्राहक मंच, न्यायालय अथवा पुलिस थाने जाते हैं; परंतु वहां का उनका अनुभव भी पहले अनुभव से अलग नहीं होता।

भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के महान सेनापति डॉ. आर. चिदंबरम् !

कुछ दिन पूर्व डॉ. चिदंबरम् के रूप में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की लडाई में योगदान देनेवाला सेनापति हमने खो दिया है । ४ जनवरी २०२५ को ८८ वें वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ । उनका देश के लिए योगदान अतुलनीय है । भारत के इस वैज्ञानिक के विषय में अब हम जान लेते हैं ।  

ईसाई धर्मांतरितों के दुराग्रह को भारत के महाधिवक्ता का मुंहतोड उत्तर !

भावनात्मक होकर न्यायदान करने की अपेक्षा न्याय मांगनेवाला क्या विचार तथा बुद्धि लेकर आपके सामने आया है, इसे पहचानना समय की मांग है ।’

Mumbai HC On HJS PIL : मुंबई उच्च न्यायालय ने श्री तुळजाभवानी देवी के खजाने का सोना और चांदी को पिघलाने की धाराशिव जिला कलेक्टर की मांग को रद्द कर दिया !

समिति के प्रयासों के कारण देवस्थानों में चल रही अनियमितताएं तथा भ्रष्टाचार को रोकने में सहायता मिली है । श्री तुळजाभवानीदेवी की संपत्ति की रक्षा तथा भ्रष्टाचार करनेवालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए; इसके लिए हम न्यायालयीन लडाई जारी ही रखेंगे ।’ – श्री. सुनील घनवट