मनु, चाणक्य और बृहस्पति द्वारा विकसित भारतीय न्याय व्यवस्था ही भारत के लिए योग्य !

उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति ने यह विचार व्यक्त किए होंगे, तो भी भारत के तथाकथित धर्मनिरपेक्षतावादी, ढोंगी आधुनिकतावादी यह स्वीकार नहीं करेंगे और इस विचार को ‘स्वयं को अधिक समझता है’ इस मनोदशा में विरोध करेंगे !

हरिद्वार में हुई धर्म संसद में वक्ताओं के कथित आपत्तिजनक विधानों के कारण उच्चतम न्यायालय के ७६ अधिवक्ताओं का मुख्य न्यायाधीश का पत्र

हिन्दुओं पर होने वाले अत्याचारों के विषय में, साथ ही उनके ऊपर होनेवाले आक्रमणों के विषय में इस प्रकार का पत्र लिखने की सद्बुद्धि इन अधिवक्ताओं को कभी क्यों नही होती या कानून और सुव्यवस्था केवल अन्य धर्म के लोगों के लिए ही होती है , ऐसा उन्हें लगता है ?

उच्चतम न्यायालय ने बनाई जांच करने के लिए उच्चस्तरीय समिति !

पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी काँग्रेस के किस बडे नेता के कहने पर काम कर रहे थे ? – भाजपा ने किया आरोप

उच्चतम न्यायालय की ओर से निवृत्त न्यायाधीशों के नेतृत्व में उच्चस्तरीय जांच समिति की स्थापना

पंजाब में प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के समय सुरक्षा व्यवस्था में हुई अक्षम्य गलती का मामला
केंद्र और पंजाब सरकार को जांच रोकने का आदेश

तिरुपति के जल क्षेत्र पर अतिक्रमण कर हिरा इस्लामिक विद्यापीठ द्वारा किया अवैध निर्माण कार्य हटाने का आंध्रप्रदेश उच्च न्यायालय का आदेश

ऐसा आदेश न्यायालय को क्यों देना पडता है ? अवैध निर्माण कार्य होने तक सरकारी तंत्र सो रहे थे क्या ?

भारतमाता और भूमाता के विरोध में अपमानजनक विधान करने वाले पादरी पर लगा गुनाह रहित करने का मद्रास उच्च न्यायालय का नकार

इस प्रकार का निर्णय देने वाले मद्रास उच्च न्यायालय का अभिनंदन ! ‘न्यायालय ने आगे ऐसे आरोपियों को दोषी ठहराकर कठोर से कठोर सजा देने से ही अन्य लोगों पर डर निर्माण होगा’, ऐसा ही राष्ट्र प्रेमियों को लगता है !

प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा व्यवस्था में हुई गलती के मामले में उच्चतम न्यायालय में याचिका प्रविष्ट !

पंजाब दौरे के समय आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी के काफिले का मार्ग अचानक रोका !
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी !

अधिवक्ताएं ७५वें वर्ष में भी अभियोग लड सकते हैं, तो न्यायाधीशों के लिए ६५वें वर्ष में सेवानिवृत्ति क्यों ? – एटर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल

७० से ७५ वर्ष आयु के अधिवक्ताओं को युक्तिवाद करने में कोई समस्या नहीं आती, तो सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश ७०वें वर्ष में और उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ६५वें वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं ।

भ्रष्ट कर्मचारियों को फांसी की सजा देनी चाहिए ! – मद्रास उच्च न्यायालय

भ्रष्टाचार के आरोपियों को पदोन्नति देने वालों पर भी कार्यवाही करनी चाहिए ! भारत में आज भ्रष्टाचार शिष्टाचार होकर भ्रष्ट लोगों को सम्मान दिया जा रहा है, यही भ्रष्ट कर्मचारियों को पदोन्नति देने के मामले से दिखता है !