पंढरपुर के श्री विठ्ठल की मूर्तियों के रासायनिक विलेपन पर न्यायालय ने रोक लगाई !

वारकरी संगठन एवं मंदिर महासंघ द्वारा प्रविष्ट याचिका पर पंढरपुर के न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय !

ईरानी गायिका को हिजाब के बिना गीत प्रस्तुत करने पर ७४ कोडों का दंड !

“शबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश प्रतिबंध को लेकर दिन-रात जोर-शोर से आवाज उठानेवाली महिला अधिकार कार्यकर्ता अब कहां गायब हो गई हैं ? या फिर महिला अधिकार केवल उनका एक मुखौटा है परन्तु उनका वास्तविक उद्देश्य मूलतः हिन्दू धर्म का विरोध करना ही है ?”

‘टेलीग्राम’ (Telegram) ऐप पर लगी अस्थायी रोक लागू रहेगी – Delhi High Court

न्यायालय ने कहा कि ‘नीट’ (NEET) की पुनर्परीक्षा की पृष्ठभूमि में टेलीग्राम पर २२ जून तक प्रतिबंध लागू रहेगा ।

यदि बहुसंख्यक हिन्दू मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण का विरोध किया जा रहा है तो प्रशासन को उनकी बात सुननी चाहिए ! – Madras High Court

कोईम्बतूर में एक सौ वर्ष पुराने ‘मरियम्मन’ मंदिर के समीप गिरजाघर के निर्माण पर अंतरिम स्थगन दिया गया !

Satyaki Savarkar : प्रतिवादी की प्रतिपृच्छा में स्वतंत्रता सेनानी सावरकर के पोते सात्यकी सावरकर ने सधे हुए उत्तर देकर राहुल गांधी के अधिवक्ताओऺ के कुत्सित मनोरथ उड़ा दिए !

स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के संबंध में निराधार आरोप एवं आपत्तिजनक वक्तव्य देने के प्रकरण में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के विरुद्ध चल रहे मानहानि के परिवाद की सुनवाई पुणे की विशेष न्यायपीठ में चल रही है ।

‘टेलीग्राम’ ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती

आगामी २१ जून को देश में आयोजित होने वाली ‘नीट’ (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट — राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने टेलिग्राम ऐप पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है ।

आतंकवादी कसाब ने कारागृह में मटन बिरयानी मांगने का समाचार जानबूझकर फैलाया था ! – वरिष्ठ अधिवक्ता पद्मश्री उज्ज्वल निकम

२००८ में मुंबई पर हुए आतंकवादी आक्रमण के मुख्य आरोपी अजमल कसाब के प्रति सहानुभूति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रसार माध्यमों के पास जाकर कहा कि, कसाब ने मटन बिरयानी मांगी है । ऐसा वक्तव्य अधिवक्ता उज्ज्वल निकम ने किया ।

केरल राज्य परिवहन निगम को महिला को ३५ हजार रुपये क्षतिपूर्ति ( हानिभरपाई ) देनी होगी ! — उपभोक्ता न्यायालय का आदेश

समय से पहले बस छूट जाने के कारण एक महिला की बस छूट गई, जिससे अस्पताल में डॉक्टर से मिलने का उसका निर्धारित समय भी निकल गया ।

सामाजिक माध्यमों का उपयोग न्यायाधीशों की छवि खराब (बदनाम) करने के लिए नहीं किया जा सकेगा – Delhi High Court

आपत्तिजनक वीडियो हटाने का आदेश दिया।

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा ‘न्यूजक्लिक’ समाचार वेबसाइट पर की गई कार्यवाही समाप्त ।

अमेरिका स्थित एक प्रतिष्ठान से प्राप्त विदेशी निवेश में अनियमितता पाए जाने के विषय में ‘न्यूजक्लिक’ इस समाचार वेबसाइट तथा उसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के विरुद्ध की गई कार्यवाही को दिल्ली उच्च न्यायालय ने समाप्त कर दिया।