एक ही व्यक्ति के नाम अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में होने (दोहरे मतदाता) की यह संख्या है
बेंगलुरु (कर्नाटक) — नगर में चल रही विशेष पुनरावलोकन प्रक्रिया में ४ लाख अवैध मतदाताओं की जानकारी प्रकाश में आई । कुछ मतदाताओं के पास एक से अधिक स्थानों के मतदाता पहचान पत्र (दोहरे मतदाता) पाए गए । कर्नाटक सहित १६ राज्य एवं ३ केन्द्र शासित प्रदेशों में तीसरे चरण की पुनरावलोकन प्रक्रिया चल रही है एवं राज्य के लाखों मतदान केंद्र स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच कर रहे हैं ।
१. प्रक्रिया की व्याप्ति: निर्वाचन अधिकारियों के आंकडों के अनुसार ग्रेटर बेंगलुरु क्षेत्र के ५ महानगरपालिकाओं के २८ विधानसभा क्षेत्रों में अनुमानित ९७ लाख मतदाता हैं ।
२. अन्य जिलों अथवा राज्यों में इन नाम: इन में से ४ लाख लोगों के नाम राज्य के अन्य जिलों या अन्य राज्यों की मतदाता सूची में भी पाए गए हैं ।
३. एक ही विधानसभा में विभिन्न स्थानों पर नाम: इसके अतिरिक्त अनुमानित ११ सहस्त्र लोगों के नाम एक ही विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों पर प्रविष्ट पाए गए हैं ।
नियम क्या कहते हैं ?
नियमों के अनुसार किसी मतदाता का नाम देश में केवल एक ही मतदान केंद्र में होना चाहिए । इसलिए मतदाताओं के द्वारा अन्तिम बार जहां मतदान किया गया या वर्तमान में जहां निवास है, उसी स्थान के आधार पर एक नाम स्थायी रखकर शेष प्रविष्टियां हटाई जाएँगी, ऐसा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है । मतदाता सूची की शुद्धि से निर्वाचन प्रक्रिया एवं पारदर्शी बनेगी तथा मिथ्या व बनावटी साथ ही दोहरे मतदान पर कठोर प्रतिबंध लगेगा, ऐसा अधिकारियों का मत है ।
बेंगलुरु के यशवंतपुर में सर्वाधिक प्रकरण:
एक से अधिक स्थानों पर मतदान का अधिकार रखने वाले व्यक्तियों की संख्या यशवंतपुर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक पाई गई है । इसके साथ ही आर.आर. नगर, शिवाजीनगर, शांतिनगर, गांधीनगर, राजाजीनगर, चामराजपेट, चिक्पीठ, के.आर. पुरम, महालक्ष्मी लेआउट, मल्लेश्वरम, हेब्बाल, पुलकेशीनगर, सर्वज्ञनगर, सी.वी. रामन नगर, गोविंदराजनगर, विजयनगर, बसवनगुडी, पद्मनाभनगर, बीटीएम लेआउट, जयनगर, बोम्मनहल्ली, येलहंका, बैटरयनपुरा, दासरहल्लि, महादेवपुरा, बेंगलुरु दक्षिण जैसे अनेक निर्वाचन क्षेत्रों में भी दोहरे मतदाताओं के नाम पाए गए हैं, ऐसी जानकारी निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने दी है ।
विशेष पुनरावलोकन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात अगस्त में ‘प्राथमिक मतदाता सूची’ प्रकाशित की जाएगी । उसके उपरांत नागरिकों से आपतियां एवं सूचनाएं मगाकर उनकी पडताल की जाएगी । जनवरी २०२७ में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने का निर्वाचन आयोग का नियोजन है ।

Dabur : ‘डाबर’ प्रतिष्ठान के पैकेटबंद मौसमी जूस में काला फफूंद मिला ।
Karnataka AI University : बेंगलुरु में देश का पहला सरकारी ‘एआई’ विश्वविद्यालय प्रारम्भ किया जाएगा ।
हिन्दु विवाह अधिनियम के अनुसार विवाह को वैध ठहराने के लिए केवल विवाह प्रमाणपत्र होना पर्याप्त नहीं है ।– Gujrat High Court
जम्मू न्यायालय ने पुलिस से अभिलेख की मांग की ।
हडपसर में हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ता की साहिल शेख एवं उसके गुंडों द्वारा नृशंसता से पिटाई !
Three Language Policy : क्या अंग्रेजी को भारत की ही स्थानीय भाषा माना जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय का प्रश्न