Sarla Bhatt Murder : कश्मीर में सरला भट्ट हत्याकांड में ३६ वर्षों के पश्चात आतंकवादियों के विरुद्ध आरोपपत्र प्रविष्ट (दाखिल) ।

सरला भट्ट के ३६ वर्ष पूर्व हुए अपहरण, सामूहिक बलात्कार, अमानुष उत्पीडन तथा तत्पश्चात गोलियां मारकर हत्या किए जाने के प्रकरण में कश्मीर पुलिस ने आरोपपत्र प्रविष्ट किया है । इस कृत्य में आतंकवादी यासीन मलिक भी आरोपी है ।

 हिन्दू संस्कृति के प्रसार के लिए ‘अपवर्ड फाऊंडेशन’ एवं ‘प्रग्याता’के माध्यम से कार्यरत देहली के श्री. आशीष धर !

श्री. आशीष धर एक ‘मेकैनिकल एंजिनियर’ (यांत्रिकी अभियंता) तथा सामाजिक उद्यमी हैं । (सामाजिक उद्यमी केवल लाभ के लिए कार्य नहीं करते, अपितु समाज में परिवर्तन लाना उनका मुख्य उद्देश्य होता है) श्री. आशीष धर ने भारतीय ज्ञानपरंपरा में समाहित गुलामी के प्रतीकों को मिटाकर हिन्दू संस्कृति की रक्षा हेतु समर्पित अनेक मंचों को आकार दिया है ।

Vinod Yadav : अगर कुछ मुसलमान अच्छे होते, तो उन्होंने कश्मीर में हिन्दुओं को क्यों नहीं बचाया ?

बुरे मुसलमान – अच्छे मुसलमान’ यह कथानक धर्मनिरपेक्षतावादियों द्वारा फैलाया गया कथानक है ।

Panun Kashmir : कश्मीरी हिन्दू समुदाय को संगठित करने का निश्चय !

‘पनून कश्मीर’ की ओर से हाल ही में एक राष्ट्रीय ऑनलाइन विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया था । देश के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के प्रमुख नेताओं ने इस विचारगोष्ठी में भाग लिया ।

Shankhnad Mahotsav Delhi : सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव – ‘रणसंवाद – भारत की सामरिक नीति ’ विचारगोष्ठी !

‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’का आरंभ कीजिए ! -‘रॉ’के पूर्व अधिकारी आर्.एस्.एन्. सिंह (सेवानिवृत्त) का आवाहन

Supreme Court Age relaxation PIL : विस्थापित काश्मीरी हिन्दुओं को सरकारी नौकरियों में आयु सीमा में छूट नहीं !

सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष १९९० में काश्मीर में जिहादी आतंकवाद के कारण विस्थापित हुए हिन्दुओं को नौकरी में आयुसीमा में छूट देने के लिए की गई मांग अस्वीकार कर दी ।

पुलिस ने यासीन मलिक के घर समेत श्रीनगर में ८ स्थानों पर छापे मारे

३५ वर्ष बाद हत्या की जांच शुरू करने वाली भारतीय पुलिस ! अब पुलिस को हत्या के सबूत कब तथा कैसे मिलेंगे ? तो स्पष्ट है कि कल पुलिस न्यायालय में ‘कोई सबूत नहीं’ कहकर बरी हो जाएगी तथा इस प्रकरण को नष्ट कर देगी !

कश्मीर में विस्थापित हिन्दुओं के पुनर्वास के लिए संघर्ष करनेवाले श्री. सुशील पंडित !

तब से लेकर आज तक कश्मीरी हिन्दू उनकी मातृभूमि को वापस नहीं जा पाए हैं । श्री. सुशील पंडित हिन्दुओं का विस्थापन तथा मातृभूमि में लौटने के उनके ३५ वर्षाें के संघर्ष के साक्षी हैं ।

कश्मीरी हिन्दुओं के नरसंहार का यह ‘इतिहास’ न भूलें !

हिन्दुओं के नरसंहार का आरंभ वर्ष १९८९ में हुआ । घाटी के कश्मीरी पंडितों के सबसे बडे एवं प्रिय नेता थे टीकालाल टपलू । १४ सितंबर १९८९ को आतंकियों ने गोलियां मारकर उनकी हत्या की ।

Panun Kashmir : ‘पनून कश्मीर’के लिए जम्मू में कल होगा राष्ट्रीय कश्मीरी हिन्दू अधिवेशन !

‘यूथ फॉर पनून कश्मीर’ ने ‘हिन्दू राष्ट्र की हुंकार, पनून कश्मीर हो साकार’ इस घोषवाक्य के साथ किया है आयोजन!