Jammu Kashmir Dispute : चीन तथा पाकिस्तान के जम्मू-कश्मीर संबंधी वक्तव्य को भारत ने निरस्त किया ।
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख भारत के अभिन्न तथा अविभाज्य अंग हैं ।
भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख भारत के अभिन्न तथा अविभाज्य अंग हैं ।
भारत को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आईना दिखाने के साथ-साथ पूरे कश्मीर को अपने नियंत्रण में लेने के लिए रणनीति बनाकर वैसी कार्यवाही भी करनी चाहिए । तभी ये खरी-खोटी केवल शब्दों तक सीमित न रहकर उसे ठोस कार्यवाही का समर्थन भी मिलेगा ।
भारत का यह मानचित्र भारत–अमेरिका के मध्य अंतरिम व्यापार समझौते से संबंधित आधिकारिक संवाद का अविभाज्य भाग के रूप में प्रदर्शित किया गया है ।
भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर की मस्जिदों एवं मदरसों की संपूर्ण जानकारी संकलित की जा रही है, उस पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है ।
कश्मीर समस्या का समाधान केवल आतंकवाद एवं जिहाद के माध्यम से ही हो सकता है । हमें जिहाद का ध्वज उठाना होगा, ऐसा भडकाऊ वक्तव्य लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अबू मूसा कश्मीरी ने दिया । उसका नाम अप्रैल २०२५ में पहलगाम में हुए आतंकवादी आक्रमण से भी जुडा था ।
संपूर्ण जम्मू-कश्मीर भारत का अविभाज्य भाग होना चाहिए, ऐसा वक्तव्य ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने दिया ।
‘पनून कश्मीर’ की ओर से हाल ही में एक राष्ट्रीय ऑनलाइन विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया था । देश के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे विस्थापित कश्मीरी हिन्दुओं के प्रमुख नेताओं ने इस विचारगोष्ठी में भाग लिया ।
‘गजवा-ए-हिन्द’ के जवाब के रूप में वैचारिक ‘गजवा-ए-इस्लाम’ का आरंभ कीजिए ! – ‘रॉ’ के पूर्व अधिकारी कर्नल आर.एस.एन. सिंहजी का आवाहन
अमेरिका की ‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ नामक संस्था के ‘कॉन्फ्लिक्ट्स टू वॉच इन २०२६’ इस प्रतिवेदन के अनुसार कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में वृद्धि होने के कारण दोनों देशों के मध्य संघर्ष की मध्यम संभावना है ।