ढाका (बांग्लादेश) – पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश सीमा पर स्थित जयंतीपुर चौकी से सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने १० से १२ बांग्लादेशी घुसपैठियों को सीमा पार भेजा था, परन्तु विरोध के कारण उन्हें वापस लाना पडा। इस घटना के एक दिन बाद, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के विरोध के चलते भारतीय अर्धसैनिक बल की स्थानीय इकाई को उन लोगों को वापस लाना पडा।
BGB का कहना है कि ७ मई २०२५ से २६ जनवरी २०२६ तक, अर्थात ८ महीनों में, भारत की ओर से २,४७९ बांग्लादेशी नागरिकों को बांग्लादेश भेजा गया । इनमें से कम-से-कम १२० लोगों की पहचान बाद में भारतीय नागरिकों के रूप में हुई, जबकि कुछ रोहिंग्या शरणार्थी थे । बांग्लादेश ने ऐसी घटनाओं पर कडा विरोध जताया है ।
बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद ने हाल ही में कहा कि, “हम किसी भी परिस्थिति में लोगों को इस प्रकार सीमा पार धकेले जाने को स्वीकार नहीं करेंगे ।”
बांग्लादेश तथा भारत के बीच महानिदेशक स्तर की चर्चा ।
८ से ११ जून के समय नई दिल्ली में BGB तथा BSF के बीच महानिदेशक स्तर की बैठक आयोजित की जाएगी । बांग्लादेश में नई सरकार के गठन के बाद यह पहली ऐसी बैठक होगी । इस बैठक में बांग्लादेश की ओर से सीमा पार भेजे जा रहे बांग्लादेशी नागरिकों का विषय उठाए जाने की संभावना है ।

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