न्यायाधीशों की संख्या प्रथम बार ३७ हुई !
आगामी १५ दिनों में २ न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने के कारण संख्या ३५ हो जाएगी !

नई दिल्ली – भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने ५ नए न्यायाधीशों को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलाई । इन नियुक्तियों के कारण न्यायाधीशों की कुल संख्या प्रथम बार ३७ हो गई है । अब न्यायालय के स्वीकृत ३८ पदों में से केवल एक पद ही रिक्त रह गया है । यद्यपि १६ जून को न्यायाधीश पंकज मिथल तथा २८ जून को न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे कुल संख्या ३५ पर पहुंच जाएगी ।
ये हैं सर्वोच्च न्यायालय के ५ नए न्यायाधीश !
१. वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिटा सुब्रमणी मोहना
२. मुंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर
३. पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शील नागू
४. मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा
५. जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमुर्ती अरुण पल्ली
अधिवक्ता वेंकिटा सुब्रमणी मोहना की विशेषता !
वरिष्ट अधिवक्ता वेंकिटा सुब्रमणी मोहना की नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है । न्यायाधीश इंदु मल्होत्रा के पश्चात देश में ‘बार’ से (अधिवक्ता समुदाय से) सीधे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्त होने वाली वे द्वितीय महिला अधिवक्ता हैं । इसके कारण अब सर्वोच्च न्यायालय में २ महिला न्यायाधीश हैं – न्यायाधीश मोहना तथा न्यायाधीश बी.वी. नागरत्ना । न्यायाधीश नागरत्ना वर्ष २०२७ में एक मास से अधिक अवधि के लिए भारत की मुख्य न्यायाधीश बनने वाली हैं ।
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