
जब मैं गोवा से लौट रहा था, तो मेरे मन में एक विचार आया कि भविष्य में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए गोवा का महत्त्व बहुत अधिक होगा; क्योंकि यदि हम छत्रपति शिवाजी महाराज के समय को देखें तो पाएंगे कि उन्होंने इतना बडा साम्राज्य खडा किया था; परंतु इसका आरंभ एक छोटी सी जगह से हुआ था । वे एक-एक किले को अपने नियंत्रण में ले लेते थे और उस क्षेत्र पर अपनी सरकार, अपनी व्यवस्था, हिन्दू संस्कृति को क्रियान्वित करते और उसे बढाते । गोवा के बारे में हमने पढा कि गोवा में ईसाईयों की संख्या ५० से ६० प्रतिशत है; परंतु भगवान ने एक विशेष स्थिति बनाई । आज सुनने में आ रहा है कि गोवा में ईसाईयों की संख्या संभवत: २० से ३० प्रतिशत है । कारण यह है कि वे पश्चिम की ओर, पुर्तगाल, स्पेन, इंग्लैंड निकल जाते हैं । इसलिए, यहां ईसाईयों की संख्या में कमी के साथ, हिन्दुओं की संख्या बढ रही है । ईश्वर की कृपा से गोवा में हिन्दुओं की संख्या में वृद्धि, एक संगठन का गठन, एक प्रकार से हिन्दू राष्ट्र की स्थापना का केन्द्र बनता जा रहा है ।
– श्री. अनिर्बान नियोगी, महासचिव, भारतीय साधक समाज, हावडा, बंगाल (३०.५.२०१९)
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम !
संपादकीय : आर्थिक अनुशासन
हिन्दू जनजागृति समिति के हिन्दू राष्ट्र संपर्क अभियान अंतर्गत राष्ट्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळेजी की मध्य प्रदेश यात्रा !
ज्ञानमूर्ति, निर्गुण तत्त्व की नित्य अनुभूति देनेवाले एवं ब्रह्मानंद में निमग्न रहनेवाले सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी
सच्चिदानंद परब्रह्म गुरुदेवजी द्वारा ३० वर्ष पूर्व दिए गए आशीर्वचन को साधक क्षण-क्षण अनुभव कर रहे हैं !
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