Ladki Bahin Yojana : ५ लाख सरकारी कर्मचारी ‘मुख्यमन्त्री माझी लाडकी बहीण’ योजना का अपलाभ ले रहे होने का प्रकरण उजागर !

  • ‘ई केवायसी’ करने के उपरान्त ८१ लाख बोगस लाभार्थियों के नाम निरस्त !

  • सम्बन्धितों से धन की वसूली करने का आदेश !

(‘ई केवायसी’ अर्थात इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पहचान सिद्ध करना)

मुम्बई, २ जून (वार्ता.) – ‘ई-केवायसी’ के उपरान्त ‘मुख्यमन्त्री माझी लाडकी बहीण योजना’ का ५ लाख सरकारी कर्मचारी अपलाभ ले रहे होने की बात पाई गई । इन सरकारी कर्मचारियों के नाम योजना से निकाल दिए गए हैं । इन कर्मचारियों ने सरकार से छल करके जो धन हडपा, उसकी वसूली करने का दायित्व सम्बन्धित शासकीय विभागों को सौंपा गया है । इसके लिए महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने इन कर्मचारियों के नाम सम्बन्धित विभागों के पास भेजे हैं ।

सरकारी कर्मचारियों सहित अन्य ८१ लाख लोगों ने इस योजना का अपलाभ लिया । जुलाई २०२४ में ‘मुख्यमन्त्री माझी लाडकी बहीण’ योजना प्रारम्भ होने से लेकर सर्वाधिक २ करोड ४७ लाख लोगों ने योजना का लाभ लिया । इस योजना का अपलाभ कुछ सरकारी कर्मचारियों तथा अन्य भी कुछ अपात्रों द्वारा इस योजना का अपलाभ लिए जाने की बात ध्यान में आने पर लाभार्थियों का ‘ई-केवायसी’ सत्यापन प्रारम्भ किया गया । ‘ई-केवायसी’ करने के उपरान्त वर्तमान में जून २०२६ तक १ करोड ६६ लाख लोग योजना का लाभ ले रहे हैं ।

असत्य जानकारी देकर १ सहस्र २०० करोड रुपये हडपे !

सरकारी एवं अन्य लोगों ने असत्य जानकारी देकर इस योजना से सरकार के १ सहस्र २०० करोड रुपये से अधिक रुपये हडपे । ३० मई तक ‘ई-केवायसी’ सत्यापन की अवधि थी; परन्तु इसके उपरान्त भी असत्य जानकारी देकर लाभ लेनेवालों की खोज चालू रहेगी, ऐसा महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया ।

योजना का अपलाभ लेनेवाले पुरुषों से धन वसूल करेंगे ! – मुख्यमन्त्री देवेन्द्र फडणवीस

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुम्बई – पिछले ९ मास से निरन्तर अनुवर्तन (फॉलोअप) करने पर भी ‘मुख्यमन्त्री माझी लाडकी बहीण योजना’ का लाभ लेनेवाले लाखों लोगों ने अभी तक ‘ई-केवायसी’ नहीं की है । मापदण्ड पूर्ण नहीं करने के कारण ही वे ‘ई-केवायसी’ करने से बच रहे होने की सम्भावना है । इसलिए ‘ई-केवायसी’ न करनेवालों का धन रोका जाएगा । अपात्र लाभार्थी महिलाओं से दिया गया धन पुनः वसूल नहीं किया जाएगा; परन्तु जिन १ सहस्र ४०० पुरुषों ने इस योजना का लाभ लिया है, उनसे मात्र धन वसूल किया जाएगा, ऐसी जानकारी मुख्यमन्त्री देवेन्द्र फडणवीस ने माध्यमों के प्रतिनिधियों को दी ।

योजना का पैसा हडपने वाले पुरुषों पर कार्रवाई की सिफारिश करेंगे ! – महिला एवं बाल कल्याण विभाग

‘महिला’ होने की झूठी जानकारी देकर राज्य के लगभग १४ हजार पुरुषों ने ‘लाड़की बहन योजना’ का गलत लाभ उठाया है । इस प्रकार धोखाधडी करनेवाले पुरुषों से पैसा वसूल किए जाने की जानकारी मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया को दी; परंतु कार्रवाई करने के विषय में मुख्यमंत्री ने कोई बयान नहीं दिया है । ‘सनातन प्रभात’ के प्रतिनिधि ने इस संबंध में जब महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस प्रकरण में कडी कार्रवाई की मांग करेंगे ।

१४ हजार पुरुषों द्वारा ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन’ योजना से हडपा गया धन ३० करोड रुपये से अधिक है । भले ही उनसे पैसा वसूल किया जाएगा, फिर भी उन्होंने जानबूझकर अपनी पहचान ‘महिला’ के रूप में दिखाकर खुलेआम सरकार के साथ धोखाधडी की है । इसलिए इस मामले में वास्तव में सरकार की ओर से कार्रवाई होना अपेक्षित है । हालांकि इस संबंध में महिला एवं बाल कल्याण विभाग की ओर से कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जाएगा, फिर भी इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा ही लिया जाएगा ।

संपादकीय भूमिका

झूठी जानकारी देकर पैसा हडपनेवाली महिलाओं पर सरकार कार्रवाई नहीं करेगी, उस पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग चुप क्यों है ? अपराधियों में महिला और पुरुष का भेद होगा, तो 'समानता' कैसे आएगी ?