मद्रास उच्च न्यायालय ने विद्यालय की भूमि पर चर्च के अनाधिकृत निर्माण पर रोक लगाई।

मद्रास उच्च न्यायालय

चेन्नई (तमिलनाडु) – न्यायमूर्ति जी . आर् . स्वामीनाथन की खंडपीठ द्वारा पारित अंतरिम आदेश के अनुसार ५ सहस्र वर्ष पुराने विरासत बिंदु माधव पेरुमल मंदिर के समीप स्थित शैक्षणिक परिसर में चर्च के अनधिकृत निर्माण को रोक दिया गया है । थुथीपट्टू गांव (अंबूर तालुका) स्थित ‘सरकार पोरंबोक’ भूमि के ६ सहस्र ५४५ वर्ग फुट के विवादित भूभाग पर २२ जून २०२६ तक ‘जैसी स्थिति है वैसी’ बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं । यहां वर्तमान में ७० वर्ष पुराना राज्य – अनुदानित प्राथमिक विद्यालय है । मूल रूप से यह भूमि श्रीनिवासा नायडू की थी तथा बाद में इसका वर्गीकरण ‘सरकार पोरंबोक’ (सरकारी परती भूमि) के रूप में किया गया । श्रीनिवासा नायडू ने गांव के बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालय स्थापित करने के स्पष्ट उद्देश्य से यह भूमि जॉन सुंदर को हस्तांतरित की थी ।