१२ से १८ जून की अवधि में गोवा में होनेवाले दशम ‘अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन’ के उपलक्ष्य में …

इस्लामी अथवा ईसाई देशों की भांति हिन्दू राष्ट्र कोई संकीर्ण अवधारणा (संकल्पना) नहीं है, अपितु वह विश्वकल्याण का विचार करनेवाली, प्रत्येक नागरिक की लौकिक एवं पारलौकिक उन्नति का विचार करनेवाली एक सत्त्वप्रधान व्यवस्था है ।

हिन्दुओं का दमन रोकने के लिए हिन्दू राष्ट्र ही चाहिए !

संसार के अन्य किसी भी देश में बहुसंख्यकों के अधिकारों को ठुकराया नहीं जाता; परंतु भारत की ‘सेक्युलर’ राज्यप्रणाली के कारण हिन्दूबहुल भारत में हिन्दुओं की उपेक्षा हो रही है । वह न हो इसलिए भारत में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना होना आवश्यक है ।

सनातन की ग्रन्थमाला : राष्ट्र एवं धर्म रक्षा

अंग्रेजोंकी मैकॉले प्रणित शिक्षाप्रणालीके दुष्परिणाम तथा पश्चिमी संस्कृतिका आक्रमण रोकने हेतु उपाय बतानेवाले जून २०१२ के ‘प्रथम अखिल भारतीय हिन्दू अधिवेशन’ के मान्यवरोंके व्याख्यानोंसे युक्त ग्रन्थ !

अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन के लिए धन के रूप में अर्पण कर हिन्दू राष्ट्र के कार्य में सम्मिलित हों !

गोवा में होनेवाले इस अधिवेशन में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु कार्यरत हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों के पदाधिकारी, अधिवक्ता, उद्योगपति और लेखक भाग लेनेवाले हैं । इस अधिवेशन में भारत, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश जैसे देश-विदेश से प्रतिनिधि भाग लेनेवाले हैं ।

बंगाल एवं झारखंड में हिन्दू जनजागृति समिति के ‘हिन्दू राष्ट्र जागृति संपर्क अभियान’ को हिन्दुत्वनिष्ठों द्वारा उत्स्फूर्त प्रत्युत्तर

हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व एवं पूर्वाेत्तर भारत राज्य संगठक श्री. शंभू गवारे ने बंगाल एवं झारखंड राज्यों में ‘हिन्दू राष्ट्र जागृति संपर्क अभियान’ के अंतर्गत हाल ही में विभिन्न हिन्दुत्वनिष्ठों से भेंट की, साथ ही बैठकों में सम्मिलित होकर धर्मजागृति की ।

१२ से १८ जून की कालावधि में गोवा में १० वां अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन

     फोंडा (गोवा) – हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के उद्देश्य से गोवा के बांदोडा में १० वें अखिल भारतीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन का आयोजन किया गया है । १२ से १८ जून २०२२ की अवधि में यह अधिवेशन बांदोडा के रामनाथ मंदिर के सभागृह … Read more