सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

‘नेता जनता को पैसा देकर अथवा वाहन की सुविधा देकर सभा में बुलाते हैं । इसके विपरीत, संतों के पास तथा धार्मिक उत्सव में बिना बुलाए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं और धन अर्पण करते हैं । इससे यह ध्यान में आता है कि संतों की तुलना में नेताओं का महत्त्व शून्य है ।’

श्री बालाजी की कृपा से ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ निर्विघ्न संपन्न हुआ, इसलिए श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी ने उनके चरणों में व्यक्त की भावपूर्ण कृतज्ञता !

१७ से १९ मई २०२५ के मध्य गोवा के फर्मागुडी में ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ का आयोजन हुआ ।

नाइजीरिया का रक्तरंजित संघर्ष !

नाइजीरिया में चल रहा धार्मिक संघर्ष एक अत्यंत जटिल तथा दीर्घकालीन विषय है । वह केवल आतंकी संगठन ‘बोको हरम’ तक सीमित नहीं है, अपितु उत्तर एवं दक्षिण क्षेत्रों में चल रहे धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक तनाव का सूचक है ।

Prithviraj Chavan Sanatani Atankvad : ३ जिले के शिवसैनिक सडकों पर !

हिन्दूबहुल महाराष्ट्र में इस प्रकार हिन्दूद्रोही शब्द उच्चारण कर हिन्दू समाज एवं सनातन हिन्दू धर्म का अपमान करनेवालों पर शासन को कठोरतम कार्रवार्ई करनी चाहिए !

छत्तीसगढ में धर्मांतरण के विरोध में कठोर कानून लागू करेंगे ! – विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री

‘छत्तीसगढ में धर्मांतरण की बढती घटनाएं रोकने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है । आनेवाले विधानसभा अधिवेशन में धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून लाकर उसे लागू किया जाएगा, साथ ही नक्सलवाद की जड पर प्रहार करने का हमारा निश्चय है’, ऐसा आश्वासन इस राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यहां दिया ।

…अंतत : कलंक मिट गया !

हिंदुओं को आतंकवादी बताकर उन पर अत्याचार करने वालों और पूरी दुनिया में हिंदू समुदाय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वालों को कब सजा मिलेगी ?

लडकियों की सुरक्षा और अभिभावकों का कर्तव्य !

लडकियों को स्मरण रखना चाहिए कि उनका चरित्र उनकी अमूल्य संपत्ति है : लडकियों को यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि उनका चरित्र उनकी सबसे अनमोल संपत्ति है और उसका सम्मान बनाए रखना उनका अपना दायित्व है ।

योग एवं आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर ले जानेवाले हरिद्वार (उत्तराखंड) के योगऋषि रामदेवबाबा !

भारत को एक बलशाली एवं विकसित राष्ट्र बनाने के लिए हमें उसे अपनी जडों से जोडकर हमारी संस्कृति संजोनी चाहिए । हमारा भारत एक ऐसा राष्ट्र बने, जो संपूर्ण विश्व के लिए एक उदाहरण हो !

काम के कारण होनेवाली थकान के लिए (‘बर्नआउट’ के लिए) व्यायाम की आवश्यकता क्यों है ?

व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की यह यात्रा प्रेरणादायक सिद्ध होगी । इस लेख में हम काम के कारण होनेवाली थकान में (बर्नआउट) व्यायाम क्यों आवश्यक आहे ?’, इस विषय में समझ लेते हैं ।

स्वास्थ्य को संवारनेवाला ‘अपामार्ग’

विशिष्ट प्रकार की देखरेख किए बिना उगनेवाली सब्जियों को ‘वनशाक’ कहते हैं । वन में, खेत की बाड पर में ये सब्जियां बिना रोपण किए उगती हैं । महाराष्ट्र सरकार की ओर से जिला सूचना कार्यालय से चलाई जा रही लेखमाला यहां दी है ।