Malegaon Blast Case : साक्ष्यों के अभाव में ४ हिन्दू आरोपियों पर लगे दोषारोपण निरस्त !
वर्ष २००६ के मालेगांव बम विस्फोट प्रकरण में मुंबई उच्च न्यायालय का निर्णय
वर्ष २००६ के मालेगांव बम विस्फोट प्रकरण में मुंबई उच्च न्यायालय का निर्णय
मालेगांव बम विस्फोट प्रकरण से निर्दोष मुक्त हुए कर्नल प्रसाद पुरोहित को ‘ब्रिगेडियर’ पद पर पदोन्नत करने हेतु भारतीय सेना ने सम्मति प्रदान की है ।
मीरा बोरवणकर हिन्दुत्वनिष्ठों की भावनाएं कब समझेंगी ? – चेतन राजहंस
हिन्दूबहुल महाराष्ट्र में इस प्रकार हिन्दूद्रोही शब्द उच्चारण कर हिन्दू समाज एवं सनातन हिन्दू धर्म का अपमान करनेवालों पर शासन को कठोरतम कार्रवार्ई करनी चाहिए !
हिंदुओं को आतंकवादी बताकर उन पर अत्याचार करने वालों और पूरी दुनिया में हिंदू समुदाय की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वालों को कब सजा मिलेगी ?
मालेगाव बमविस्फोट प्रकरण में आतंकवाद विरोधी दल के अधिकारियों ने मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत को बंदी बनाने को कहा था ।
कर्नल ने वर्ष २००८ में एक गुप्त अभियान चलाया था । उसके पश्चात उनके विरुद्ध षड्यंत्र रचकर उन्हें ‘थर्ड डिग्री टॉर्चर’ किया गया । मारपीट के कारण उनका घुटना टूट गया था ।
मालेगांव बमविस्फोट से बरी आरोपियों ने किया रहस्योद्घाटन !
चीन ने भी की सहायता !
कुछ दिन पूर्व ही न्यायालय से वर्ष २००८ में हुए मालेगांव बमविस्फोट प्रकरण का निर्णय आया । इस निर्णय के कारण ‘भगवा आतंकवाद’ कहने के कांग्रेसी षड्यंत्र की पोल खुल गई ।
लेफ्टनंट कर्नल प्रसाद पुरोहित का न्यायालय में प्रस्तुत लिखित उत्तर गंभीर आरोपों से परिपूर्ण l