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(बाईं ओर से) पू. अशोक पात्रीकरजी, श्री. रणजित सावरकर, पू. रामबालकदास महात्यागी महाराजजी, पू. युधिष्ठिरलाल महाराजजी, मुख्यमंत्री श्री. विष्णुदेव साय, महामंडलेश्वर सर्वेश्वर दास महाराजजी, श्री. प्रबल प्रतापसिंह जुदेव एवं उपस्थित लोगों को संबोधित करते श्री. सुनील घनवट
रायपुर (छत्तीसगढ) – ‘छत्तीसगढ में धर्मांतरण की बढती घटनाएं रोकने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है । आनेवाले विधानसभा अधिवेशन में धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून लाकर उसे लागू किया जाएगा, साथ ही नक्सलवाद की जड पर प्रहार करने का हमारा निश्चय है’, ऐसा आश्वासन इस राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यहां दिया । २७ जुलाई को छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर में पूज्य शदानी दरबार तीर्थ (रायपुर) एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित राज्यस्तरीय हिन्दू राष्ट्र अधिवेशन में वे बोल रहे थे ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के भाषण के महत्त्वपूर्ण बिंदु![]() १. छत्तीसगढ में धर्मांतरण विरोधी कानून का प्रारूप तैयार किया गया है, उसे आनेवाले विधानसभा अधिवेशन में रखा जाएगा । २. छत्तीसगढ में मंदिरों के जीर्णोद्धार हेतु सरकार बडे स्तर पर आर्थिक सहायता दे रही है । ३. भाजपा सत्ता में आने से पूर्व राज्य की गोशालाओं को प्रतिदिन प्रति गाय २५ रुपए अनुदान दिया जाता था, जिसे बढाकर अब ३५ रुपए प्रति गाय किया गया है । ४. आवारा गायों के पालन के लिए सरकार क्रियाशील है । |
हिन्दुत्व के कार्य के लिए शदानी दरबार का द्वार सदैव ही खुला है ! – पू युधिष्ठिरलाल महाराजजी
पू युधिष्ठिरलाल महाराजजी की ओर से उनके भक्त साथ ही राज्य मीडिया मुख श्री अमित चिमनानी ने विचार रखे । शदानी दरबार हिन्दुत्व के कार्य के लिए सदैव खुला है । हिन्दुत्व का कार्य निश्चित रूप से विश्वव्यापी हुए बिना नहीं रहेगा । हिन्दू राष्ट्र की स्थापना हेतु इस अधिवेशन के माध्यम से आरंभ हुआ यह अभियान आगे बढता रहे यही अपेक्षा करते हैं !
छत्तीसगढ में हिन्दुओं की विभिन्न समस्याओं का समाधान निकालने हेतु मुख्यमंत्री हिन्दू हितैषी कानून लाएं ! – पू. रामबालकदास महाराजजी महात्यागी

हिन्दू जनजागृति समिति राष्ट्र-जागृति का कार्य कर रही है, उसके कारण हिन्दू राष्ट्र का अभियान राष्ट्रव्यापी बन गया है । इसका मैं साक्षी हूं । समिति के प्रेरणास्रोत सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी से मैं मिला हूं । उनकी प्रेरणा से राज्य में कार्य हो रहा है । राज्य में गोरक्षकों पर आक्रमण हो रहे हैं, साथ ही धर्मांतरण की समस्या का भी समाधान नहीं हुआ है । राज्य में अब तक धर्मांतरण विरोधी कानून लागू नहीं हुआ है । संत समाज राजसत्ता से इस कानून की मांग नहीं, अपितु राजसत्ता को यह आदेश दे रहा है कि छत्तीसगढ में हिन्दुओं की समस्याओं का समाधान निकालने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री कानून लाएं ।

गजवा-ए-हिन्द का जवाब देने के लिए भगवा-ए-हिन्द आंदोलन चलाना आवश्यक ! – सुनील घनवट

केंद्र सरकार ने मार्च २०२६ तक राज्य में चल रहा नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य घोषित किया है । सरकार द्वारा कदम उठाए जाने से नक्सलवाद अब नियंत्रण में भी है । इसके लिए मैं राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का अभिनंदन करता हूं । छत्तीसगढ में नक्सलवाद भले ही धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रहा है, तब भी समाज में अभी भी ‘शहरी नक्सलवाद’ का अस्तित्व बना हुआ है । धर्मांतरण करनेवाली शक्तियां तथा नक्सली विचारधारा में कोई अंतर नहीं है । ये दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं; इसीलिए धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून तुरंत लागू करना आवश्यक है । लव जिहाद, गोहत्या, हलाल जिहाद जैसी समस्याएं दूर करने हेतु भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करना ही एकमात्र विकल्प है । छत्तीसगढ राज्य में हिन्दू राष्ट्र का आंदोलन जोर पकड रहा है । देश में धर्मांधों एवं देशविघातक शक्तियों द्वारा चलाए जा रहे ‘गजवा-ए-हिन्द’ का (भारत को इस्लामी देश बनाना) जवाब देने के लिए भगवा-ए-हिन्द आंदोलन चलाना आवश्यक है ।
संस्कृति एवं धर्म की रक्षा करना ही राजधर्म है ! – प्रबल प्रताप सिंह जूदेव

गोवा में संपन्न ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ से हिन्दुओं को बडी प्रेरणा मिली है । राज्य के बस्तर में भी बहुत शीघ्र ही धर्मांतरित हिन्दुओं की घरवापसी का कार्यक्रम आरंभ किया जाएगा, साथ ही ‘छद्म हिन्दुओं’ की (बुरे उद्देश्य से कार्यरत जन्महिन्दुओं की) पोल खोलने के लिए भी कानून बनाया जाना चाहिए ।
प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने स्वर्गीय दिलीपसिंह जूदेव द्वारा चलाए गए घरवापसी अभियान का उल्लेख करते हुए ‘संस्कृति एवं धर्म की रक्षा करना ही राजधर्म है’, ऐसा दृढतापूर्वक प्रतिपादित किया ।
इस अधिवेशन में वीर सावरकर स्मारक के कार्याध्यक्ष रणजीत सावरकर को सम्मानित किया गया । पू. अशोक पात्रीकरजी ने उन्हें भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंट की । श्री. सावरकर ने महाराष्ट्र में ‘हलाल प्रमाणपत्र’ के विरोध में चलाए जा रहे ‘ॐ प्रमाणपत्र’ अभियान की जानकारी दी तथा इस अभियान को छत्तीसगढ में भी चलाने की आवश्यकता पर बल दिया ।
धर्मांतरण विरोधी कानून पर विचारगोष्ठी का आयोजन
इस अधिवेशन में ‘धर्मांतरण विरोधी कानून की आवश्यकता’ विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया था । इसमें श्री. सुनील घनवट, पत्रकार योगेश मिश्र, पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री. सुशील द्विवेदी, श्री. आशीष शर्मा एवं श्री. कमल बिस्वाल ने मार्गदर्शन किया । इन सभी ने यह कानून लागू होने तक निरंतर कार्यरत रहने की प्रतिबद्धता व्यक्त की ।
हिन्दू विरोधी गतिविधियां रोकने हेतु हिन्दुओं को संगठित र प्रयास करने आवश्यक ! – सुशील द्विवेदी, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ
राज्य में हिन्दुओं के धर्मांतरण की घटनाएं बढ रही हैं । उसके लिए हिन्दू विरोधियों ने एक इकोसिस्टम (किसी विचारधारा को योजनाबद्ध पद्धति से आगे बढाने के लिए बनाई जानेवाली व्यवस्था) कार्यरत की है । ऐसी हिन्दू विरोधी गतिविधियां रोकने हेतु हिन्दुओं की एक व्यवस्था भी कार्यरत होने की आवश्यकता है । छत्तीसगढ में हिन्दू विरोधी गतिविधियां रोकने के लिए हिन्दुओं को संगठित होकर प्रयास करने आवश्यक हैं । (२९.७.२०२५)


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