चल-दूरभाष का उपयोग करते समय अवश्य ध्यान रखें

‘ब्लूटूथ इयरबड्स’, ‘हेडसेट’ अथवा ‘वायर्ड इयरफोन’ जैसे उपकरणों का उपयोग कर चल- दूरभाष का उपयोग करने से गर्दन से संबंधित कष्ट टालना संभव

जहां चिकित्सकीय उपकरणों का बाजारीकरण हो रहा है, ऐसे में औषधीय चिकित्सा के साथ ही धर्माचरण एवं साधना ही स्वस्थ जीवन का रहस्य है, इसकी हुई प्रतीति !

रोगी का चिकित्सालय की सुख-सुविधाएं एवं मार्गदर्शन, तथाकथित निर्मित आपातकालीन स्थिति, साथ ही बीमा प्रतिष्ठानों द्वारा चिकित्सकीय उपचारों के खर्च का भुगतान करना इत्यादि लालच के अधीन हो जाते है

चातुर्मास

 ‘आषाढ माह के शुक्ल पक्ष की ‘देवशयनी’ एकादशी से कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की ‘देवउठनी’ एकादशी तक की चार महिने की अवधि को चातुर्मास माना जाता है । चातुर्मास में भजन, ध्यान, जप, स्वाध्याय (पाठ), मौन रहना एवं स्मरण करना अधिक हितकारी है ।

ऋषि पंचमी (तिथि : भाद्रपद शुक्ल पंचमी)

जिन ऋषियों ने अपने तपोबल से संसार की मानव जाति पर अपार उपकार किए हैं, मानव जीवन को उचित दिशा प्रदान की है, उन ऋषियों का स्मरण इस दिन किया जाता है ।

ज्येष्ठा गौरी (तिथि : भाद्रपद शुक्ल अष्टमी)

श्री महालक्ष्मी गौरी ने भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के दिन असुरों का संहार कर शरण में आईं स्त्रियों के पतियों को तथा पृथ्वी पर स्थित सभी प्राणियों को सुख प्रदान किया; इसलिए अखंड सौभाग्य प्राप्त होने हेतु स्त्रियां ज्येष्ठा गौरी का व्रत रखती हैं ।

हिन्दुओ, देवताओं को विचित्र रूप में दिखाकर व उनका अनादर कर उन्हें कुपित न करें !

देवताओं का मानवीकरण कर मनोरंजन के लिए उसका उपयोग करना महापाप है !

श्री गणेश चतुर्थी की अवधि में आवश्यक उपासना का शास्त्र

गणेशोत्सव में धर्माचरण का संकल्प लेना ही श्री गणेश की खरी उपासना सिद्ध होगी !

सर्वत्र आदर्श गणेशोत्सव मनाने संबंधी चलाए जानेवाले अभियान में अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर श्री गणेश की कृपा प्राप्त करें !

पाठक, शुभचिंतक तथा राष्ट्रप्रेमी हिन्दुओं के लिए सत्सेवा का स्वर्णिम अवसर !

ग्रंथ-प्रदर्शनी में आनेवाले जिज्ञासुओं को वांछित ग्रंथ उपलब्ध कराने का प्रयास करें !

‘सनातन का ग्रंथभंडार बहुत विशाल है’, यह बात जिज्ञासुओं को समझाने हेतु साधक उन्हें ग्रंथसूची दिखाएं । उसे देखकर जिज्ञासु वांछित ग्रंथ की मांग कर सकते हैं ।

श्री गणेश की उपासना का अध्यात्मशास्त्र समझने हेतु सनातन का ग्रंथ एवं लघुग्रंथ !

शुभकार्य में प्रथम श्री गणेशपूजन क्यों करते हैं ?