मुख्यमंत्री इंग्लैंड जाकर ‘बघनखा प्रत्यर्पण’ समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे !
इसी बघनखा द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज ने उनसे धोखा करने वाले अफजलखान की आंतें बाहर निकाली थीं ।
इसी बघनखा द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज ने उनसे धोखा करने वाले अफजलखान की आंतें बाहर निकाली थीं ।
पादरी पेरेरा के विधान पर राज्य के शिवप्रेमियों ने बडी संख्या में ४ अगस्त को वास्को पुलिस थाने तक मोर्चा निकाला एवं पादरी परेरा को गिरफ्तार करने की मांग की ।
‘शिवाजी का मुख्य सेनापति मुसलमान था । उन्हें अपने लोगों पर (हिन्दुओं पर) विश्वास नहीं था । उस समय हिन्दू मुसलमान भेद ही नहीं था ।’ ऐसा छत्रपति शिवाजी महाराजजी का एकेरी उल्लेख करते हुए विषवमन !
राष्ट्र के भावी नागरिक के रूप में बच्चों की ओर देखा जाता है । आज के बच्चे छत्रपति शिवाजी महाराज, वीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद आदि राष्ट्रपुरुषों का आदर्श सामने रखकर अच्छे ढंग से अपना युवा जीवन व्यतीत कर राष्ट्र के सक्षम नागरिक बन सकते है |
हिंदुत्वनिष्ठों के विरोध के उपरांत कार्यवाही करने वाली पुलिस किस काम की ? छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महापुरुषों का अपमान होने पर भी कार्यवाही न करने वाली पुलिस को बर्खास्त करना चाहिए !
भारत में गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत योग्य कथाओं के माध्यम से हिन्दू संस्कृति का प्रसार हो रहा है । यह परंपरा पुनर्जिवित कर कथाओं के माध्यम से हिन्दू संस्कृति का प्रसार करना आवश्यक है ।
तेलंगाना के सिद्दीपेट जिले के गजवेल शहर में मुसलमान व्यक्ति द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के पुतले के समीप लघुशंका करने के कारण भीड ने उसे पीटा, साथ ही उसे यहां के क्षेत्र में घुमाया ।
अल्पसंख्यक कहकर छूट लेकर भी औरंगजेब का किया जा रहा उदात्तीकरण, भारत के इस्लामीकरण का नियोजित षड्यंत्र है !
मॅारिशस के प्रधानमंत्री प्रवींदकुमार जगन्नाथ तथा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुतले का अनावरण किया । इस समय पूरा परिसर शिवाजी महाराजजी के जयघोष से गूंज उठा था ।
यदि असम के मुख्य मंत्री ऐसा कर सकते हैं, तो अन्य राज्यों के मुख्य मंत्री क्यों नहीं ?