सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी के ओजस्वी विचार

भारत के सात्त्विक लोगों के अनुचित दृष्टिकोण के कारण ही रज तम-प्रधान विदेशी भारत पर सैकडों वर्ष राज्य कर पाए !

Pakistan Hindu Children : पाकिस्तान में हिन्दू एवं ईसाई बच्चों का हो रहा है बलपूर्वक धर्मांतरण !

जो बात विश्व को कई वर्षों से पता है, वह अब बता रहा है पाकिस्तान का आयोग ! पिछले कई वर्षों में इसमें बदलाव नहीं हुआ है तथा आगे भी नहीं होगा, यह भी उतना ही सत्य है !

Gadchiroli Naxals : गढचिरौली में १० वर्षों में ३८३ नक्सली आक्रमणों में १३४ नागरिकों की हत्या !

जून २०२५ में महाराष्ट्र के चंद्रपुर, भंडारा, नांदेड तथा यवतमाल — ये ४ जिले नक्सलवाद से मुक्त घोषित किए गए हैं । परंतु गोंदिया तथा गढचिरौली जिलों में अभी भी नक्सलवाद विद्यमान है ।

चेन्नई में ‘विश्‍व वारकरी संस्थान’ की ओर से संत ज्ञानेश्‍वर महाराज का ७५० वां जयंती समारोह संपन्न !

सनातन संस्था की श्रीचित्शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी के करकमलों से हुआ उद्घाटन !

प्रखर हिदुत्वनिष्ठ प्रमोद मुतालिक ने किया मिरज के सनातन आश्रम का सद्भावनापूर्ण अवलोकन !

श्री. प्रमोद मुतालिक ने आश्रम देखकर आनंद व्यक्त किया, साथ ही उन्होंने सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी ने पहले इस आश्रम के जिस कक्ष में निवास किया था, उस कक्ष का भावपूर्ण दर्शन कर वहां बैठकर नामजप किया ।

वरमहालक्ष्मी व्रत के अवसर पर श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली मुकुल गाडगीळजी द्वारा दी गई आहुति की ज्वाला बनी कमलपुष्प समान !

‘वरमहालक्ष्मी व्रत’ के उपलक्ष्य में प्रातःकाल श्रीचित्‌शक्ति (श्रीमती) अंजली गाडगीळजी अग्निहोत्र करते आहुति दी, उस समय उन्हें अग्नि की ज्वालाओं का आकार कमलपुष्प जैसा दिखाई दिया ।

संपादकीय : पाकिस्तान को अब डुबाकर ही छोडिए !

‘हम यदि डूबने लगे, तो अन्यों को भी डुबा सकते हैं’, पाकिस्तान का यह दावा कितना हास्यजनक है, अब इसे प्रत्यक्ष दिखाने का समय आ चुका है !

हिन्दुत्व एवं धर्म का कार्य करने की तीव्र लगन वाले मडिकेरी (कर्नाटक) के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता कृष्णमूर्ति पी. !

‘मडिकेरी, कर्नाटक के प्रखर हिन्दुत्वनिष्ठ अधिवक्ता कृष्णमूर्ति पी. (आयु ४७ वर्ष) देवीभक्त हैं तथा पिछले १४ वर्षाें से साधना कर रहे हैं । वे वर्ष २०२१ से २ वर्ष विश्व हिन्दू परिषद के कोडगु जिला अध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे, तदुपरांत दायित्व से मुक्त हुए ।