हिन्दुओं का धर्मांतरण करानेवाले पुलिस उपनिरीक्षक के ईसाई पिता को बंदी बनाया !

  • बाइबल सहित अन्य धार्मिक पुस्तकें अधिग्रहित

  • पहले स्वयं भी अपनाया था ईसाई धर्म

बरेली (उत्तर प्रदेश) – हिन्दुओं को नौकरी एवं धन का लोभ देकर उनका धर्मांतरण कराने के आरोप में एक पुलिस उपनिरीक्षक के पिता को पुलिस ने बंदी बना लिया है । उस व्यक्ति का नाम प्रेमपाल यादव (५१ वर्ष) है, जो शीशगढ क्षेत्र के भुडासी गांव का निवासी है । उसके पास से बाइबल सहित ईसाई धर्म से संबंधित छह पुस्तकें, एक हस्तलिखित डायरी तथा एक मोबाइल फोन नियंत्रित किया गया है । जानकारी के अनुसार प्रेमपाल यादव ने कुछ वर्ष पहले स्वयं ईसाई धर्म स्वीकार किया था उसके बाद से वह हिन्दुओं का धर्मांतरण करानेवाले एक गिरोह से जुड गया था ।

१. बरेली सीमा क्षेत्र के सैजना गांव में ९ जुलाई को कथित धर्मांतरण का यह मामला सामने आया । इस संबंध में गांव के निवासी अंकित ने पुलिस में परिवाद पंजीकृत कराया । परिवाद के अनुसार, प्रेमपाल ने भुडासी गांव के गजेंद्र नामक व्यक्ति के घर एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया था ।

२. इस प्रार्थना सभा में हिन्दुओं को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था । वहां उपस्थित लोगों को ईसाई धर्म से संबंधित प्रचार सामग्री वितरित की गई तथा उन्हें नौकरी एवं धन का लालच भी दिया गया । आरोप है कि सभा के समय प्रेमपाल ने हिन्दू धर्म के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं ।

३. प्रेमपाल के विरुद्ध अपराध प्रविष्ट होने के उपरांत मीरगंज पुलिस ने जांच आरंभ की । १० जुलाई को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी भागने की तैयारी में है । सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नगरिया सादात फाटक के सामने पुल के नीचे घेराबंदी कर उसे बंदी बना लिया ।

४. पूछताछ के समय आरोपी ने कथित रूप से कहा, “मुझे अपने किए पर पछतावा है । मुझसे गलती हुई है ।” पुलिस ने यह जानकारी दी ।

संपादकीय भूमिका

धर्मांतरित (बाटगे) लोग अधिक कट्टर होते हैं, इसका यह एक उदाहरण है ! पुलिस अधिकारी पुत्र को क्या अपने पिता की गतिविधियों की जानकारी नहीं थी ? इसकी भी जांच कर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए !