फ्रांस की ‘फ्रांस २४’ नामक समाचार वेबसाइट के संपादकीय में छत्रपती शिवाजी महाराज के माध्यम से हिन्दुत्वनिष्ठों पर की गई आलोचना ।

नई देहली – फ्रांस की ‘फ्रांस-२४’ समाचार वेबसाइट पर प्रकाशित एक संपादकीय में, तेलंगाना में स्थापित की गई छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा के संदर्भ में हिन्दुत्वनिष्ठों पर आलोचना की गई है । यह संपादकीय ‘इंडियाज हिन्दू नॅशनलिस्टस टेक १७ सेंच्युरी किंग ॲस न्यू अँटी मुस्लिम सिंबॉल’ (भारत के हिन्दू राष्ट्रवादियों ने १७ वीं शताब्दी के एक राजा को मुस्लिम-विरोध का नया प्रतीक बना लिया है) इस शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित किया गया है । इस संपादकीय में किसी लेखक के नाम का उल्लेख नहीं है ।
France 24's editorial claims that statues of Chhatrapati Shivaji Maharaj are being installed to target Muslims.
The deterioration of law and order in France due to the anti-social activities of some Muslim immigrants shows what Chhatrapati Shivaji Maharaj taught about dealing… pic.twitter.com/49tdYKDnSD
— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) July 12, 2026
इस प्रतिमा की स्थापना के विषय में ३१ मई के दिन एक अमेरिकी समाचार पत्र में लेख प्रकाशित हुआ था । जिसमें लिखा था कि आज के भारत में छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं स्थापित करने की एक नई परिपाटी (प्रथा) प्रारंभ हुई है ।
India's Hindu nationalists take 17th-century king as new anti-Muslim symbol
➡️ https://t.co/tkgppehQma pic.twitter.com/fMusgjnAMY— FRANCE 24 (@FRANCE24) July 10, 2026
संपादकीय में क्या लिखा गया है ?
इस संपादकीय में लिखा गया है कि भारत में अकस्मात छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं । २९ मई २०२६ के दिन सामाजिक माध्यमों (सोशल मीडिया) पर एक सूचना प्रसारित की गई थी कि तेलंगाना के संगारेड्डी में छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थापित की गई है । छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं निर्मित कर भारत के मुस्लिम समुदाय को लक्षित किया जा रहा है ।
‘लव जिहाद’ तथा हिन्दू युवती को उसके अभिभावकों को सौंपने की मांग करते हुए ग्रामवासियों ने कागल (जि. कोल्हापुर) पुलिस थाने पर मोर्चा निकाला
Railways New Rule : व्हाट्सऐप पर दिखाया गया रेलवे का अनारक्षित टिकट अमान्य : ‘रेल वन’ ऐप में उपलब्ध मूल टिकट दिखाना अनिवार्य
Muslim Reservation : मुसलमानों को धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता ! – नितेश राणे, मत्स्य व्यवसाय मंत्री
Bangladesh Temple Attack : बांग्लादेश के प्राचीन श्री कालीमाता मंदिर पर धर्मांध मुसलमानों का आक्रमण ।
‘मुस्लिम पर्सनल लॉ’ देश के कानून से ऊपर नहीं है ! – इलाहाबाद उच्च न्यायालय
इसके आगे छत्तीसगढ के मुसलमानों को गैरमुसलमानों के साथ विवाह करने के लिए वक्फ बोर्ड से अनुमति लेना आवश्यक