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रांची (झारखंड) – हिन्दुओं ने कभी किसी का धर्मांतरण नहीं किया । आक्रमण करना हिन्दुओं की संस्कृति नहीं है; परंतु यदि कोई सनातन धर्म को नष्ट करने का प्रयास कर रहा हो, तो अपनी संस्कृति की रक्षा करना प्रत्येक हिन्दू का आद्यकर्तव्य है । सनातन राष्ट्र की निर्मिति हेतु ही सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव का प्रयोजन है । अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मध्वज फहराकर सनातन संस्कृति की रक्षा का संदेश दिया है । अब हिन्दू ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद’ महोत्सव में सहभागी होकर सनातन राष्ट्र की निर्मिति के लिए तैयार हों’, ऐसा आवाहन केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री श्री. संजय शेठ ने किया ।

देहली में १३ एवं १४ दिसंबर को होनेवाले सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव की जानकारी देने हेतु २८ नवंबर को रांची में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री. संजय शेठ ऐसा बोल रहे थे । इस अवसर पर व्यासपीठ पर विश्व हिन्दू परिषद के झारखंड राज्य के अध्यक्ष श्री. चंद्रकांत रायपत, ‘रांची सिटीजन फोरम’की अध्यक्ष डॉ. रेणुका तिवारी, हिन्दू जनजागृति समिति के पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक श्री. शंभू गवारे, ‘मातृभूमि’के झारखंड राज्य के अध्यक्ष श्री. प्रेम वर्मा तथा रांची के ‘अखिल भारतीय कच्छ कडवा पाटीदार समाज’के श्री. प्रभुलाल पटेल उपस्थित थे ।
इस समय श्री. संजय शेठ ने कहा, ‘‘रामायण-महाभारत काल से सनातन धर्म की रक्षा के लिए अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया है । महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, बिरसा मुंडा, नेताजी सुभाषचंद्र बोस आदि ने सनातन राष्ट्र पर हो रहे आक्रमण नाकाम किए । हिन्दू इन महापुरुषों का बलिदान ध्यान में लेकर हिन्दू राष्ट्र की स्थापना के लिए तैयार रहें ।’’
धर्म एवं राष्ट्र की सेवा का प्रेरणा देनेवाला महोत्सव ! – शंभू गवारे, पूर्व एवं पूर्वोत्तर भारत राज्य समन्वयक, हिन्दू जनजागृति समिति

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने रामराज्य के समान आदर्श ‘सनातन राष्ट्र’ स्थापना का पवित्र संकल्प लिया है । महाभारत के युद्ध के पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने शंखनाद किया था, उसीप्रकार यह महोत्सव धर्मनिष्ठ समाज की आत्मशक्ति को जागृत कर धर्म एवं राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देनेवाला शंखनाद है । इस महोत्सव में ‘सनातन संस्कृति संवाद’, सांस्कृतिक-सामाजिक गतिविधियां, राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-नक्सलवाद की पृष्ठभूमि, रक्षानीति एवं राष्ट्रबळ को दृढ बनाने के उपाय इन विषयों पर विशेषज्ञ उद्बोधन करेंगे । इस महोत्सव में लगाई जानेवाली प्रदर्शनी में पहली बार ही छत्रपति शिवाजी महाराज की ‘भवानी तलवार’ प्रत्यक्ष दर्शन के लिए उपलब्ध होगी । पारंपरिक युद्धकलाओं के प्रदर्शन इस समोरोह का प्रमुख आकर्षण होगा ।
इस महोत्सव में समस्त हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन अपनी एकजुटता दिखाएं ! – चंद्रकांत रायपत, अध्यक्ष, विश्व हिन्दू परिषद, झारखंड

सनातनी समाज को जागृत करने की आवश्यकता है । हिन्दू जागृत हो रहे हैं । श्रीराममंदिर के निर्माण की प्रतिज्ञा पूर्ण हुई है तथा उस पर धर्मध्वज भी फहरा है । विश्व हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस महोत्सव में सहभागी होनेवाले हैं । किसी प्रकार का भेद न रखते हुए सभी ‘हिन्दू’ के रूप में इस सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में सहभागी हों । देश के विभिन्न क्षेत्रों के हिन्दू इस समारोह में हभागी होनेवाले हैं । अतः समस्त हिन्दुत्वनिष्ठ संगठन इस महोत्सव में एकजुटता दिखाएं ।
इस महोत्सव के द्वारा सनातन संस्कृति की रक्षा का संदेश पूरे विश्व में पहुंचेगा ! – डॉ. रेणुका तिवारी, अध्यक्ष, ‘रांची सिटीजन फोरम’

हिन्दू यदि एकत्रित नहीं हुए, तो भविष्य में भारतभूमि के और टुकडे होंगे । हिन्दू धर्म पर हो रहे आघातों को देखते हुए हिन्दू यदि संगठित हुए, तभी वे सुरक्षित रह पाएंगे । यह सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव समस्त हिन्दुओं की एकजुटता साधनेवाला है । इस महोत्सव से सनातन संस्कृति का संदेश पूरे विश्व में पहुंचेगा ।
मातृभूमि’के झारखंड राज्य अध्यक्ष श्री. प्रेम वर्मा ने कहा, ‘‘सनातन राष्ट्र की रक्षा हेतु हिन्दुओं को जागृत होना आवश्यक है । सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के द्वारा यह कार्य संपन्न होगा । इस महोत्सव के माध्यम से हिन्दुओं का संगठन होगा ।’’
महोत्सव में निम्न मान्यवर उपस्थित रहेंगे !

श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष प.पू. स्वामी गोविंददेवगिरीजी महाराज, मेहंदीपुर बालाजी मंदिर के प.पू. डॉ. नरेशपुरीजी महाराज, हिन्दू जनजागृति समिति के मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी, साथ ही सनातन संस्था की उत्तराधिकारिणियां श्रीसत्शक्ति (श्रीमती) बिंदा सिंगबाळजी एवं श्रीचित्शक्ति (श्रीमती ) अंजली गाडगीळजी सभी का मार्गदर्शन करेंगी ।
इसके साथ ही केंद्रीय पर्यटन एवं सांस्कृतिक मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय शेठ, देहली के सांस्कृतिकमंत्री कपिल मिश्रा, छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज सांसद छत्रपति उदयनराजे भोसले, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश उदय लळीत, उत्तरप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री. सतीश महाना, भारत के रक्षा मंत्रालय के पूर्व प्रधान सलाहकर लेफ्टनेंट जनरल विनोद खंदारे, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य श्री. प्रियांक कानुनगो, ‘सेव कल्चर सेव भारत’ के अध्यक्ष तथा भारत के पूर्व सूचना आयुक्त श्री. उदय माहूरकर, ‘प्राच्यम् ओटीटी’ के संस्थापक कैप्टन प्रवीण चतुर्वेदी, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन तथा ‘सुदर्शन टीवी’के प्रमुख संपादक श्री. सुरेश चव्हाण को आमंत्रित किया गया है ।
| सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव के लिए नाम का पंजीकरण : इसके लिए जिज्ञासु sanatanrashtrashankhnad.in इस जालस्थल पर जाएं । |
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