योग शरीर को ४० वर्ष की आयु में २० वर्ष की आयु से भी अधिक लचीला बनाने में सहायक है ! – PM Narendra Modi

योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है तथा किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है । यह मानव आत्मा की अभिव्यक्ति है । योग हमें संतुलित जीवन जीना सिखाता है तथा क्या करना चाहिए तथा क्या नहीं करना चाहिए, इसका भी बोध कराता है । यह मार्गदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां दिया ।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी एकमेवाद्वितीय एवं अवतारी पुरुष क्यों हैं ?

सनातन संस्था के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. जयंत आठवलेजी पर जिनकी श्रद्धा है, वे उन्हें ‘अवतारी पुरुष’ मानते हैं । सनातन के साधक उन्हें गुरुस्थान पर मानते हैं तथा ‘उनके समान गुरु कहीं नहीं देखे’, ऐसा उनका भाव है ।

‘जहां जाऊं मैं, वहां गुरुदेवजी आप ही हैं !’

इस लेखमाला में ‘ईश्वर साधकों का कैसे ध्यान रखते हैं ?’, इससे संबंधित प्रसंग दे रहे हैं । इससे ‘जहां जाऊं, वहां आप मेरे सहयात्री !’, यह संतवचन कितना सार्थ है, यह ध्यान में आएगा ।

‘पितांबरी’ उद्योगसमूह के प्रबंध निदेशक डॉ. रवींद्र प्रभुदेसाई की कृषि विषयक पुस्तकों का राज्यपाल के हाथों विमोचन ।

प्रगतिशील खेती के नए-नए प्रयोगों को समाहित करनेवाली ये पुस्तकें आधुनिक खेती के लिए युवाओं को प्रेरित करनेवाली हैं ।

‘आत्मा एक ही है, केवल उसके रूप भिन्न हैं’, यह ज्ञात होने पर द्वैत समाप्त होकर ‘एकत्व साधना’ संभव हो पाता है !

‘देह भले ही भिन्न हो, तब भी सभी में विद्यमान ‘ब्रह्म’ एक ही है’, यह कहकर भैंसे के मुख से भी वेद बुलवानेवाले संत ज्ञानेश्वरजी कहते हैं, ‘‘आत्मा एक ही है । हमारी भिन्न-भिन्न देह के रूप भले ही उसमें समाहित हों, तब भी हममें विद्यमान ईश्वर का आत्मरूप एक ही है ।’’

धर्म की रक्षा करने हेतु घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराज के जन्म लेने की आवश्यकता ! – श्रीमंत मुधोजीराजे भोसले

दुर्ग (छत्तीसगढ) में २ दिवसीय अनिवासी ‘शौर्य जागृति प्रशिक्षण शिविर’ का समापन l
१ सहस्र से अधिक युवकों ने स्वरक्षा के साथ राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा का लिया संकल्प !

Jaipur Dialogues SHATRUBODH : तीन दिन में ४२ सत्र संपन्न – ‘शत्रुबोध’ एवं ‘आत्मबोध’ इन विषयों पर विचारमंथन !

‘सिविलाइजेशन शत्रुबोध’ (संस्कृति के विरोध से संबंधित) इस सत्र में डॉ. ओमेंद्र रत्नू, शेफाली वैद्य, एस्थर धनराज, संदीप बालकृष्ण एवं कार्तिक गौर ने ऐतिहासिक झूठी कहानियों के विरोध में आग्रहपूर्ण भूमिका रखी ।

Operation Sindoor Col Sofiya Qureshi : ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत के बहुक्षेत्रीय अचूक युद्ध का प्रमाण ! – कर्नल सोफिया

माणेकशॉ सेंटर में आयोजित ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग : यंग लीडर्स फोरम’ में कर्नल सोफिया कुरैशी ‘भारत की युद्धनीति में युवकों की भूमिका’, इस विषय पर बोल रही थीं ।

सनातन संस्कृति की शिक्षा ही वास्तविक शिक्षा है ! – सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगळे

मनुष्य योनि सर्व योनियों में सर्वोच्च है । मनुष्य योनि में जन्म लेने के उपरांत व्यक्ति के इस जन्म का उद्देश्य क्या है ? तथा उसे वह कैसे साध्य करे, यह प्रश्न निर्माण होने पर ही मनुष्य के जन्म की यात्रा आरंभ होती है ।

भक्तों पर अखंड कृपाछत्र बनाए रखनेवाले प.पू. भक्तराज महाराजजी !

सनातन के प्रेरणास्रोत प.पू. भक्तराज महाराजजी की जन्मशताब्दी के उपलक्ष्य में उनके शिष्य डॉ. जयंत आठवलेजी द्वारा समर्पित भावसुमनांजलि !