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दुर्ग (छत्तीसगढ) – जब हमारी माता-बहनों पर अत्याचार बढे, हमारे धर्म पर आक्रमण बढे तथा हमारे मंदिरों को ध्वस्त किया जाने लगा, तब हमारे शूर राष्ट्रीय पुरुषों ने उसका प्रतिकार कर हमारी माता-बहनों, मंदिरों एवं धर्म की रक्षश की । उसीप्रकार से वर्तमान प्रतिकूल परिस्थिति में भी घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराजजी के जन्म लेने की आवश्यकता है । ‘वैदिक गुरुकुल कल्याण फाऊंडेशन’ एवं हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा शौर्य जागृत करने का किया जा रहा कार्य देखकर मेरा यह विश्वास है कि आनेवाले समय में घर-घर में छत्रपति शिवाजी महाराज एवं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई जन्म लेंगी, ऐसा प्रतिपादन छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशज श्रीमंत मुधोजीराजे भोसले ने किया ।
हिन्दू जनजागृति समिति एवं ‘वैदिक गुरुकुल कल्याणकारी फाऊंडेशन’के संयुक्त आयोजन में दुर्ग के पुलगांव की महेश कॉलोनी में आयोजित २ दिवसीय अनिवासी ‘शौर्य जागृति प्रशिक्षण शिविर’ में युवक-युवतियों ने उत्साह के साथ भाग लिया तथा स्वरक्षा की शिक्षा लेकर अन्याय के विरुद्ध लडने का संकल्प लिया । इस शिविर में सनातन संस्था के धर्मप्रचारक संत पू. अशोक पात्रीकरजी की वंदनीय उपस्थिति थी । इस शिविर में दुर्ग के पुलिस अधीक्षक श्री. विनोद अगरवाल, पुलिस उपअधीक्षक भारती मारकाम, हिन्दू जनजागृति समिति के महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक श्री. सुनील घनवट, ‘वैदिक गुरुकुल कल्याणकारी फाऊंडेशन’के संस्थापक अधिवक्ता आशिष शर्मा, भाजपा नेता श्री. प्रबल प्रताप जुदेव, राज्य के शिक्षामंत्री श्री. गजेंद्र यादव, दुर्ग की महापौर अलका बागमार आदि मान्यवर उपस्थित् थे । उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन कर उनकी प्रशंसा की ।

इस शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमंत मुधोजीराजे ने आगे कहा, ‘‘श्रीमंत रघुजीराजे भोसले ने हिन्दू स्वराज की रक्षा के लिए छत्तीसगढ की स्थापना की । हमने हमारा शौर्य से भरा इतिहास जान लिया, तभी हमें आनेवाले काल के लिए सच्ची प्रेरणा मिल सकती है । हम उन वीरों के वंशज हैं । अतः हमें राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा हेतु सदैव प्रयासशील रहना चाहिए ।’’
युवकों को स्वयं में शौर्य को जागृत करने की ! – गजेंद्र यादव, शिक्षामंत्री, छत्तीसगढ
जिजामाता ने छत्रपति शिवाजी महाराज को उनके बचपन से ही शस्त्र एवं शास्त्रों की शिक्षा देकर सक्षम बनाया तथा हिन्दू स्वराज की नींव रखी । वही शौर्य आज के प्रत्येक युवक में विद्यमान है; परंतु उसे जागृत करने की आवश्यता है, जो इस शिविर के माध्यम से किया जा रहा है ।
सनातन धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र के साथ शस्त्र चलाना भी सिखना चाहिए ! – प्रबल प्रताप जुदेव, नेता, भाजपा

सनातन धर्म की रक्षा करने हेतु शास्त्रों के साथ शस्त्र चलाना भी सिखना आवश्यक है । वर्तमान समय में सनातन धर्म संकट में हैं; इसलिए सनातन को युवकों की आवश्यकता है । आनेवाले कठिन समय में ही हमें शास्त्र एवं शस्त्र इन दोनों के साथ तैयार रहना चाहिए । उनकी रक्षा के लिए युवाशक्ति जागृत हो रही है, यह देखकर प्रसन्नता होती है ।
धर्म की रक्षा के लिए आत्मबल बढाने हेतु प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’ का जाप करें ! – पू. अशोक पात्रीकरजी

वर्तमान परिस्थिति में हमें अन्याय सहन नहीं करना चाहिए, अपितु उसका प्रतिकार करना चाहिए । उसके लिए साधना के रूप में हमें बलोपासना करनी चाहिए । हिन्दू धर्म के अनुसार महिलाओं में दुर्गातत्त्व एवं पुरुषों में शिवतत्त्व होता है । साधना कर हमें इन तत्त्वों को जागृत करना चाहिए । इसके साथ ही आत्मबल बढाने हेतु प्रतिदिन ‘श्रीराम जय राम जय जय राम’, यह जाप करना आवश्यक है ।
स्वरक्षा सिखकर राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा में अपना योगदान दें ! – सुनील घनवट, महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ राज्य संगठक

जिन राष्ट्रपुरुषों एवं क्रांतिकारियों ने उनकी युवावस्था में ही राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया, उनके शौर्य का एक अंश हम में भी है; परंतु हमें उसे जागृत करने की आवश्यता है । राष्ट्ररक्षा करना युवकों का दायित्व है । उसके लिए पहले स्वरक्षा सिखकर उसके उपरांत राष्ट्र एवं धर्म के लिए योगदान दें । इसके साथ ही वर्तमान समय में विद्यालयों-महाविद्यालयों से धर्मंध एवं वामपंथी शक्तियां हमारे युवकों को शौर्यहीन बना रही हैं, उसके प्रति अभिभावकों को सतर्क रहकर उसकी ओर ध्यान देना चाहिए ।
प्रतिसप्ताह नियमितरूप से स्वरक्षा सीखें ! – अलका बागमार, महापौर, दुर्ग
हमें प्रतिसप्ताह नियमितरूप से ऐसे कार्य के लिए थोडासा समय देकर स्वरक्षा प्रशिक्षण लिया तथा अन्यों को भी इस कार्य में सम्मिलित कर लिया, तो वह राष्ट्र एवं धर्म की रक्षा में हमारा बडा योगदान सिद्ध होगा ।
‘वैदिक गुरुकुल कल्याणकारी फाऊंडेशन’के विषय में फाऊंडेशन के संस्थापक अधिवक्ता आशिष शर्मा ने जानकारी दी । हिन्दू जनजागृति समिति के श्री. कमल बिस्वाल ने इस शिविर की प्रस्तावना बताई, जबकि अंजली कानस्कर एवं मेघा राठी ने सूत्रसंचालन किया ।
क्षणिकाएं :१. दुर्ग के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री. विजय अगरवाल एवं पुलिस उपअधीक्षक भारती मारकाम ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी देकर ऐसे शिविरों की आवश्यकता विशद कर कहा कि यदि आप स्वयं की रक्षा के लिए तैयार रहेंगे, तो कानून आपके साथ है । २. इस शिविर में मुख्य प्रशिक्षक हिन्दू जनजागृति समिति के युवा संगठक श्री. निरंजन चोडणकर एवं उनके सहयोगी प्रशिक्षकों ने कठिन प्रसंगों में कराटे, लाठी, नानचाकू आदि की सहायता से किसप्रकार स्वरक्षा करनी चाहिए, इसके उपाय सिखाए । |
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