पूर्वजों की दिनचर्या पुरानी नहीं, अपितु आश्चर्यजनक रूप से उन्नत है !
प्राचीन भारतीय ज्ञान ‘आरोग्य विज्ञान’ के रूप में पुनः लौटा है !
प्राचीन भारतीय ज्ञान ‘आरोग्य विज्ञान’ के रूप में पुनः लौटा है !
यह स्वास्थ्यविज्ञान मेरे लिए प्रयोगशाला में आरंभ नहीं हुआ था । इसका आरंभ मेरी अपनी दादी की शांत अनुशासित दिनचर्या से हुई थी । प्रतिदिन वे प्रातः ४ बजे से पहले उठ जाती थीं ।
योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है तथा किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है । यह मानव आत्मा की अभिव्यक्ति है । योग हमें संतुलित जीवन जीना सिखाता है तथा क्या करना चाहिए तथा क्या नहीं करना चाहिए, इसका भी बोध कराता है । यह मार्गदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां दिया ।
‘बायो-वेल जी.डी.वी.’ (टिप्पणी १) नामक वैज्ञानिक उपकरण द्वारा ‘सूर्यनमस्कार करने से पहले तथा संबंधित मंत्रोच्चार सहित १२ सूर्यनमस्कार करने के बाद’ की रीडिंग ली गईं। इस उपकरण द्वारा व्यक्ति के कुंडलिनी चक्रों की स्थिति का अध्ययन किया जा सकता है।
कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी के २१ जून के कार्यक्रम पर मुसलमानों द्वारा आलोचना l
व्यायाम प्रत्येक दिन थोडा-थोडा बढाते जाएं और स्वयं को सहन हो, इतना ही करें ।
योगशास्त्र में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए विविध आसन बताए हैं । योगसाधना में नाडीशोधन के लिए आसन करना आवश्यक होता है ।
प्राणायाम करने के लिए प्रयत्नपूर्वक, सुनियंत्रित, दीर्घ; परंतु योग्य मात्रा में श्वास ली जाती है ।
प्राणायाम हठयोग और पातंजल (अष्टांग) योग का एक प्रमुख भाग है । आसनों के दीर्घ अभ्यास के कारण साधक प्राणायाम के लिए सिद्ध होता है ।