योग शरीर को ४० वर्ष की आयु में २० वर्ष की आयु से भी अधिक लचीला बनाने में सहायक है ! – PM Narendra Modi

योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है तथा किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है । यह मानव आत्मा की अभिव्यक्ति है । योग हमें संतुलित जीवन जीना सिखाता है तथा क्या करना चाहिए तथा क्या नहीं करना चाहिए, इसका भी बोध कराता है । यह मार्गदर्शन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां दिया ।

Muslims Oppose : (और इनकी सुनिए…) ‘मार्ग (सडक) पर नमाजपठण नहीं, तो योग दिन क्यों ?’

कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी के २१ जून के कार्यक्रम पर मुसलमानों द्वारा आलोचना l

योगाभ्यास करते समय यह करें !

व्यायाम प्रत्येक दिन थोडा-थोडा बढाते जाएं और स्वयं को सहन हो, इतना ही करें ।

कौन-से आसनों से किन रोगों पर लाभ होता है ?

१. शवासन : मानसिक तनाव, रक्तचाप, नींद न आना, हृदय रोग

आसन

योगशास्त्र में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए विविध आसन बताए हैं । योगसाधना में नाडीशोधन के लिए आसन करना  आवश्यक होता है ।

प्राणायाम कैसे करें ?

प्राणायाम करने के लिए प्रयत्नपूर्वक, सुनियंत्रित, दीर्घ; परंतु योग्य मात्रा में श्वास ली जाती है ।

प्राणायाम

प्राणायाम हठयोग और पातंजल (अष्टांग) योग का एक प्रमुख भाग है । आसनों के दीर्घ अभ्यास के कारण साधक प्राणायाम के लिए सिद्ध होता है ।

विज्ञान को असंभव लगनेवाली गतिविधियां योग के कारण संभव होना – वैज्ञानिकों द्वारा प्रकाशित ब्योरा

वर्ष १९६२ में जो कामिया (Joe Kamiya) नामक जैवमानस वैज्ञानिक ने अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से पहली बार योगसिद्धियों के संदर्भ में विद्यमान वास्तविकताओं से संबंधित वैज्ञानिक ब्योरा प्रकाशित किया ।

क्रोध, लोभ, मत्सर और मन की चंचलता दूर करने का सरल उपाय ‘योगदर्शन’ !

सभी हिन्दू धर्मग्रंथ तथा धार्मिक साहित्य का उद्देश्य एक ही है और वह है कि मनुष्य को नीतिमूल्यों का आदर करना सिखाना ।

चित्तवृत्तियों का निरोध करना ही योग !

योगासन मात्र शारीरिक व्यायाम नहीं, किंतु आध्यात्मिक व्यायाम हैं । मानसिक स्तर पर कार्य करनेवाले धर्मद्रोहियों का कार्य और उनके नाम कुछ वर्ष उपरांत किसी के ध्यान में नहीं रहते ।