साधको, वर्तमान आपातकाल में रात्रि के समय व्यक्तिगत वाहन से लंबी दूरी की यात्रा करने से बचें तथा अपरिहार्य परिस्थिति में ही आध्यात्मिक स्तर के उपाय करके रात्रि-यात्रा करें !

अनेक साधक व्यक्तिगत कारणों से अथवा विभिन्न सेवाओं के निमित्त दोपहिया अथवा चारपहिया वाहन से यात्रा करते हैं। दिनभर के कार्य अथवा सेवा का समय बचाने के लिए साधक रात्रि में लंबी दूरी की यात्रा करते हैं।

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा साधकों के लिए व्यष्टितथा समष्टि स्तर पर किए आध्यात्मिक उपचारों का अध्यात्मशास्त्र

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा व्यष्टि स्तर पर साधकों के लिए किए गए उपचारों का अध्यात्मशास्त्रीय आधार

वर्ष २०२६ में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा साधकों को बताई गई भगवान श्रीराम की उपासना का काल के अनुसार महत्त्व !

‘वर्ष २०२६ की महाशिवरात्रि से अर्थात १५.२.२०२६ से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने साधकों को श्रीराम की उपासना (नामजप, स्तोत्र का पाठ इत्यादि) करने के लिए कहा है । इस संदर्भ में सूक्ष्म ज्ञान से प्राप्त जानकारी आगे दी गई है ।

कलियुग में ईश्‍वरप्राप्ति का सुलभ एवं सरल मार्ग है नामस्मरण !

नाम की महिमा ऐसी है कि उसके कारण मन के विकार दूर होते हैं तथा अंतःकरण शुद्ध होता है एवं सद्गुरु को हृदय में विराजमान करने के लिए नाम अति आवश्यक है ।

देहली में सनातन संस्था की ओर से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन !

सनातन संस्था की ओर से ‘शहीद भाई मुकुंद सर्वाेदय विद्यालय’ में ‘विद्यार्थी जीवन में नामजप का महत्त्व’ विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया ।

पितृदोष दूर होने हेतु पितृपक्ष में दत्तात्रेय देवता का नामजप, प्रार्थना और श्राद्धविधि करें !

साधकों के लिए सूचना

नामजप एवं आध्यात्मिक स्तर के उपाय करना तनाव दूर करने का सर्वाेत्तम उपाय !

‘एक बार मैंने एक लेख में पढा कि किसी आर्थिक अथवा शारीरिक बलवान व्यक्ति ने बलहीन व्यक्ति के साथ अन्याय किया, तो बलहीन व्यक्ति उसका विरोध नहीं कर सकता ।

‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ में रामराज्य के लिए सामूहिक जपयज्ञ

…यह राष्ट्र शीघ्रातिशीघ्र ‘सनातन राष्ट्र’ बने’’, ऐसी प्रभु श्रीराम के पवित्र चरणों में भावपूर्ण प्रार्थना कर जपयज्ञ का प्रारंभ किया गया ।

Prayagraj Kumbh Parva 2025 : महाकुंभपर्व में चौक-चौक पर खडे रहकर सभी को श्रीरामनाम लेने का आवाहन !

‘सत स्वरूप ज्ञान विज्ञान संस्था’ की साधिकाओं की ओर से कुंभक्षेत्र के चौक-चौक पर खडे रहकर ध्वनियंत्र से आनेवाले सभी श्रद्धालुओं को श्रीरामनाम लेने का आवाहन किया जा रहा है ।

साधको, दुर्घटना से रक्षा होने हेतु प्रतिदिन नामजप आदि उपचार करो !

भिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं से रक्षा होने हेतु साधक उपास्‍यदेवता से प्रार्थना करें एवं व्यक्तिगत नामजप के साथ ही आगे दिया नामजप करें ।