वर्ष २०२६ में सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी द्वारा साधकों को बताई गई भगवान श्रीराम की उपासना का काल के अनुसार महत्त्व !
‘वर्ष २०२६ की महाशिवरात्रि से अर्थात १५.२.२०२६ से सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने साधकों को श्रीराम की उपासना (नामजप, स्तोत्र का पाठ इत्यादि) करने के लिए कहा है । इस संदर्भ में सूक्ष्म ज्ञान से प्राप्त जानकारी आगे दी गई है ।