देश के मंदिरों के लिए एक स्वतंत्र ‘सनातन संरक्षण मंडल’ या समिति का गठन किया जाना चाहिए ! – Shankaracharya Sadanand Saraswati

श्रीराम मंदिर में दान की चोरी के संबंध में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती की मांग

(और इनकी सुनिए…) “भारत के विरुद्ध युद्ध छेडे बिना कोई विकल्प नहीं बचेगा !” – Khawaja Asif

अब तक हुए प्रत्येक युद्ध में पाकिस्तान की क्या स्थिति हुई है, यह उसे भलीभांति ज्ञात है । यदि उसे फिर से युद्ध करना ही है, तो भारत को इस बार पाकिस्तान के चार टुकडे करके ही रुकना चाहिए !

अमेरिका कितना भी दबाव डाले, फिर भी लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे ! – इजराइल

इजराइल के अर्थमंत्री बेझलेल स्मोट्रची ने कहा कि, जब तक आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला पूरी तरह से हथियार डालकर आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक इजराइल अपनी नीति नहीं बदलेगा ।

इजरायल वास्तविकता का भान रखे – अब अमेरिका ही उसका एकमात्र मित्र । – JD Vance

इजरायल वास्तविकता का भान रखे तथा इजरायल के सबसे बडे मित्रराष्ट्र की अकारण आलोचना करना टालें, इन कठोर शब्दों में अमेरिका के उपराष्ट्रपति वांस ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू को खरी-खरी सुनाई ।

देश के महत्त्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से आक्रमण की आशंका : सरकार की ओर से अति सतर्कता की चेतावनी

भूमि एवं समुद्री सीमाओं के निकट स्थित महत्त्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से आक्रमण होने की आशंका व्यक्त करते हुए जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विभाग ने चेतावनी जारी की है ।

अब शत्रु की मिसाइलें हवा में ही नष्ट होंगी !

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन अर्थात ‘डी.आर.डी.ओ.’ ने बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के लगातार ३ सफल परीक्षण पूर्ण किए हैं ।

India Nuclear Weapon : भारत के पास अनुमान से बहुत अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं – पाकिस्तान

भारत को बार-बार परमाणु युद्ध की धमकी देने वाले पाकिस्तान ने भारत की बढती परमाणु क्षमता के परिणामों को लेकर चिंता भी व्यक्त की है ।

भारत ने पहली बार मिसाइलों पर १२ ‘सक्रिय’ परमाणु शस्त्र तैनात किये ! – SIPRI Report

सिप्री का कहना यह है कि ये शस्त्र भारतीय नौसेना, पनडुब्बियों या अन्य वाहक प्रणालियों पर सतत तैनात रखे गए हैं । संक्षेप में, यदि किसी देश ने भारत पर परमाणु शस्त्रोंका उपयोग करने का प्रयास किया, तो भारत तत्काल परमाणु शस्त्रों के माध्यम से प्रति आक्रमण के लिए समर्थ है ।

India’s Defence Exports: विश्व के १०० से अधिक देशों को भारत रक्षा निर्यात कर रहा है ।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ में ‘ब्रह्मोस’ तथा ‘आकाश’ जैसी भारतीय हथियार प्रणालियों के उपयोग के बाद उनकी वैश्विक मांग तेजी से बढी है । कई देशों ने इन्हें खरीदने में रुचि दिखाई है, जबकि कुछ देशों के साथ सहस्त्रों करोड रुपये के समझौते भी हुए हैं ।

रूस एवं तालिबान सरकार के बीच सैन्य सहयोग का समझौता !

एक ओर पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता आया है कि भारत अफगानिस्तान के कंधे पर बंदूक रखकर पाकिस्तान विरोधी गतिविधियां चला रहा है । अब इस रक्षा समझौते के पश्चात पाकिस्तान की बेचैनी बढना कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी !