Pakistan Threatens India : (और इनकी सुनिए …) ‘यदि भारत ने पानी रोका, तो परमाणु युद्ध होगा ’ – पाकिस्तान के पूर्व रक्षा मंत्री

सिंधु जल बंटवारा संधि को भारत द्वारा निरस्त किए जाने की घटना ।

Kanishka Blast : वर्ष १९८५ में एयर इंडिया के ‘कनिष्क’ विमान में खालिस्तानी आतंकवादियों ने विस्फोट किया था ।

४१ वर्षों के पश्चात कनाडा ने किया स्वीकार ।
भारतीय मूल के ३२९ यात्रियों की हुई थी मृत्यु।

Indus Water Treaty Crisis : सिंधु जल-वितरण करार को लेकर पाकिस्तान ने कश्मीर सीमा पर ३५ ड्रोन-रोधी यूनिट नियुक्त किए !

लेजर से सुसज्जित ये यूनिट हवाई आक्रमणों को रोकने का कार्य करेंगे । पाकिस्तान ने एआई फेन्सिंग भी स्थापित किया है ।

India UAE BrahMos Deal : संयुक्त अरब अमीरात भारत से ‘ब्राह्मोस’ क्षेपणास्त्र क्रय पर कर रहा है चर्चा !

समाचार एजेंसी ‘रॉयटर्स’ ने दावा किया है कि संयुक्त अरब अमिरात भारत के सुपरसोनिक क्रूज क्षेपणास्त्र ‘ब्राम्होस’ तथा वायु रक्षा प्रणाली ‘आकाशतीर’ क्रय के लिए भारत सरकार के साथ चर्चा कर रहा है ।

देश के मंदिरों के लिए एक स्वतंत्र ‘सनातन संरक्षण मंडल’ या समिति का गठन किया जाना चाहिए ! – Shankaracharya Sadanand Saraswati

श्रीराम मंदिर में दान की चोरी के संबंध में शंकराचार्य सदानंद सरस्वती की मांग

(और इनकी सुनिए…) “भारत के विरुद्ध युद्ध छेडे बिना कोई विकल्प नहीं बचेगा !” – Khawaja Asif

अब तक हुए प्रत्येक युद्ध में पाकिस्तान की क्या स्थिति हुई है, यह उसे भलीभांति ज्ञात है । यदि उसे फिर से युद्ध करना ही है, तो भारत को इस बार पाकिस्तान के चार टुकडे करके ही रुकना चाहिए !

अमेरिका कितना भी दबाव डाले, फिर भी लेबनान से पीछे नहीं हटेंगे ! – इजराइल

इजराइल के अर्थमंत्री बेझलेल स्मोट्रची ने कहा कि, जब तक आतंकवादी संगठन हिजबुल्ला पूरी तरह से हथियार डालकर आत्मसमर्पण नहीं करता, तब तक इजराइल अपनी नीति नहीं बदलेगा ।

इजरायल वास्तविकता का भान रखे – अब अमेरिका ही उसका एकमात्र मित्र । – JD Vance

इजरायल वास्तविकता का भान रखे तथा इजरायल के सबसे बडे मित्रराष्ट्र की अकारण आलोचना करना टालें, इन कठोर शब्दों में अमेरिका के उपराष्ट्रपति वांस ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू को खरी-खरी सुनाई ।

देश के महत्त्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से आक्रमण की आशंका : सरकार की ओर से अति सतर्कता की चेतावनी

भूमि एवं समुद्री सीमाओं के निकट स्थित महत्त्वपूर्ण स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से आक्रमण होने की आशंका व्यक्त करते हुए जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के समुद्री सुरक्षा विभाग ने चेतावनी जारी की है ।

अब शत्रु की मिसाइलें हवा में ही नष्ट होंगी !

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन अर्थात ‘डी.आर.डी.ओ.’ ने बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली के लगातार ३ सफल परीक्षण पूर्ण किए हैं ।