हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं के लिए आदर्श जीवन-पद्धति का महत्त्व !
‘हिन्दुत्वनिष्ठ कार्यकर्ताओं को साधना का स्तर बढाना चाहिए । मेरे गुरुदेव ने मुझसे कहा, ‘आप स्वरक्षा प्रशिक्षण देते हैं; परंतु एक कार्य और करना चाहिए । यदि हम केवल एक हाथ में भाला लेकर निकलेंगे, तो हमारा कल्याण नहीं होगा । हमें दूसरे हाथ में जपमाला लेकर भी चलना चाहिए ।’