गाजियाबाद, एटा एवं महाराजगंज जनपदों में जिहादियों द्वारा हिन्दू बालिकाओं पर अत्याचार !

हाल ही में राज्य के ३ जनपदों से ‘लव जिहाद’ के ४ प्रकरण सामने आए हैं । गाजियाबाद, एटा एवं महाराजगंज में ११ से १५ वर्ष की अल्पवयस्क हिन्दू बालिकाओं को अपने जाल में फंसाकर लव जिहादियों ने उनके साथ बलात्कार करना, धर्मान्तरण तथा विवाह के लिए दबाव बनाना आदि कृत्य किए ।

भारतीय संस्कृति एवं (हिन्दू) धर्म भारत की आत्मा हैं ! – Karnataka High Court

भारत यद्यपि एक धर्मनिरपेक्ष देश है, तथापि इसका अर्थ यह नहीं है कि देश के (हिन्दू) धार्मिक एवं सांस्कृतिक उपक्रमों को स्थान नहीं दिया जा सकता, ऐसा कहते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बेंगलुरु पश्चिम नगर महानगरपालिका के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मल्लेश्वरम ब्राह्मण सभा को शंकराचार्य जयंती मनाने हेतु सभागार उपलब्ध कराने से मना किया गया था ।

Hizbullah Ali Khan : पाकिस्तानी अपराधी के संपर्क में आकर मुसलमान बने हिन्दू तरुण को कुछ घरों पर ग्रेनेड फेंककर हत्या करने का आदेश !

उत्तरप्रदेश आतंकवादविरोधी दल ने हिजबुल्ला अली खान (तुषार चौहान) एवं समीर खान इन दो आतंकवादियों को बंदी बनाया है ।

हिन्दू समाज को संप्रदायों में विभाजित न होकर स्वयं एकजुट होना होगा l – Supreme Court

आप यह नहीं कह सकते कि “हम एक संप्रदाय के हैं और वे दूसरे के ।” यदि हिन्दू संप्रदाय दूसरों के लिए अपने द्वार नहीं खोलते, तो अंततः उनको ही हानि होगी। ऐसा अवलोकन सर्वोच्च न्यायालय ने सबरीमला मंदिर की घटना की सुनवाई के समय किया ।

‘धर्मांध’ ठहराए गए २० वारकरी कीर्तनकारों को ‘हिन्दू धर्मरक्षक’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा

कुछ दिन पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार दल के प्रवक्ता विकास लवांडे ने २० वारकरी कीर्तनकारों को, जो हिन्दुत्व का प्रचार करते हैं, इसलिए उन पर धर्मांध होने का आरोप लगाकर उनके नाम सार्वजनिक किए हैं ।

छत्रपति संभाजीनगर : अम्बेडकर जयंती की शोभायात्रा में क्रूरकर्मी औरंगजेब के फलक लहराए गए ।

भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में यहां निकाली गई शोभायात्रा में एक धर्मांध युवक द्वारा क्रूरकर्मी औरंगजेब का फलक लहराने की क्षोभजनक घटना सामने आई है ।

सामाजिक सुधार के नाम पर धर्म को खोखला नहीं किया जा सकता ! – Supreme Court

वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा धार्मिक संस्थाओं को अपने कार्यों के प्रबंधन के अधिकार के संबंध में दिए गए तर्क को सुनते समय सर्वोच्च न्यायालय ने यह टिप्पणी की ।

संपादकीय : इच्छामृत्यु और जनहित !

जिस कानून के आधार पर न्याय दिया जाता है, वह कानून मूलतः नैतिकता के आधार पर हो, यही समाज व्यवस्था की दृष्टि से हितकारी है !

भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए पूरा जीवन समर्पित करनेवाले बेंगलुरू (कर्नाटक) के पू. डॉ. शिवकुमार ओझाजी !

पू. डॉ. शिवकुमार ओझाजी विज्ञान के प्रसिद्ध शोधकर्ता होते हुए भी उन्होंने संस्कृत, हिन्दी, अध्यात्मशास्त्र एवं भारतीय संस्कृति के विषयों पर अनेक ग्रंथ लिखे हैं । उनके ग्रंथों में समाहित प्रत्येक पंक्ति अत्यंत महत्त्वपूर्ण है । इसके कारण वे ‘कलियुग के प्रथम वेदऋषि हैं’, इसका मुझे तीव्रता से बोध हुआ ।’ 

भूतल पर सर्वश्रेष्ठ जन्म अर्थात हिन्दू धर्म में जन्म मिलना ! -सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी

‘इस भूतल पर ‘हिन्दू धर्म में जन्म मिलना’ श्रेष्ठ है तथा उसमें भी इस जन्म में अध्यात्म एवं साधना में रुचि होना सर्वश्रेष्ठ है !’