
‘इस भूतल पर ‘हिन्दू धर्म में जन्म मिलना’ श्रेष्ठ है तथा उसमें भी इस जन्म में अध्यात्म एवं साधना में रुचि होना सर्वश्रेष्ठ है !’
ईश्वर को बुद्धि से समझने की अपेक्षा उनकी भक्ति करना महत्त्वपूर्ण !
‘अनेक लोग ‘ईश्वर कैसे हैं, वे कैसे दिखते हैं’, इस प्रकार बुद्धि के स्तर पर विचार करते हैं; परंतु उसके स्थान पर लोगों ने ईश्वर की भक्ति की, तो उन्हें इन प्रश्नों के उत्तर बडी सहजता से मिल सकेंगे !
जीवन में आनंदित रहने का एकमात्र उपाय है साधना
‘हम साधक अल्पसंख्यक हैं, तब भी हम आनंदित हैं । समाज के अधिकांश लोग साधना न करने के कारण जीवन में दुखी होते हैं तथा उन्हें मानसिक उपचार के लिए मनोविकार विशेषज्ञों के पास जाना पडता है ।’
अन्यों की सहायता करना तथा उससे उत्पन्न होनेवाले लेन-देन हिसाब से संबंधित अध्यात्मशास्त्र
‘अन्यों की सहायता करना’ सामाजिक एवं साधना, इन दोनों के दृष्टिकोण से आवश्यक गुण है । अन्यों की सहायता करते समय केवल अपना बडप्पन दिखाने के लिए उनकी सहायता की अथवा उस कृति के विषय में अन्यों को प्रशंसा मिलने की दृष्टि से बताया, तो उस ‘मैं पन’ के कारण लेन-देन हिसाब उत्पन्न होता है; परंतु वही कृति यदि निरपेक्ष भाव से की तथा उस कृति का कर्तापन नहीं लिया, तो उससे लेन-देन हिसाब उत्पन्न नहीं होता ।
संक्षेप में कहा जाए, तो साधना के रूप में अन्यों की सहायता की, तो उससे लेन-देन हिसाब उत्पन्न नहीं होता ।’
गुरु का महत्त्व !
‘नित्य जीवन में कोई प्रिय कृति करना टालना अथवा प्रिय पदार्थ खाना टालना अथवा व्यसन छोडना बहुत कठिन होता है । उसके लिए बहुत प्रयास करने पडते हैं । माया की कोई बात त्यागना यदि इतना कठिन है, तो सबकुछ त्यागकर ईश्वर के पास जाना कितना कठिन होगा ? भले ही ऐसा है, तब भी गुरुकृपा से यह बडी सहजता से साध्य होता है ।’
अध्यात्म विहीन विज्ञान का मूल्य शून्य है !
‘मानव को साधना एवं अध्यात्म सिखाए बिना वह ‘सुखी जीवन जी सके’, इसके लिए विविध उपकरण देनेवाले विज्ञान का मूल्य शून्य है ।’
– सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवले
Sri Mahakaleshwar Temple : मंदिर के पास ४७२ करोड रुपये की सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट) तथा ३०० करोड रुपये मूल्य का स्वर्ण-रजत !
Shri Rammandir Ayodhya : श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पद के लिए १८ जुलाई तक आवेदन आमंत्रित
Sassoon General Hospital Pune : पुणे के ‘ससून सर्वोपचार चिकित्सालय’ में ईसाई धर्म का प्रचार करनेवाले दंपति पर अपराध पंजीकृत ।
Chhattisgarh High Court : ‘हिन्दू एक गाली है, जिसका अर्थ चोर, डाकू, लुटेरा तथा गुलाम होता है’ ऐसा कहने वाले ईसाई संगठन के ११ लोगों के विरुद्ध प्रविष्ट अपराध निरस्त नहीं होगा ।
(और इनकी सुनिए…) ‘कुंकुम इस्लामी देशों से आता है, तो क्या फिर हिन्दु तिलक लगाना बंद कर देंगे ?’ – Priyank Kharge
आंध्रप्रदेश – उपद्रवी व्यक्ति ने शिवलिंग के सामने के दीप से सिगरेट जलाई।