मुख्यमंत्री ने संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज की चरणपादुकाओं का किया दर्शन !

राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भवानी पेठ के संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज के पालकी समारोह का अवलोकन कर संतश्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज की चरणपादुकाओं का मनोभाव से दर्शन किया ।

जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज की पालकी का भक्तिमय वातावरण में देहू से प्रस्थान !

इस वर्ष की वारी की एक अन्य विशेषता यह है कि जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज की पादुकाएं प्रथम बार नवनिर्मित रजत रथ में विराजमान होंगी ।

हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री से कठोर कार्रवाई की मांग !

जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज का सदेह वैकुंठगमन केवल एक भावनात्मक श्रद्धा नहीं है, अपितु यह घटना वारकरी परंपरा एवं संत साहित्य का पवित्र मूल (केंद्र बिंदु) है ।

(और इनकी सुनिए…) ‘ वर्तमान काल में वैकुंठगमन इत्यादि कहना मुझे स्वीकार्य नहीं है, यह विशिष्ट वर्ग द्वारा थोपी गई बातें हैं । ’- Sharad Pawar

जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज के वैकुंठगमन के विषय में शरद पवार का आपत्तिजनक वक्तव्य ।

आषाढी वारी में श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी, इसकी चिंता करें – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री

आषाढी वारी वारकरी संप्रदाय की श्रद्धा तथा महाराष्ट्र की सांस्कृतिक परंपरा का महत्वपूर्ण समारोह है । इस वर्ष की वारी में लाखों श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों के समन्वय से व्यापक नियोजन किया जाए ।

पंढरपुर के श्री विठ्ठल की मूर्तियों के रासायनिक विलेपन पर न्यायालय ने रोक लगाई !

वारकरी संगठन एवं मंदिर महासंघ द्वारा प्रविष्ट याचिका पर पंढरपुर के न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय !

Pandharpur Shri Vitthal-Rukmini : श्री विठ्ठल की मूर्ति को क्षति पहुंचने पर मंदिर समिति एवं पुरातत्व विभाग के विरुद्ध आपराधिक अभियोग प्रस्तुत (दाखल) करेंगे !

पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मूर्ति पर पुरातत्व विभाग द्वारा २३ तथा २४ जून को नियोजित रासायनिक वज्रलेपन प्रक्रिया का वारकरी संप्रदाय एवं महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने तीव्र विरोध किया है ।

विवादित ‘ईठ्ठला’ नाटक से संतों के नाम एवं आपत्ति जनक प्रसंग हटाईए।

वारकरी संप्रदाय, संत परंपरा एवं श्री विठ्ठल भक्ति का घोर अनादर करनेवाले तथा श्री विठ्ठल भक्तों को हिंसक दिखाने वाले ‘ईठ्ठला’, इस नाटक के विरोध में हिन्दू जनजागृति समिति, साथ ही वारकरी संप्रदाय द्वारा लडी जा रही लडाई को बडी सफलता मिली है ।

पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल मूर्ति पर रासायनिक लेपन करने का वारकरी संप्रदाय द्वारा तीव्र विरोध : रासायनिक लेपन के कारण मूर्ति की क्षति !

आज तक ३ बार रासायनिक प्रक्रिया द्वारा क्षरण को न्यून करने का प्रयास किया गया; किंतु रासायनिक लेपन निष्प्रभावी है तथा इससे मूर्ति की क्षति हो रही है । अतः किसी भी परिस्थिति में श्री विठ्ठल की मूर्ति पर रासायनिक लेपन न किया जाए, ऐसी दृढ मांग वारकरी संप्रदाय के प्रमुखों ने जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में की ।

Save Hindu Temple Lands : राजस्वमंत्री बावनकुले के साथ महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के शिष्टमंडल ने बैठक की

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ इस अधिनियम का कडा विरोध करता है । राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ सरकार है, इसलिए सरकार मंदिरों के हित में कानून लाए । जब तक मंदिरों की इनाम भूमियों की बिक्री के संबंध में प्रस्तावित कानून का प्रारूप निरस्त नहीं किया जाता, तब तक हम इस कानून का विरोध करते रहेंगे ।