पंढरपुर के श्री विठ्ठल की मूर्तियों के रासायनिक विलेपन पर न्यायालय ने रोक लगाई !

वारकरी संगठन एवं मंदिर महासंघ द्वारा प्रविष्ट याचिका पर पंढरपुर के न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय !

Pandharpur Shri Vitthal-Rukmini : श्री विठ्ठल की मूर्ति को क्षति पहुंचने पर मंदिर समिति एवं पुरातत्व विभाग के विरुद्ध आपराधिक अभियोग प्रस्तुत (दाखल) करेंगे !

पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मूर्ति पर पुरातत्व विभाग द्वारा २३ तथा २४ जून को नियोजित रासायनिक वज्रलेपन प्रक्रिया का वारकरी संप्रदाय एवं महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने तीव्र विरोध किया है ।

विवादित ‘ईठ्ठला’ नाटक से संतों के नाम एवं आपत्ति जनक प्रसंग हटाईए।

वारकरी संप्रदाय, संत परंपरा एवं श्री विठ्ठल भक्ति का घोर अनादर करनेवाले तथा श्री विठ्ठल भक्तों को हिंसक दिखाने वाले ‘ईठ्ठला’, इस नाटक के विरोध में हिन्दू जनजागृति समिति, साथ ही वारकरी संप्रदाय द्वारा लडी जा रही लडाई को बडी सफलता मिली है ।

पंढरपूर स्थित श्री विठ्ठल मूर्ति पर रासायनिक लेपन करने का वारकरी संप्रदाय द्वारा तीव्र विरोध : रासायनिक लेपन के कारण मूर्ति की क्षति !

आज तक ३ बार रासायनिक प्रक्रिया द्वारा क्षरण को न्यून करने का प्रयास किया गया; किंतु रासायनिक लेपन निष्प्रभावी है तथा इससे मूर्ति की क्षति हो रही है । अतः किसी भी परिस्थिति में श्री विठ्ठल की मूर्ति पर रासायनिक लेपन न किया जाए, ऐसी दृढ मांग वारकरी संप्रदाय के प्रमुखों ने जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में की ।

Save Hindu Temple Lands : राजस्वमंत्री बावनकुले के साथ महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के शिष्टमंडल ने बैठक की

महाराष्ट्र मंदिर महासंघ इस अधिनियम का कडा विरोध करता है । राज्य में हिन्दुत्वनिष्ठ सरकार है, इसलिए सरकार मंदिरों के हित में कानून लाए । जब तक मंदिरों की इनाम भूमियों की बिक्री के संबंध में प्रस्तावित कानून का प्रारूप निरस्त नहीं किया जाता, तब तक हम इस कानून का विरोध करते रहेंगे ।

Sanatan Prabhat Exclusive : महाराष्ट्र के तीर्थस्थलों की नदियां प्रदूषण के चंगुल में !

कोल्हापुर स्थित साढे तीन शक्तिपीठों में से एक श्री महालक्ष्मी देवी के शक्तिपीठ के पास बहने वाली पंचगंगा नदी, वारकरियों के लिए पवित्र मानी जानेवाली पंढरपुर की चंद्रभागा, आळंदी की इंद्रायणी, पुणे की मुळा-मुठा नदी तथा आगामी कुंभमेले के लिए प्रसिद्ध नाशिक की गोदावरी सहित राज्य के तीर्थस्थलों के पास की नदियां प्रदूषण की चपेट में हैं ।

वारकरी संप्रदाय के संत-महापुरुषों के बारे में लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले विकास लवांडे पर स्याही फेंकी गई ।

वारकरी संप्रदाय के संतों तथा महापुरुषों के विरुद्ध लगातार अपमानजनक वक्तव्य देने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता विकास लवांडे पर १० मई को लोणी काळभोर क्षेत्र में आक्रोशित हिन्दुओं ने स्याही फेंकी ।

‘धर्मांध’ ठहराए गए २० वारकरी कीर्तनकारों को ‘हिन्दू धर्मरक्षक’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा

कुछ दिन पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार दल के प्रवक्ता विकास लवांडे ने २० वारकरी कीर्तनकारों को, जो हिन्दुत्व का प्रचार करते हैं, इसलिए उन पर धर्मांध होने का आरोप लगाकर उनके नाम सार्वजनिक किए हैं ।

(और इनकी सुनिए…) ‘वारकरी संप्रदाय सनातन धर्म से अलग है !’ – Vikas Lavande NCP

राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार गुट के प्रवक्ता का बयान !
वारकरी संप्रदाय के २० ‘प्रतिगामी महाराजाओं’ के नाम किए घोषित !

श्री विठ्ठल की सरकारी पूजा करने से मना करनेवाले शरद पवार वारकरी संप्रदाय के विषय में न बोलें । – ह.भ.प. मारुति महाराज तुनतुने-शास्त्री

सहस्रों वर्षाें में हिन्दुओं पर अनेक आक्रांताओं ने आक्रमण किए, परंतु वारकरी संप्रदाय के संतों ने डच, पोर्तुगीज, अंग्रेज, मुसलमान नास्तिकतावादी इत्यादि लोगों का षड्यंत्र नाकाम करने का कार्य किया ।