भारतीय संस्कृति के उत्थान के लिए पूरा जीवन समर्पित करनेवाले बेंगलुरू (कर्नाटक) के पू. डॉ. शिवकुमार ओझाजी !
पू. डॉ. शिवकुमार ओझाजी विज्ञान के प्रसिद्ध शोधकर्ता होते हुए भी उन्होंने संस्कृत, हिन्दी, अध्यात्मशास्त्र एवं भारतीय संस्कृति के विषयों पर अनेक ग्रंथ लिखे हैं । उनके ग्रंथों में समाहित प्रत्येक पंक्ति अत्यंत महत्त्वपूर्ण है । इसके कारण वे ‘कलियुग के प्रथम वेदऋषि हैं’, इसका मुझे तीव्रता से बोध हुआ ।’