उत्तर प्रदेश आतंकवादविरोधी दल द्वारा बंदी

लक्ष्मणपुरी (उत्तर प्रदेश) – उत्तरप्रदेश आतंकवादविरोधी दल ने हिजबुल्ला अली खान (तुषार चौहान) एवं समीर खान इन दो आतंकवादियों को बंदी बनाया है । ये दोनों भी पाकिस्तान की गुप्तचर संस्था आई.एस.आई. (इन्टर सर्विसेस इन्टेलिजेन्स – अन्तरसेवा गुप्तचर यन्त्रणा) एवं पाकिस्तानी अपराधी के संपर्क में थे एवं देश के संवेदनशील स्थानों को लक्ष्य करने का षडयन्त्र रच रहे थे । दोनों भी सामाजिक माध्यमों द्वारा पाक के ‘हैंडलर्स’ (आतंकवादियों को आदेश देनेवाले) से जुडे हुए थे । वे भारत में आतंकवादी कार्यवाहियां करने के लिए ‘स्लीपर सेल’ (गुप्त पद्धति से आतंकवादियों की सहायता करनेवाले धर्मान्धों के स्थानीय गुट) का लक्ष्य पूर्ण करने की दिशा में कार्य कर रहे थे । हिन्दू तरुण तुषार धर्मान्तरण कर मुसलमान बन गया था ।
१. दोनों आतंकवादी ‘इन्स्टाग्राम’, ‘टेलिग्राम’ एवं ‘वीओआईपी’ के माध्यम से पाकिस्तानी अपराधी शहजाद भट्टी एवं उसके सहयोगियों के संपर्क में आए थे । हिजबुल्ला ने पूछताछ में बताया कि, सामाजिक माध्यमों पर वह धीरे-धीरे कट्टरतावादी विचारों से प्रभावित हुआ एवं इस्लाम का पालन करने लगा ।
२. शहजाद भट्टी ने नकली सामाजिक खातों द्वारा उससे संपर्क साधा । हिजबुल्ला को कुछ लोगों के घरों पर ग्रेनेड फेंकने के एवं उन्हें लक्ष्य कर उनकी हत्या करने का कार्य दिया गया था । इसके लिए उसे पहले ५० सहस्र रुपये एवं कार्य पूर्ण होने पर ढाई लाख रुपये देने का लालच दिखाया गया था । उसे शस्त्र उपलब्ध कराने एवं दुबई मार्ग से पाकिस्तान बुलाने का आश्वासन भी दिया गया था ।
३. दूसरी ओर समीर खान को ‘तहरीक-ए-तालिबान हिन्दुस्तान’ से जोडकर भित्तियां (पोस्टर) पर संगठन के नाम लिखने एवं नए लोगों को आतंकवादी जाल में सम्मिलित करने का उत्तरदायित्व दिया गया था । दोनों ने मिलकर समान लक्ष्यों का निरीक्षण भी आरम्भ किया था ।
मुंबई के जुहू समुद्र तट पर कचरे का साम्राज्य !
परात्पर गुरु डॉ. आठवलेजी अवतारी पुरुष हैं ! – जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य नरेंद्राचार्यजी
Waqf Board Scam : समाजवादी पार्टी के शासनकाल में ‘वक्फ बोर्ड’ की भूमि में अरबों रुपये का घोटाला ! — मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी
Gujarat ATS : भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा से पूर्व गुजरात में ५ आतंकवादियों को बंदी बनाया
Maharashtra ATS Raid : आतंकवाद विरोधी दस्ते की पुणे-पिंपरी चिंचवड में २३ से अधिक स्थानों पर छापेमारी !
वर्ष २०२२-२३ में मुंबई के ४ सहस्र ६३ वृक्ष कंक्रीटीकरण (काँक्रिटीकरण) से मुक्त, परंतु अभी भी वे प्रकार निरंतर जारी