केरल के ईसाई एवं इस्लामी विद्यालयों द्वारा ‘डार्विन थ्योरी’ पाठ्यक्रम का विरोध !
इससे सिद्ध होता है कि साम्यवादी सरकार को हिन्दुओं के मतों का कोईमूल्य नहीं । अब हिन्दुओं को संगठित होकर कम्युनिस्टों पर दबाव डालना चाहिए कि मुगलों का इतिहास दोबारा न पढाया जाए !