‘लव जिहाद’ के अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र के प्रकरण में १४ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत !

  • आगरा (उत्तर प्रदेश) की २ सगी बहनों के धर्मांतरण का प्रकरण

  • भारत के विभिन्न राज्यों में युवतियों को फंसाया जा रहा था प्यार के जाल में

  • इस्लामिक स्टेट से भी संबंध

आगरा (उत्तर प्रदेश) – यहां के सदर क्षेत्र की २ सगी बहनों के धर्मांतरण प्रकरण में बंदी बनाए गए १४ आरोपियों के विरुद्ध अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योत्स्ना सिंह ने अपहरण, धर्मांतरण और आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने जैसे गंभीर आरोप तय किए । आरोपियों ने इन आरोपों को निरस्त करते हुए अभियोग चलाने की मांग की । इस प्रकरण में अब ७ जुलाई से साक्षी (गवाही) प्रस्तुत करने की प्रक्रिया आरंभ होगी ।

क्या है प्रकरण ?

२४ मार्च २०२५ को दो सगी हिन्दू बहनें घर से लापता हो गईं । दोनों को कोलकाता ले जाकर उनका धर्मांतरण कराए जाने की जानकारी पुलिस को मिली । पुलिस टीम ने ६ राज्यों से २ युवतियों सहित १४ आरोपियों को हिरासत में लिया । जांच से सामने आया कि, धर्मांतरण करानेवाले इस गिरोह (टोली) की जडें अमेरिका, कनाडा सहित कई देशों में फैली हुई हैं ।

पीडिता की ‘एके-४७’ राइफल के साथ तस्वीर आई सामने !

पुलिस को इस गिरोह के इस्लामिक स्टेट से संबंध होने के प्रमाण भी मिले । आरोपी भारत के विभिन्न राज्यों में अल्प आयु की लडकियों को प्यार के जाल में फंसाकर, लव जिहाद और अन्य तरीकों से प्रभावित करके उनका धर्मांतरण करते थे । बंदी बनाए गए आरोपियों में सम्मिलित एक पीडिता की तस्वीर सामने आई । इसमें वह धर्मांतरण के बाद ‘एके-४७’ राइफल के साथ दिख रही है ।

इन १४ लोगों के विरुद्ध है आरोप पत्र !

एस.बी. कृष्णा उर्फ आयशा, रिथ बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम, उशामा खान, शेखर रय उर्फ हसन अली, जुनैद कुरैशी, अबू तालिब, मोहम्मद रहमान कुरैशी, अब्दुर रहमान, मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार, मनोज कनौजिया उर्फ मुस्तफा, अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह, जुनैद कुरैशी (द्वितीय), अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला ।

संपादकीय भूमिका

काफिरों से लव जिहाद और धर्मांतरण करना, यह इस्लाम में ‘पाक’, *अर्थात पवित्र कार्य है । इसलिए जब तक देश में कठोर समान नागरिक कानून लागू नहीं होता, तब तक यह ऐसे ही चलता रहेगा और एक दिन आएगा, जब शरीयत ही इस हिन्दू बहुल देश का संविधान बन जाएगी । इसीलिए यदि ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ इंडिया’ नहीं होने देना है, तो हिन्दू राष्ट्र स्थापित करें !