सर्वाेत्तम शिक्षा क्या है ?

आधुनिक शिक्षा प्रत्यक्ष ज्ञान और परोक्ष ज्ञान पर ही आधारित होकर अपने ज्ञान को सीमित कर लेती है । अंतःकरण की वृत्तियां भी ज्ञान का प्रतिपादक होती हैं । ज्ञान, चार प्रकार का होता है – प्रत्यक्ष परोक्ष, अपरोक्ष और साक्षात अपरोक्ष ।

 ‘जे.एन.यू.’ के बाद अब दिल्ली विद्यापीठ को भी अपने अधिकार में लेने का साम्यवादियों की ओर से ‘मार्क्स (अंक) जिहाद’ का षडयंत्र !

दिल्ली विद्यापीठ के प्रा. राकेश कुमार पांडे के गंभीर आरोप

विद्यालय की महिला कर्मचारियों के कारण पुरुषों को सिर दर्द रोकने के लिए गोली लेनी पडती है ! – राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा

राजस्थान में काँग्रेस का राज्य है और काँग्रेस की अध्यक्ष एक महिला है, प्रियंका वाड्रा मुख्य सचिव हैं । उन्हे यह विधान स्वीकार है क्या ? ‘इन दोनों के कारण काँग्रेस के पुरूषों को सिर दर्द हुआ है क्या ?’, ऐसा किसी के पूछने पर आश्चर्य ना लगे !

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए अब एम्.ए. (वेदिक) उपाधि प्राप्त करने का अवसर !

इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय का प्रशंसनीय कार्य ! भारत की वैभवशाली संस्कृति में वेदों का अत्यंत महत्त्व है । इसलिए भारत के प्रत्येक विश्वविद्यालय को छात्रों को वेद की शिक्षा देने का निर्णय लेना आवश्यक !

मध्य प्रदेश में कला विभाग के पाठ्यक्रम में रामचरितमानस, महाभारत, योग, ध्यान आदि पढाया जाएगा !

राज्य की ‘शिक्षा नीति २०२०’ के अंतर्गत महाविद्यालय के पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया गया है । कला विभाग के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को महाभारत, रामचरितमानस, योग और ध्यान के विषय में पढाया जाएगा ।

सर्वाेत्तम शिक्षा क्या है ?

कोई मनुष्य यदि किसी को कुछ देता है या सिखाता है, तो देनेवाले या सिखलानेवाले के प्रति नमन व श्रद्धा होना एक स्वाभाविक प्रकृतिप्रदत्त प्रक्रिया है । यह नमन व श्रद्धा कितनी प्रगाढ होगी यह शिष्य और शिक्षक, दोनों के गुणों पर निर्भर करता है ।

‘इग्नू’ में ज्योतिष पाठ्यक्रम के विरोध की पृष्ठभूमि पर हिन्दू जनजागृति समिति ने की राज्यपाल से भेंट !

ज्योतिषशास्त्र पूरे विश्व में पढाया जाता है । न्यायालय द्वारा ज्योतिषशास्त्र की सत्यता स्वीकारी जाने पर कौन उसका विरोध कर सकता है ? आप अपना कार्य आरंभ रखिए ।

सर्वाेत्तम शिक्षा क्या है ?

भौतिक साधनसुविधा अखंड सुख न देते हुए क्षणभंगुर सुख देती हैं और अपनी स्वाभाविक इच्छा ‘अखंड सुख (आनंद) मिले’, होने से भारतीय संस्कृति के दृष्टिकोण से बारंबार आनेवाला सुख भी अंत में दुःखरूप ही होता है ।

हरियाणा में, छठी से दसवीं कक्षा के छात्रों के इतिहास के पाठ्यक्रम में सरस्वती नदी समावेश होगा !

हरियाणा के भाजपा सरकार का बधाई के पात्र निर्णय ! हिन्दू अपेक्षा करते हैं कि, छात्रों को सरस्वती नदी एवं कुरुक्षेत्र का आध्यात्मिक महत्व भी सिखाया जाएगा !

अमेरिका एवं कनाडा के १५० हिन्दू संगठनों ने ‘ग्लोबल डिस्मेंटलिंग हिन्दुत्व’ सम्मेलन का विरोध किया !

कहां हिन्दू-विरोधी कार्यक्रमों के विरुद्ध तत्परता से संगठित होकर सक्रिय होने वाले विदेश के हिन्दू और कहां हाथ पर हाथ धरे चुप बैठने वाले भारत के साधारण हिन्दू ?