Pune Mahatma Phule Wada : ‘महात्मा फुले वाडा’ के परिसर में वटपूजन पर लगाया गया प्रतिबंध वापस !

  • प्रतिबंध लगानेवाले अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी ? - रमेश शिंदे

  • हिन्दू जनजागृति समिति सहित हिन्दुत्वनिष्ठ संगठनों की धर्मलडाई को मिली बडी सफलता !

पुणे का ऐतिहासिक ‘महात्मा फुले वाडा’

पुणे – पुणे के ऐतिहासिक ‘महात्मा फुले वाडा’ के परिसर में वटवृक्ष के पूजन पर पुरातत्व विभाग द्वारा लगाया गया प्रतिबंध सरकार ने वापस ले लिया । हिन्दू जनजागृति समिति, राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति, हिन्दू राष्ट्र समन्वय समिति, सुराज्य अभियान और रणरागिणी शाखा के प्रतिनिधिमंडल ने पुरातत्व विभाग, पुलिस प्रशासन और पुणे महानगरपालिका के आयुक्त को ज्ञापन देकर यह प्रतिबंध तुरंत हटाने की मांग की थी । इन संगठित प्रयासों के कारण बडी सफलता मिली है और प्रशासन को झुकना पडा है ।

पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक का पुलिस को पत्र !

हिन्दुत्वनिष्ठों के आंदोलन और मांगों को संज्ञान में लेते हुए पुरातत्व और वस्तु संग्रहालय निदेशालय के सहायक निदेशक डॉ. विलास वहाणे ने खडक पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र भेजा है । इसमें उन्होंने कहा है कि, महात्मा फुले वाडा स्मारक राज्य संरक्षित घोषित होने से पहले के समय से चली आ रही परंपराओं और रीति-रिवाजों की वर्तमान स्थिति को कायम रखा जाए । वटपूर्णिमा के दिन कानून और व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए ।

हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री. रमेश शिंदे ने कहा कि,

श्री. रमेश शिंदे

१. प्रतिबंध का यह प्रकार यानी हिन्दू महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता पर और संविधान द्वारा दिए गए मौलिक अधिकारों पर आघात है ।

२. इस वटवृक्ष के स्थान पर वटसावित्री व्रत का आरंभ पारंपरिक पूजन बंद करने का तुगलकी आदेश पुरातत्व विभाग ने दिया था । हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा किए गए विरोध और अधिवक्ताओं (वकीलों) द्वारा दिए गए कानूनी नोटिस के कारण उन्हें लोकतंत्र का अनुभव हुआ और ‘भारत में धार्मिक स्वतंत्रता है’, यह स्वीकार करके उन्होंने तुगलकी आदेश वापस ले लिया ।

३. फडणवीस सरकार का इसके लिए अभिनंदन; परंतु इस प्रकरण में सरकार से मांग है कि हिन्दुओं को बिना कारण परेशान करने का प्रयास करनेवाले, साथ ही पुरातत्व विभाग के संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करके उन्हें यह अनुभव कराया जाए कि वर्तमान में महाराष्ट्र में ऐसा तुगलकी कारोबार नहीं चलेगा ।
इस सफलता के उपरांत समिति के श्री. रमेश शिंदे ने आह्वान किया कि, अधिक से अधिक हिन्दू महिलाएं महात्मा फुले वाडा में एकत्र होकर उत्साह के साथ वटवृक्ष का पूजन करें और अपनी धार्मिक परंपरा को संभालकर इस विजय का आनंद मनाएं ।

  • वटवृक्ष पूजन पर प्रतिबंध लगानेवाला पुरातत्व विभाग का निर्णय निरस्त (रद्द) करें !

  • ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’ ने की थी ज्ञापन द्वारा मांग

पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक विलास वाहणे को ज्ञापन देते हुए ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’ के सभी अधिवक्ता

पुणे – गंज पेठ स्थित ऐतिहासिक ‘महात्मा फुले वाडा’ स्मारक के परिसर में वटवृक्ष के पूजन पर पुरातत्व विभाग द्वारा लगाया गया प्रतिबंध हिन्दू महिलाओं की धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात है । इस अन्यायपूर्ण निर्णय के विरोध में ‘राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति’ के प्रतिनिधिमंडल ने पुरातत्व विभाग और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन देकर यह प्रतिबंध तुरंत हटाने की मांग की । इस विषय का ज्ञापन महाराष्ट्र राज्य पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक विलास वाहणे को दिया गया । इस समय समिति के प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।