NCERT Book Row : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तक पर प्रतिबंध
पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार के विषय में अध्याय का प्रकरण
पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार के विषय में अध्याय का प्रकरण
एन.सी.ई.आर.टी. (NCERT) की पुस्तक में न्यायपालिका के भ्रष्टाचार पर प्रकरण से मुख्य न्यायाधीश क्रोधित !
राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के (NCERT) ‘सी.बी.एस्.ई.’के (CBI) पाठ्यक्रम में पहले छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास केवल ६८ शब्दों में रखा गया था ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने कहा था कि एन.सी.ई.आर.टी. ने इतिहास की पुस्तकों में कुछ बदलाव किए हैं तथा अब मुगल बादशाह अकबर या मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम के आगे ‘ महान’ शब्द नहीं रहेगा ।
इन प्रकरणों में कहा गया है कि मोहम्मद अली जिना ने विभाजन की मांग की, कांग्रेस ने इसे स्वीकार किया तथा व्हॉइसरॉय माउंट बैटन ने इसे कार्रवाई में लाया ।
इतिहास के विषय में दिशाभ्रम करनेवाली घटना का लगाया आरोप
यह इतिहास का ‘भगवाकरण’ नहीं है, अपितु इतिहास के ‘हरित करण’ को हटाकर वास्तविक इतिहास प्रतिष्ठित करने का प्रयास है । यह तो प्रारंभ है, अभी बहुत कुछ करना शेष है !
पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने वर्तमान में एक पोस्ट में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने बंगाल पर आक्रमण किया था । यह विवादास्पद वक्तव्य केंद्र सरकार द्वारा एन. सी. ई. आर. टी. की पाठ्यपुस्तकों में मुगलों की क्रूरता का वास्तविक चित्र प्रस्तुत करने के निर्णय के पश्चात सामने आया ।
एन.सी.ई.आर.टी. की कक्षा आठवीं की समाजशास्त्र पुस्तक में मुगलों के क्रूरता का इतिहास सम्मिलित किया गया है, साथ ही मराठा एवं सिख राजाओं की भी जानकारी विस्तृत रूप से दी गई है ।
आक्रांताओं का महिमामंडन करनेवाला इतिहास मिटाकर युवा पीढी को हिन्दू राजाओं के शौर्य के पाठ पढाने आवश्यक हैं । हिन्दू विधिज्ञ परिषद द्वारा की गई इस मांग के लिए उनका अभिनंदन !!