(एन.सी.ई.आर.टी. यानी नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद)
नई दिल्ली – ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ ने पहली बार कक्षा ९वीं की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में वर्ष १९७५-७७ के आपातकाल की जानकारी को समाहित किया है । परिषद के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है । ‘अंडरस्टैंडिंग सोसाइटी : इंडिया एंड बियॉन्ड’ इस नई पुस्तक में इसे समाहित किया गया है । इसमें आपातकाल का ‘भारतीय लोकतंत्र के सामने सबसे बडी चुनौतियों में से एक’, ऐसा वर्णन किया गया है ।
NCERT includes information on the 1975 Emergency in its new Class 9 textbook ‘Understanding Society: India and Beyond’.
The textbook describes the Emergency as "one of the greatest challenges to Indian democracy."
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— Sanatan Prabhat (@SanatanPrabhat) June 25, 2026
आपातकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढा और लोगों की स्वतंत्रता सीमित हुई !
इस पुस्तक में लिखा है कि, १९७० के दशक के आरंभ में इंदिरा गांधी सरकार के विरुद्ध लोगों में असंतोष (अप्रसन्नता) बढ रहा था । बेरोजगारी, महंगाई और कुप्रबंधन के आरोपों के कारण कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए । उसके उपरांत जून १९७५ में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया गया । इस अवधि (काल) में अधिकांश मौलिक अधिकार निलंबित (रहित) कर दिए गए, समाचार पत्रों पर प्रतिबंध लगा दिए गए और कई राजनीतिक नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को बंदी बनाया गया । इस दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढा और लोगों की स्वतंत्रता सीमित हुई ।
जयप्रकाश नारायण के आंदोलन का भी उल्लेख !
पुस्तक में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के बारे में कहा गया है कि, उन्होंने छात्रों और आम लोगों को संगठित किया तथा बिहार, साथ ही गुजरात राज्यों में बडा जनआंदोलन खडा किया । वर्ष १९७७ में आपातकाल समाप्त होने के उपरांत आम चुनाव कराए गए । जनता ने मतदान के माध्यम से अपना मत व्यक्त किया और सत्ताधारी सरकार चुनाव हार गई ।
लोकतंत्र के सामने अन्य चुनौतियां भी सम्मिलित !
आपातकाल के अतिरिक्त पुस्तक में लोकतंत्र के सामने उपस्थित अन्य चुनौतियों पर भी चर्चा की गई है । इसमें ‘फेक न्यूज’, गलत जानकारी, सार्वजनिक संपत्ति को हानि, नियमों का उल्लंघन, गरीबी, क्षेत्रीयता, सामाजिक भेदभाव और लैंगिक असमानता समाहित हैं । ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ ने पहली बार ‘डेमोक्रेसी एंड यू’ नाम का एक नया खंड (विभाग) भी जोडा है । इसका उद्देश्य छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका समझाना है ।

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‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की पाठ्यपुस्तक में मराठा साम्राज्य का इतिहास पुनः सम्मिलित करने के लिए केंद्र सरकार से विचार विमर्श निरंतर हो रहा – दादा भुसे, स्कूली शिक्षा मंत्री आवश्यक सामग्री केंद्र शासन को प्रस्तुत ।
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