विधान परिषद कार्यप्रणाली तारांकित प्रश्न
(एन.सी.ई.आर.टी. अर्थात राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान तथा प्रशिक्षण परिषद)

मुंबई – राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (‘एन.सी.ई.आर.टी.’ ) की कक्षा ८ वीं की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से मराठा साम्राज्य का मानचित्र तथा छत्रपति शिवाजी महाराज से संबंधित ऐतिहासिक संदर्भ हटा दिए गए थे । यह देदीप्यमान इतिहास पुनः सम्मिलित करने के लिए राज्य शासन केंद्र सरकार से निरंतर विचार विमर्श कर रहा है, ऐसी सूचना स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधान परिषद में तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में दी ।
इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए मंत्री भुसे ने कहा कि, ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ द्वारा जुलाई २०२५ में प्रकाशित अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तक से मराठा साम्राज्य का विस्तार दर्शाने वाला मानचित्र तथा छत्रपति शिवाजी महाराज के विषय में संदर्भ हटाए जाने की बात संज्ञान में आई है । इससे पूर्व हिंदी एवं उर्दू माध्यमों की पुस्तकों से भी यह मानचित्र हटा दिया गया था । इस कृत्य के कारण शिवप्रेमियों तथा इतिहासप्रेमियों में तीव्र रोष व्यक्त हो रहा है तथा सातारा में इसके विरोध में विशाल मोर्चा भी निकाला गया था ।
राज्य शासन ने ९ मार्च को नई दिल्ली स्थित ‘एन.सी.ई.आर. टी.’ को पत्र भेजकर इस विषय में निवेदन किया है । पाठ्यपुस्तक में मराठा साम्राज्य का गौरवशाली इतिहास सम्मिलित करने के लिए आवश्यक सामग्री शासन ने ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ के पास प्रेषित की है । छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म, बाल्यकाल, स्वराज्य स्थापना, महाराज की युद्धनीति (गुरिल्ला युद्ध), दुर्ग, प्रशासन, राज्याभिषेक तथा महाराज के पश्चात का मराठों का देदीप्यमान इतिहास, इन सभी सूत्रों का पाठ्यपुस्तक में समावेश हो, इसके लिए शासन दृढ़ संकल्पित है ।
इस संदर्भ में संपूर्ण प्रक्रिया ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ के दिल्ली कार्यालय की ओर से संचालित होने के कारण राज्य शासन केंद्र सरकार से इस विषय में सतत संपर्क बनाए हुए है, ऐसा भी मंत्री भुसे ने अंत में स्पष्ट किया ।

आषाढी वारी में श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होगी, इसकी चिंता करें – देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री
NCERT Introduces Emergency : ‘एन.सी.ई.आर.टी.’ की कक्षा ९वीं की पुस्तक में आपातकाल (इमरजेंन्सी) की जानकारी समाहित
‘लव जिहाद’ के अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र के प्रकरण में १४ लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र प्रस्तुत !
धर्म छिपाकर विवाह करने से भले ही वह अवैध ठहरा, फिर भी पीडिता को गुजारा भत्ता (पोटगी) पाने का अधिकार ! – Madhya Pradesh High Court
पासपोर्ट (Passport) से नागरिकता सिद्ध नहीं होती : Central Goverment
Suhail Arrested : श्रीराम मंदिर को बम से उडाने का षड्यंत्र रचने वाले सुहेल को कर्नाटक से बंदी बनाया गया